(राजेन्द्र के गुप्ता 9827070242)
जांच अधिकारी की जांच रिपोर्ट की दो महीने से जांच जारी
सदन को अधूरी और भ्रामक जानकारी दी, विधायकगण करेंगे शिकायत
*इंदौर में हुआ MP का सबसे बड़ा आबकारी घोटाला, फर्जीवाड़ा 10 साल में जांच पूर्ण नहीं कर पाए काबिल अफसर, कैसे रुकेंगे घोटाले ?
मुख्य आरोपी वो जो दस्तावेजों में है ही नहीं, सभी आरोपियों को सजा से बचाने की साजिश
जवाब में बताया अंश और राजू दशवंत का स्वीकृत नौकरनामा और अनुबंध नहीं, ना ही दस्तावेजों पर नाम
जबलपुर की तरह दुकान, दुकान जा कर जांच करने वाले अफसर के ही आदमी तो नहीं ?
जांच अधिकारी कानून के अनुसार या अपने विवेक से निर्णय लेता है ? फिर कानून किस काम का ?
मासिक तौजी सत्यापन की जिम्मेदारी किस अधिकारी की सदन को नहीं बताया किंतु दस्तावेज बता रहे है
घोटाले की राशि रु.—68,8004,557 में से बकाया रु.—46,63,98,125/— की वसूली के लिए RRC और संजीव दुबे को अतिरिक्त आरोप पत्र जारी
भोपाल और सागर में गारंटी लेट जमा की, एक दिन लेट होने के कारण दोषी अफसर पर कार्यवाही नहीं की
ओव्हर रेट की सबसे ज्यादा शिकायतें जबलपुर 1041, भोपाल 557, पन्ना 736, रतलाम 419, सतना 404, अनूपपुर 380, शिवपुरी 328, भिंड 297, अशोकनगर 290, बालाघाट 258, सागर 242, सिंगरौली 183 शिकायतें हुई, लाइसेंसियों पर कार्यवाही की गई
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