शशिकांत गुप्ते
उत्तरप्रदेश राजनैतिक मानचित्र में विश्व प्रसिद्ध हो गया है।इस राज्य में विश्वनाथजी विराजते हैं।इसी राज्य में रामजी का मंदिर निर्मित हो रहा है।विश्वनाथजी की नगरी से निर्वाचित जनप्रतिनिधि देश के प्रधान सेवक हैं।
सन 2014 से देश की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जा रहा है।
प्राथमिकता के आधारपर ही नाम बदलने का महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न किया जा रहा है?
प्राथमिकता की सूची में जो अहम समस्याएं हैं, उन्हें क्रमानुसार और योजनाबद्ध तरीके से हल किया जा रहा है।

उत्तरप्रदेश के बुद्धिमान प्रशासनिक अधिकारियों ने एक नई खोज की है। इन अधिकारियों की खोज के अनुसार कांड शब्द अपमानजनक है?
इनदिनों सवाल पूछना बहुत बड़ी जोखिम का काम है,अन्यथा एक सामान्यज्ञान का प्रश्न पूछा जा सकता है?जंघन्य आपराधिक कांड जो हाथरस में घटित हुआ,और ऐसे बहुत से दुर्भाग्यपूर्ण कांड घटित होतें हैं?वे कौन सी परिभाषा में आतें हैं?
कांड शब्द,वर्तमान में बहु चर्चित और महत्वपूर्ण हो गया है। कांड शब्द समाचार पत्र,पत्रिकाओं व मीडिया में बहुत प्रचलित हो रहा है।क्योंकि इस शब्द का प्रयोग बार बार किया जाता है।कांड शब्द “धोखाधड़ी, गलत कृत्य, और असामाजिक घटनाओं का पर्याय बन गया है।
साहत्यिक क्षेत्र में किसी अध्याय,या लेख का कोई एक हिस्सा भी “कांड” शब्द से संबोधित किया जा सकता है। कांड से ही जुड़ा हुआ एक अन्य शब्द “कर्मकांड” है। कर्मकांड से तात्पर्य हिन्दू धर्म की सभी तरह की पारम्परिक पूजा अर्चना की विधियां हैं, जो प्राचीन काल से निभाई जाती रही हैं।कांड को अंग्रेजी में स्कैंडल (Scandal)
इनदिनों राजनीति में नाम बदलने का प्रचलन शुरू हो गया है।
जैसा प्रारम्भ में कहा गया है।उत्तरप्रदेश के बुद्धिजीवी अधिकारियों को कांड शब्द अपमानजनक लगा।स्वतंत्रता संग्राम का अहम और महत्वपूर्ण अध्याय और देशभक्ति के जज्बे की मिसाल काकोरी कांड का नाम बदल दिया।अब इसे काकोरी ट्रेन एक्शन कहा जाएगा।
कांड शब्द का प्रयोग पौराणिक गर्न्थो में किया गया है।
राम भगवान की सम्पूर्ण कथा को सरल भाषा में काव्य के माध्यम से जनजन तक पहुँचाने का श्रेय है,आदरणीय गोस्वामी तुलसीदास जी को है।
गोस्वामी तुलसीदास रचित रामचरितमानस, इस महान पवित्र ग्रन्थ में सात कांड है।
उत्तरप्रदेश के उन बुद्धिजीवी अधिकारियों की नई खोज के अनुसार क्या रामचरितमानस में इस तरह बदलाव होगा?
बाल कांड,को बाल एक्शन,आयोध्या एक्शन अरण्य एक्शन,किष्किंधा एक्शन,सुंदर एक्शन,लंका एक्शन, और उत्तर एक्शन लिखा जाएगा?
कांड शब्द को लेकर रामचरित मानस की एक चौपाई का स्मरण होता है।
जाकी रही भावना जैसी,प्रभु मूरत देखी तिन तैसी
सामान्यज्ञान का यह प्रश्न भी उपस्थित होता है? क्या कर्मकांड को अब कर्मएक्शन कहा जाएगा?
शशिकांत गुप्ते इंदौर





