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परिवारवाद बनाम व्यक्तिवाद बनामअधिनायकवाद

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-निर्मल कुमार शर्मा

लोग टूट जाते हैं एक अदद घर बनाने में ,
तुम तरस नहीं खाते बस्तियां जलाने में ! ‘

-बशीर बद्र
‘लखीमपुर खीरी में दिन-दहाड़े अपनी कार से रौंदकर किसानों की हत्या करने वाले दरिंदे का पिता अगर इस राष्ट्रराज्य के गृह मंत्रालय के गलियारे में ठसक के साथ गुजरता है तो यह इस राष्ट्रराज्य की,इस लोकतंत्र की और इस देश की 135 करोड़ आवाम की करारी हार है ! ‘
श्रीयुत् श्रीमान् नरेन्द्र दास दामोदर दास मोदीजी जब आप संविधान दिवस पर इस देश के विपक्षी दलों परोक्षरूप से कांग्रेस पर हमला बोलते हुए यह कथित उपदेश देते हैं कि ‘लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा पारिवारिक पार्टियाँ, पार्टी फॉर द फेमिली और पार्टी बाय द फेमिली हैं ! ‘ तो श्रीमान् मोदी का यह कथन उतना ही झूठ है जितना निरीह पशुओं को खानेवाला एक हिंसक बाघ कहे कि हम अब सबसे बड़े शाकाहारी जीव बन गए हैं ! श्रीमान् मोदीजी आप अपनी पार्टी में ही व्याप्त व्यक्तिवाद व अधिनायकवाद को पूरी तरह नजंरदाज कर देते हैं जो किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए परिवारवाद से भी बहुत ज्यादे खतरनाक है ! बिडम्बना देखिए कि मोदीजी की पार्टी सन् 2014 में जिस आम जनता के बल पर प्रचंड बहुमत से जीती थी परंतु जीतने के बाद मोदीजी और उनके प्रवक्ता उसी आम जनता से भारत के नागरिक होने के सबूत माँगने लगे ! और जिन किसानों के उपजाए अन्न को खाते हैं,उन्हीं को आतंकवादी और खालिस्तानी तक कहने लगे !
दूसरों को नसीहत व निर्लज्जता की सीमा को भी ध्वस्त करते हुए लोकतंत्र जैसे विषय पर उपदेश देनेवाले श्री नरेन्द्र मोदी को अगर जरा भी हया और शर्म बची हो तो उन्हें किसानों को दिन-दहाड़े रौंदकर मारनेवाले दरिंदे के महादरिंदे बाप को अब तक इस राष्ट्र राज्य के गृहराज्य मंत्री के महत्वपूर्ण पद से तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए था,लेकिन कथित उपदेशक मोदी के ,सबसे खासमखास तड़ीपार गृहमंत्री माननीय श्री अमित शाह जी उत्तर प्रदेश की एक सभा में अपने मंच पर उस दरिंदे टेनी मिश्रा को,बुलाकर परोक्षरूप से उस दरिंदे को सम्मानित करने की इस शर्मनाक घटना में भी श्रीमान मोदीजी को भारतीय लोकतंत्र की गरिमा कहीं भी ढहती हुई नजर नहीं आती ! टेनी मिश्रा जैसी हरकत दुनिया के किसी भी लोकतांत्रिक या तानाशाही देश में भी हुआ होता तो अब तक उसे या तो मुत्यु दंड दिया जा चुका होता या अब तक वह जेल के सींखचोंं के पीछे अवश्य चला गया होता ! वह तो मोदी जी के समय का कथित महान भारतीय लोकतंत्र है, जिसमें उसे 4 हत्या करने के साजिश रचने के बावजूद उसे कथित लोकतांत्रिक परंपरा के उच्च आदर्शों का पालन करते हुए अभी तक उस दरिंदे को गृहराज्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर विराजमान रहने का गौरव प्रदान किया जा रहा है ! इसी प्रकार श्रीमान् मोदीजी द्वारा इस देश के सबसे गरीब व बीमारू राज्यों में शरीक गरीबी,भूखमरी,बेरोजगारी, तंगहाली और रिश्वतखोरी से त्रस्त उत्तर प्रदेश राज्य के मुख्यमंत्री पद के लिए अपने किए गंभीर अपराधों के लिए दर्जनों मुकदमों का सामना कर रहे एक भ्रष्ट व्यक्ति को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए चयनित करके किन उच्च लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थापना किए हैं,ये तो मोदीजी ही जानें ।
इस देश के सर्वाधिक पिछड़े प्रदेशों में से एक उत्तर प्रदेश जो भूखमरी,बलात्कार, अशिक्षा आदि समस्याओं से बुरी तरह त्रस्त है को इन समस्याओं से निजात दिलाने के वादे के साथ सत्ता संभालने वाले इस मठाधीश मुख्यमंत्री को अब भूलकर भी इन समस्याओं की याद नहीं आती,अब वह दिन-रात जिन्ना,पाकिस्तान के प्रदूषण और अयोध्या के भव्य मंदिर का जाप करता रहता है ! यक्षप्रश्न है कि क्या जिन्ना,पाकिस्तान और इस ब्रह्मांड में कथित सबसे भव्य,विशाल और खूबसूरत अयोध्या में बननेवाले मंदिर के जाप कर लेने से उत्तर प्रदेश में सर्वव्याप्त गरीबी,भूखमरी,बेरोजगारी,अशिक्षा आदि की समस्याएं समाप्त हो जाएंगी ? ऐसा बिल्कुल नहीं है, वस्तुतः उक्त वर्णित मूलभूत समस्याओं से कपटपूर्ण ढंग से धर्मांध जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये रामनामी चादर ओढ़े ये शातिर भेड़िए जानबूझकर लीपापोती करने के लिए मंदिर आदि का जाप करते रहते हैं !
एक प्रश्न अब भी इस देश की फिंजा में तैर रहा है कि सुप्रीमकोर्ट के एक कपटी और राष्ट्रहंता कथित न्यायमूर्ति के सहयोग से अयोध्या में एक भव्य मंदिर बनाने के बावजूद वह मंदिर अभी भी बीजेपी को 2022 के उत्तर प्रदेश के चुनाव में जीत सुनिश्चित नहीं करवा पा रहा है,इसलिए अपनी सत्ता के लिए भारतीय समाज में सदा संप्रदायिक जहर घोलने वाली बीजेपी जैसी प्रार्टी को अब मथुरा और काशी का नया पासा फेंकने को मजबूर होना पड़ रहा है ! इसलिए श्रीमान् झूठों के कारोबारी मोदी जी एक भूख,बेरोजगारी और बदहाली से त्रस्त एक राज्य के करोड़ों किसान,मजदूर और युवा एक मंदिर के झुनझुने से अब बरगलाए नहीं जा सकते ! एक भूख से बिलबिलाते शिक्षित बेरोजगार के लिए रोटी सबसे बड़ी भगवान है। इसलिए अब भारत की जनता को मूर्ख बनाना बंद करें ।

-निर्मल कुमार शर्मा, गाजियाबाद, उप्र,संपर्क-9910629632

Ramswaroop Mantri

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