इंदौर
प्रदेश के सबसे बड़े इंदौर के महाराजा यशवंत राव होल्कर (एमवायएच) अस्पताल में घोर लापरवाही सामने आई है। गुरुवार को अस्पताल के पीछे तीन घंटे तक कोरोना संक्रमितों के 5 शव एम्बुलेंस में लावारिस हालत में पड़े रहे। गाड़ियों के कांच खुले थे। आसपास देखने वाला कोई नहीं था। मीडिया के आने के बाद शवों को रवाना किया गया।
सुबह करीब 7 बजे पांच एम्बुलेंस में पांच शव अस्पताल लाए गए। बताया गया कि ये सभी शव कोराना संक्रमितों के थे। जानकारी के अनुसार ये शव एमटीएच और सुपर स्पेशियलिटी से लाए गए थे, लेकिन यहां शव लावारिस हालत में पड़े थे। सभी शव इंदौर के थे। ठेकेदार अफसर खान ने बताया कि एमवाय में सीएमओ के यहां कागजी कार्यवाही में देरी होने से समय लगा।
संक्रमण फैलने का डर
सूचना पर पहुंचे संवाददाता ने देखा, तो यहां कोई नहीं था। गाड़ियों के कांच भी खुले थे। अंदर कोई ड्राइवर या आसपास भी कोई नहीं था। ये शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जाने थे। हालांकि शव पूरी तरह पैक थे। आशंका है कि इस तरह लावारिस पड़ा होने से किसी और के भी संक्रमित होने की आशंका थी। इसके बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया।
मीडिया आने के बाद ले गए
मीडिया के पहुंचने के बाद आनन-फानन में शव यहां से शमशान घाट अंतिम संस्कार के लिए ले जाए गए। कोरोना गाइडलाइन के अनुसार संक्रमित मरीज की यदि मृत्यु होती है, तो उसे अस्पताल से तुरंत श्मशान ले जाए जाता। यहां अंतिम संस्कार किया जाता है।
मंत्री बोले- जानकारी ले रहा हूं
घटना की जानकारी के बाद मंत्री तुलसी सिलावट से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि मैं जानकारी ले रहा हूं।
अधीक्षक से बात करूंगा
मामले में एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन संजय दीक्षित का कहना था कि वह इस मामले में एमवाय अधीक्षक पीएस ठाकुर से बात करेंगे। ,
90 दिन में कई गुना बढ़ गए केस
वर्ष 2021 की शुरुआत में रोज 12 से 24 मामले कोरोना के सामने आ रहे थे। जनवरी काम में जहा संख्या कुछ ही थी, वो मार्च में बढ़कर 900 के आसपास आ गई। अगले सप्ताह तक आंकड़ा एक हजार पार होने की आशंका है। 7 अप्रैल की बुलेटिन के अनुसार इंदौर में 898 नए मामले सामने आए। 5603 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। 3229 रैपिड टेस्टिंग सैंपल प्राप्त किए गए थे। इंदौर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 75,793 हो गई है। वहीं रिपीट पॉजिटिव सैंपल की संख्या 16 है। अब तक कुल 985 मरीजों की मौत हो चुकी है।





