आईपीएल 2026 का मिनी-ऑक्शन एक बार फिर युवा और अप्रमाणित भारतीय प्रतिभा यानी ‘अनकैप्ड खिलाड़ियों’ के लिए बड़ा मंच साबित हुआ। जहां एक ओर कैमरून ग्रीन जैसे विदेशी दिग्गजों पर रिकॉर्ड तोड़ बोली लगी, वहीं दूसरी ओर घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले भारतीय अनकैप्ड खिलाड़ियों ने सभी को चौंकाते हुए इतिहास रच दिया। यह नीलामी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि फ्रेंचाइजियां अब तात्कालिक प्रदर्शन के साथ-साथ भविष्य के भारतीय कोर को मजबूत करने के लिए भी बड़े दांव लगा रही हैं। 30 लाख के आधार मूल्य वाले कई खिलाड़ियों ने उम्मीद से कहीं ज्यादा कीमत हासिल की, और दो खिलाड़ियों ने तो आईपीएल इतिहास में सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी होने का संयुक्त रिकॉर्ड भी बना दिया। ऐसे ही 5 खिलाड़ियों की बात हम आगे करने वाले हैं।
प्रशांत वीर- 14.20 करोड़ (चेन्नई सुपर किंग्स)

उत्तर प्रदेश के युवा ऑलराउंडर प्रशांत वीर इस ऑक्शन के सबसे बड़े आश्चर्य और सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बनकर उभरे। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें खरीदने के लिए 14.20 करोड़ की रिकॉर्ड-तोड़ कीमत चुकाई। वीर एक बाएं हाथ के बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ-ब्रेक स्पिनर हैं, और उनकी ऑलराउंड क्षमता ने ही CSK को आकर्षित किया। घरेलू टी20 सर्किट में उनके लगातार बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें एक ‘गेम चेंजर’ के रूप में स्थापित किया।
कार्तिक शर्मा- 14.20 करोड़ (चेन्नई सुपर किंग्स)

प्रशांत वीर के ठीक बाद, राजस्थान के विकेटकीपर-बल्लेबाज कार्तिक शर्मा ने भी ऑक्शन में सनसनी मचा दी। चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें भी 14.20 करोड़ में खरीदकर इतिहास रच दिया, जिससे वह प्रशांत वीर के साथ संयुक्त रूप से आईपीएल के इतिहास में सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए। कार्तिक की मुख्य ताकत उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और निचले क्रम में पारी को तेजी से खत्म करने की क्षमता है। साथ ही, विकेटकीपिंग विकल्प के रूप में उनकी दोहरी भूमिका ने उनकी मांग को बढ़ाया।
आकिब नबी डार- 8.40 करोड़ (दिल्ली कैपिटल्स)

जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार ने एक बार फिर साबित कर दिया कि घरेलू क्रिकेट की निरंतरता का फल आईपीएल में जरूर मिलता है। दिल्ली कैपिटल्स ने 8.40 करोड़ की बड़ी रकम खर्च कर उन्हें अपने साथ जोड़ा। आकिब की सफलता का मुख्य कारण उनका शानदार प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड और टी20 में नई गेंद को स्विंग कराने की क्षमता है। वह भारतीय तेज गेंदबाजी विभाग को गहराई प्रदान करते हैं और दिल्ली कैपिटल्स को एक ऐसा मजबूत बैकअप मिला है जो मुख्य खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में भी प्रभाव डाल सकता है।
मंगेश यादव- 5.20 करोड़ (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु)

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मध्य प्रदेश के तेज गेंदबाज मंगेश यादव पर 5.20 करोड़ का बड़ा दांव लगाया। मंगेश, जो घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छी गति से गेंदबाजी करते रहे हैं, आरसीबी की तेज गेंदबाजी यूनिट में एक महत्वपूर्ण भारतीय बैकअप विकल्प के रूप में शामिल हुए हैं। आरसीबी ने उन्हें खरीदकर अपनी तेज गेंदबाजी इकाई में भारतीय विकल्पों की कमी को दूर करने का प्रयास किया है, जो उन्हें विदेशी खिलाड़ियों को अन्य स्लॉट में उपयोग करने की छूट देगा।
तेजस्वी सिंह- 3 करोड़ रुपये (केकेआर)

दिल्ली से आने वाले इस 23 वर्षीय अनकैप्ड खिलाड़ी का बेस प्राइस केवल 30 लाख रुपये था, लेकिन मुंबई इंडियंस और राजस्थान रॉयल्स के साथ कड़ी बोली-प्रक्रिया के बाद केकेआर ने उन्हें उनकी बेस प्राइस से 10 गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा। वह दिल्ली प्रीमियर लीग में शानदार प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं, जहां उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 190 से अधिक के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले खिलाड़ी भी थे।





