अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

जीवन पथ

Share

डॉ.राजीव डोगरा

तुम अपने पथ को
सुपथ करते जाओ
जीवन में जय पराजय
तो चली रहती हैँ।

तुम स्वयं के लिए
मार्ग सुगम बनाते जाओ
जीवन में कठिन
डगर तो आते रहते हैं।

तुम हार कर भी
ज़रा जीतना सीखो
लोग दुनिया जीत कर भी
स्वयं से हार जाते हैँ।

तुम जीवन रथ पर
चढ़कर दौड़ना सीखो
लोग तो पथ पर कांटे
कहीं ना कहीं बिछाते रहेेंगे।

डॉ.राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
पता-गांव जनयानकड़
पिन कोड -176038
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

Ramswaroop Mantri

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें