साल 1998 के आम चुनावों में लखनऊ सीट से मुज़फ़्फ़र अली ने अटल बिहारी वाजपेयी को चुनौती दी थी.
लेकिन वो हार गए. हालांकि, इसके बाद सियासत में वो दोबारा नहीं दिखे.
उमराव जान जैसी शानदार फ़िल्में बनाने वाले अली आजकल की फ़िल्मों पर पहले तो राय ही नहीं देते और देते हैं तो मौजूदा फ़िल्मकारों को बहकावे में बहने वाला बता देते हैं.
मुज़फ़्फ़र अली के शुरुआती दिनों, उनकी पेंटिंग के रंगों, गमन और उमराव जान जैसी फ़िल्मों, उर्दू से मोहब्बत और अलीगढ़ के पुराने दिनों पर बीबीसी के इक़बाल अहमद ने उनसे बातचीत की.





