कोलकाता
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कंपनी I-PAC और ममता बनर्जी के बीच रिश्तों में कड़वाहट की खबर है। टीएमसी में कलह शुक्रवार को तब बढ़ गई जब पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने ‘एक व्यक्ति एक पद’ की खुलकर वकालत की, जिसके अनुसार पार्टी के एक सदस्य को एक पद पर रहना चाहिए।
इधर, इसी मामले पर एक ट्वीट को लेकर भी विवाद ने तूल पकड़ ली। ममता सरकार में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने I-PAC पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके बिना जानकारी के उनके सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ ट्वीट किए गए हैं। इस विवाद के सामने आने के बाद ममता बनर्जी ने शनिवार को पार्टी की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।
चंद्रिमा ने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर की टीम की ओर से उनके सोशल मीडिया अकाउंट का दुरुपयोग किया जा रहा है। भट्टाचार्य ने समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से कहा कि चुनाव से पहले I-PAC द्वारा मेरे नाम से एक ट्विटर अकाउंट बनाया गया था। इसके बाद कंपनी ने मेरी जानकारी के बिना ‘एक व्यक्ति एक पद’ के बारे में कुछ पोस्ट किया। मैं इसका कड़ा विरोध करती हूं।
प्रशांत की कंपनी I-PAC ने दी सफाई
इस पर I-PAC ने जवाब देते हुए लिखा- I-PAC तृणमूल कांग्रेस या उसके किसी भी नेता की किसी भी डिजिटल प्रॉपर्टी को नहीं संभालता है। ऐसा दावा करने वाला कोई भी व्यक्ति या तो बेखबर है या स्पष्ट रूप से झूठ बोल रहा है। पार्टी को यह देखना चाहिए कि क्या और कैसे उनकी डिजिटल प्रॉपर्टी या उनके नेताओं का कथित रूप से (गलत) इस्तेमाल किया जा रहा है।
क्या है ‘एक व्यक्ति, एक पद’ मामला?
‘एक व्यक्ति, एक पद’ की योजना अभिषेक बनर्जी की बताई जा रही है जो उन्होंने I-PAC की मदद से तैयार की है। यह अभिषेक बनर्जी के पार्टी को आंतरिक रूप से पुनर्गठित करने के प्रयासों का हिस्सा रही है। लेकिन इसको लेकर पार्टी के पुराने साथी सहज नहीं हैं।
पिछले हफ्ते पश्चिम बंगाल की 108 नगरपालिकाओं में होने जा रहे चुनावों से पहले टीएमसी उम्मीदवारों की दो-दो लिस्ट जारी की हुईं थीं। इसके बाद टीएमसी और I-PAC के संबंधों में दरार आ गई। बताया ये भी जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के प्रचार अभियान में मदद करने के लिए उत्तर प्रदेश जाने को लेकर ममता बनर्जी और भतीजे अभिषेक के बीच अनबन के संकेत हैं।
ममता की मीटिंग में सिर्फ 6 नेताओं को न्योता
सत्तारूढ़ दल के सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया, टीएमसी सुप्रीमो ने शनिवार शाम अपने आवास पर पार्टी के सीनियर पदाधिकारियों की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। सूत्रों ने आगे बताया, सिर्फ छह वरिष्ठ नेताओं (राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, महासचिव पार्थ चटर्जी, प्रदेश पार्टी अध्यक्ष सुब्रत बख्शी और मंत्रियों फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और चंद्रिमा भट्टाचार्य) को बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है।
TMC और I-PAC के बीच करार खत्म होने की चर्चा
NDTV के मुताबिक, पिछले कुछ सप्ताह से ममता बनर्जी और प्रशांत किशोर के बीच मतभेद बढ़ने को लेकर अटकलों का दौर जारी है। बंगाली अखबार दैनिक आनंदबाजार पत्रिका ने दोनों के बीच SMS की जानकारी दी है।
अखबार के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने ममता को मैसेज में लिखा कि वे बंगाल, मेघालय और ओडिशा में TMC के लिए काम नहीं करना चाहते, जिसका जवाब सीएम ममता ने धन्यवाद कहते हुए दिया। इस विवाद को TMC और I-PAC के बीच करार खत्म होने से भी जोड़ा जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर की कंपनी को ममता ने पार्टी की रणनीति बनाने के काम से किनारे कर दिया है।





