मदन कोथुनियां
देश में मुसलमानों को टारगेट करके जो माहौल बनाया जा रहा है वास्तव में वो मुसलमानों के खिलाफ नहीं है वो SC, ST व OBC के अधिकारों को खत्म करने के लिये बनाया जा रहा है।
इस काम में कोई एक पार्टी नहीं है सभी राजनीतिक दल सामिल है,देश के सभी पूंजीपति व अधिकारी शामिल है वो चाहे किसी ही जाति के हो।आप किसी भी जाति के पूंजीपति के पास बैठोगे तो वो इन घटनाओं का समर्थन करता नजर आयेगा,किसी राजनीतिक दल के नेता से बात करोगे तो वो इन घटनाओं का समर्थन करता नजर आयेगा।वो अलग अलग राजनीतिक दलों में इसलिये बैठे हैं ताकि सत्ता हमसे दूर न जाये। मैं एक कांग्रेसी बड़े नेता के पास बैठा था वो कह रहा था कि मोदीजी ने मुसलमानों को टाइट करने वाला काम बहुत अच्छा किया।यही सोच सभी राजनीतिक दलों की है।आज यह मुसलमानों को टाइट करने से इतने खुश है तो SC, ST व ओबीसी के आरक्षण खत्म करने पर कितने खुश होंगे।
मुसलमानों के खिलाफ माहौल बनाकर SC, ST व ओबीसी की जेबें खाली कर दी,दिमाग खाली कर दिया,आरक्षण का अधिकार खत्म कर दिया,इतिहास को दफन कर दिया,रोजगार खत्म कर दिया।सबसे बड़ा नुकसान तो यह हुआ कि मुसलमानों के खिलाफ हो रहे अत्याचार पर SC, ST व ओबीसी ने चुप्पी साध ली जिससे मुसलमानों का वोटर इन वर्गों से दूरी बनाने लगा है क्योंकि जिनके खिलाफ मुसलमान मतदान करते हैं उन्होंने मुसलमानों पर अत्याचार शुरू कर दिया लेकिन जिनके साथ मुसलमान थे उन्होंने साथ क्यों नहीं दिया।यही दर्द मुसलमानों को SC, ST व ओबीसी से अलग कर रहा है।जिस दिन अत्याचार करने वालों को पता चलेगा कि अब मुसलमान इन वर्गों से एकदम अगल हो गया है उस दिन यह लोग मुसलमानों से गठबंधन करके सामंती राज कायम करेंगे।उसके बाद SC, ST व ओबीसी के पास गुलामी करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।
मुसलमान व हिन्दू मिलकर देश पर राज करेंगे क्योंकि इससे पहले भी मुस्लिम लीग व हिन्दू महासभा ने मिलकर सरकारें चलायी हैं।
किसी हिन्दू को किसी मुस्लिम से नफरत नहीं है नफरत है SC,ST व ओबीसी के बढ़ते विकास से। नौकरियों में यह क्यों है,व्यापार में यह क्यों आये,आर्थिक संपन्नता क्यों।
किसी को हिन्दू राष्ट्र नहीं चाहिये ? हिन्दू राष्ट्र तो पहले था क्या हुआ ? दलित के पिछवाड़े झाड़ू बांदा जाता था,गले में हांडी बांदी जाती थी,दलित महिलाओं को स्तन ढकने का कर देना पड़ता था,धार्मिक शब्द कान में पड़ने पर दलित के कान में सीसा पिघला कर भर देते थे,धार्मिक स्थल में प्रवेश निषेद था क्या इसी धर्म को स्थापित करने के लिये हिन्दू राष्ट्र बनाया जा रहा है ?
अगर यह सच है तो यह हिन्दू राष्ट्र देश का कितना विकास करेगा इतिहास इसका उदाहरण है।
SC, ST व ओबीसी को खुशहाल रहना है,इज्जत की जिंदगी जीना है,देश को मजबूत करना है,भारत को विश्वगुरु बनाना है तो इन फिरकापरस्त ताकतों का मुकाबला करो।
हमारे वर्गों के साथ सदियों से भेदभाव व नफरत की गई क्या देश का विकास हुआ ? नहीं।तो फिर अब नफरत से देश का विकास कैसे होगा ? यह सोचने का विषय है।
प्रेम व भाईचारा,सभी धर्मों व जातियों का सम्मान,सभी बोली व भाषाओं का संगम,हजारों रीति रिवाज व सतरंगी संस्क्रति से भारत की विश्व में पहचान है इसी पहचान को बनाये रखने के पीछे हमारे अधिकार सुरक्षित है।इसे बचाकर रखना हमारा राष्ट्रधर्म व इंसानी धर्म है।
मुसलमानों से नफरत हो या किसी जाति से नफरत हो या किसी प्रान्त व भाषा से नफरत हो ।इन सब का रास्ता बर्बादी की तरफ जाता है।
हमारी पहचान तिरंगा है दूसरे किसी झंडे को स्वीकार न करें।
संविधान हमारी आत्मा है इसकी रक्षा में ही हमारी रक्षा है।
अहिंसा हमारी धरोहर है यह बुद्ध का देश है अपनी धरोहर बचायें।
कृषि प्रधान देश की पहचान को बनाये रखने के लिये किसानों को बचाये।
आदिवासी संस्क्रति ने हमारी प्रकृति को बचाये रखा।इस संस्क्रति को बचाये।
मुसलमान देशभक्त है उन पर शंका करना बंद करें।
हमारी बर्बादी व देश के असली दुश्मन फिरकापरस्त ताकतों को मुंहतोड़ जबाब दे और भारत की एकता को मजबूत करें।अब भारत को बचाने की जिम्मेदारी आम आदमी की है खास आदमी सब एक होली की ढूंढ के हैं।




