उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए कैंडिडेट सीपी राधाकृष्णन की जीत के बाद एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने बड़ा बम फोड़ा है। निरुपम ने कहा है कि उद्धव ठाकरे के पांच सांसदों ने उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस वोटिंग की। मुंबई के प्रेस कांफ्रेंस में निरुपम ने कहा है कि इंडिया ब्लॉक के 16 सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार को वोट किया। इसमें उद्धव ठाकरे की पार्टी के पांच एमपी शामिल हैं। संजय निरुपम ने यह भी दावा किया है कि शरद पवार की पार्टी के सांसदों ने भी सीपी राधाकृष्णन का समर्थन किया। इससे उनकी बड़ी जीत सुनिश्चित हुई। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना यूबीटी के पास कुल 11 वोट थे। उसके पास नौ लोकसभा सदस्य और दो राज्यसभा सदस्य है। दो राज्यसभा सदस्यों में प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत शामिल हैं।
फडणवीस ने मांगा था समर्थन
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के एनडीए कैंडिडेट बनने पर विपक्ष से समर्थन मांगा था। चुनाव प्रचार के दौरान विपक्ष के कैंडिडेट बी सुदर्शन रेड्डी उद्धव ठाकरे के निवास स्थान मातोश्री भी पहुंचे थे। गौरतलब हो कि 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति चुनाव के वोट डाले गए थे। मतों की गिनती में सीपी राधाकृष्णन को 452 वोट मिले जब इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 300 वोट मिले। ऐसे में राधाकृष्णन 152 वोट से विजयी हुए थे। फडणवीस के समर्थन मांगने पर शरद पवार ने इनकार कर दिया था।
NDA एकजुट, INDIA ब्लॉक बिखरा
उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया ब्लॉक के कैंडिडेट को कम वोट मिलने पर संजय निरुपम ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने यह साफ कर दिया कि इंडिया ब्लॉक पूरी तरह से बिखरा हुआ है और एनडीए एकजुट है। उन्होंने कहा कि इसी का नतीजा है कि एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़े अंतर से जीत मिली। अब इंडिया गठबंधन वोट चोरी या ईवीएम में गड़बड़ी का बहाना नहीं बना सकता। संजय निरुपम ने आगे कहा कि यह चुनाव पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न हुआ है। उन्होंने संजय राउत के उस बयान पर नाराजगी जाहिर की, जिसमें शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सांसद ने कहा था कि जो नेपाल में हुआ, वह भारत में भी हो सकता है।





