दुनिया के सबसे ताकवर रीजन यूरोपियन यूनियन को भारत के जवाब का स्वाद चखा दिया है। हम बात नायरा एनर्जी और भारत के उस पलटवार की बात कर रहे हैं जिसने यूरोप, ईयू को सोचने पर मजबूर कर दिया है। आपको 18 जुलाई 2025 की तारीख तो याद ही होगी जब यूरोपीय यूनियन ने अपना 18वां प्रतिबंध पैकेज रूस के खिलाफ जारी किया था। इसमें खास तौर पर रूसी क्रूड ऑयल को टारगेट किया गया। लेकिन अबकी बार ईयू ने नया पैंतरा अपनाया और कहा गया कि अगर रूस का तेल किसी तीसरे देश में रिफाइन हो रहा है और फिर ईयू भेजा जा रहा है तो वो भी प्रतिबंध की श्रेणी में आएगा और इसी आधार पर उन्होंने भारत की नायरा एनर्जी को निशाना बनाया। ईयू का दावा है कि नायरा एनर्जी रूसी क्रूड प्रोसेसेज करती है। लेकिन हकीकत तो ये है कि भारत एक स्वतंत्र, संप्रभु राष्ट्र है और उसका तेल खरीदना नीतिगत अधिकार है। नायरा सिर्फ घरेलू जरूरतों के लिए क्रूड आयात करती है। न कि यूरोप को सप्लाई करती है। ईयू ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को कोलैट्रल डैमेज की तरह ट्रीट किया। ईयू का प्रतिबंध वैसे तो जनवरी 2026 से लागू होगा लेकिन भारत ने अभी से पलटवार शुरू कर दिया है। ईयू को लगता था कि भारत सिर्फ विरोध दर्ज करवाकर बैठ जाएगा। लेकिन नायरा एनर्जी ने ऐसा दांव चला है कि जिसकी कल्पना भी यूरोपिय संघ नहीं कर सकता है। नायरा ने नॉफ्ता कार्गो का एक एक्सपोर्ट टेंडर निकाला। ये कार्गो 35 हजार मीट्रिक टन का था। जिसे ईयू के एक देश को भेजा जाना था। लेकिन टेंडर में नायरा ने दो शर्तें रख दी। या तो एडवांस पेमेंट करो या फिर लीटर ऑफ क्रेडिट यानी एल सी दो वरना माल नहीं भेजेंगे।
नायरा एनर्जी वही कंपनी है पहले जिसे इजर ऑयल के नाम से जाना जाता था। नायरा एनर्जी गुजरात के वाडीनार में 2 करोड़ टन प्रति वर्ष क्षमता वाली तेल रिफाइनरी संचालित करती है। कंपनी के देशभर में करीब 6,800 फ्यूल आउटलेट हैं। नायरा भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता का 8% और फ्यूल रिटेल नेटवर्क का 7% हिस्सा संभालती है। ईयू का प्रतिबंध वैसे तो जनवरी 2026 से लागू होगा लेकिन भारत ने अभी से पलटवार शुरू कर दिया है। ईयू को लगता था कि भारत सिर्फ विरोध दर्ज करवाकर बैठ जाएगा। लेकिन नायरा एनर्जी ने ऐसा दांव चला है कि जिसकी कल्पना भी यूरोपिय संघ नहीं कर सकता है। नायरा ने नॉफ्ता कार्गो का एक एक्सपोर्ट टेंडर निकाला। ये कार्गो 35 हजार मीट्रिक टन का था। जिसे ईयू के एक देश को भेजा जाना था। लेकिन टेंडर में नायरा ने दो शर्तें रख दी। या तो एडवांस पेमेंट करो या फिर लीटर ऑफ क्रेडिट यानी एल सी दो वरना माल नहीं भेजेंगे।





