रीता चौधरी
हम सभी के पास कुछ न कुछ बुरी यादें होती हैं। इन्हें हम पूरी तरह भूल जाना पसंद करते हैं। समय के साथ कुछ बुरी यादें तो पीछे छूट जाती हैं। लेकिन कुछ का प्रभाव हमारे मन पर बहुत गहरा पड़ता है।
जैसे कि पति-पत्नि, प्रेमिका या प्रेमी द्वारा वायदों से मुकरते रहना, किये गये वादे के बावजूद प्रमोशन नहीं मिलना या फिर दिल टूटना। यह सच है कि अतीत को छोड़ना आसान नहीं है। पर यदि हम इसके बोझ से मुक्त नहीं होते हैं, तो ये शारीरिक रूप से बीमार महसूस कराते हैं। इनसे हमें सिरदर्द, अत्यधिक पसीना आना, पेट में दर्द और कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
*क्यों जरूरी है अतीत की बुरी यादों से मुक्ति?*
जर्नल ऑफ़ सायकोलोजी एंड सायकोथेरेपी के अनुसार, नकारात्मक यादें लोगों को क्रोध, उदासी और शर्मिंदगी जैसी भावनाएं महसूस करने के लिए मजबूर कर सकती हैं।
यह स्ट्रेस और एंग्जाइटी का कारण भी हो सकती हैं। इसतरह अतीत की बुरी यादें हमारे व्यक्तित्व पर बुरा प्रभाव डालती हैं। हमारा शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो जाता है।
अतीत को भूलने पर ही हम भविष्य के बारे में सोच पाते हैं। अपना पर्सनल और प्रोफेशनल डेवलपमेंट कर पाते हैं। जीवन के सभी कार्यों का अच्छी तरह अनुभव कर पाते हैं।
यहां मैं दे रही हूँ आपको 05 टिप्स जो अतीत की बुरी यादों से छुटकारा पाने में आपकी मदद कर सकते हैं :
*1. अतीत की याद दिलाने वाले लोगों से दूरी :*
कई लोग पुरानी बातें याद दिलाना अपना फ़र्ज़ समझते हैं। वे लोगों को खुश करने की बजाय, उन्हें दुःख के अंधेरे में धंसाये हुए रखना चाहते हैं। ऐसे निगेटिव सोच वाले व्यक्ति से दूर रहने में ही भलाई है।
उन लोगों या स्थान से दूरी बनाएं, जो आपके मन पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। अतीत की बातें याद करने के लिए मजबूर करते हैं। ध्यान रखें कि विषम परिस्थिति में हमेशा सकारात्मक सोच वाले लोगों का ही साथ लें।
*2. दिनचर्या में शामिल हो स्वयं की देखभाल :*
जर्नल ऑफ़ सायकोलोजी रिसर्च के अनुसार, सेल्फ केयर हर तरह की बुरी यादों को दूर करने में कारगर होता है। सेल्फ केयर के तहत अपने चेहरे, बालों, स्किन की देखभाल भी हो सकती है।
मन की देखभाल के लिए शांतिपूर्वक कुछ पल आंखें बंद कर बैठना हो सकता है। खुद की देखभाल में प्रकृति के बीच घूमना-टहलना और कुछ देर बैठना भी हो सकता है।
*3. सोशल मीडिया से ब्रेक :*
सोशल मीडिया अपनी तुलना दूसरों से करने के लिए मजबूर करता है। अलग-अलग लोगों की पोस्ट देखकर आपके मन में यह विचार आ सकता है कि फलां व्यक्ति को प्रमोशन मिला है, मुझे नहीं। फलां देश-विदेश घूम रहा है मैं नहीं।
मेरी दोस्त पार्टनर के साथ फोटो शेयर कर रही है, मैं नहीं कर पा रही। ये सभी विचार व्यक्ति को इर्ष्याभाव से भरते हैं और नकारात्मक सोचने के लिए मजबूर करते हैं। वर्तमान क्षण में जीना जरूरी है। इसलिए सोशल मीडिया से कुछ दिनों के लिए ब्रेक ले लें।
*4. स्वयं को क्षमा दान :*
जब अतीत आपको परेशान करता है, तो दूसरे लोग आपकी भावनाओं से कभी प्रभावित नहीं हो सकते हैं। परेशान होकर आप केवल खुद को चोट पहुंचा रही हैं। उस व्यक्ति को नहीं, जिनसे आप नाराज हैं।
आपको लगता है कि बुरी यादों के लिए सिर्फ आप जिम्मेदार हैं। यदि आप जिम्मेदार रहे भी हैं, इसके बावजूद खुद को क्षमा करें। अपनी भलाई के बारे में सोचें। खुद को माफ़ करने के बाद आप काफी हल्का महसूस करेंगे।
*5. भावी योजना का निर्माण :*
अपना एक लक्ष्य बनाएं। उसे अपनी डायरी में लिख लें। उस दिशा की ओर किस तरह आगे बढ़ सकते हैं, उसके अनुसार योजना बनाएं। उस दिशा में अपना कार्य करें।
यदि खुद में कोई कमी दिख रही है, तो उसे ख़त्म करने का प्रयास करें। कार्य के साथ-साथ योग-ध्यान माइंडफुलनेस का भी अभ्यास करें। इससे ध्यान केन्द्रित करने में मदद मिलेगी और अतीत की बुरी यादों से छुटकारा मिल जायेगा।





