
वो डरते हैं कामरेड !
तमाम कायदे कानून तोड़ने से
आपके संघर्ष को जुवां पे लेने से
आपका त्याग संघर्ष वो बलिदान
नहीं है उन लोगों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण
वो भले ही अपने नारों में
तेभागा, तेलंगाना व नक्सलबाड़ी
लाल सलाम… लाल सलाम का नारा
अपने टोली में बड़ी ऊंची आवाज में लगाता हो
यहां तक कि अपने कामरेड की शहादत पर
लाल फरेरी तेरी कसम
खून का बदला खून से लेंगे
गगन भेदी नारे
हवा में मुठ्ठी ताने हुए
जरूर चिल्लाते हैं
लेकिन ये सबकुछ
वो उन दायरों में ही करना चाहते हैं
जहां तक संवैधानिक उन्हें छूट मिली हुई है
आप तो कामरेड
उन संवैधानिक दायरों को
शोषित-पीड़ित जन के लिए
तोड़ के कब ही आगे बढ़ चुके
इसलिए तो उन फरेब नारेबाजों से
उम्मीद करना बेईमानी ही होगी
कि आपके ऊपर जेल में हो रही
यातनाओं के पक्ष में
अपनी आवाज उठायेंगे
ये उम्मीद तो करना बेईमानी ही होगा
जो नक्सलबाडी के शहीदों के खून के साथ
समझौता किया
अंजनी विशु




