*विष्णु नागर*
मान लो मेरा जन्म अगस्त,1947 सेे कुछ पहले हुआ होता और मेरे माँ-बाप मुसलमान हुए होते और उन्हें पाकिस्तान जाने को मजबूर होना पड़ता.
रास्ते में उनकी और मेरी हत्या उस समय के सांप्रदायिक कर देते तो बताइए मेरा देश कौनसा हुआ होता?भारत या पाकिस्तान?
इसके उलट अगर मेरे माँ-बाप हिंदू होते मगर नये-नये बने पाकिस्तान से घबराकर मुझे गोद में पैदल चलते-भागते हुए या ट्रेन में चढ़कर विभाजित भारत आ रहे होते और सांप्रदायिकों ने रास्ते में मेरे माँ-बाप और मुझे काट डाला होता तो बताइए मेरा देश कौनसा हुआ होता ? भारत? पाकिस्तान?

छोड़िए उतनी पुरानी बात.
मैं आदिवासी माता-पिता की संतान होता, अबूझमाड़ में पैदा हुआ होता-मैं और मेरे बच्चे भूख/बीमारी/ उपेक्षा झेल रहे होते, तो मैं कभी नक्सलवादी माना जाता और कभी नक्सलवादी मुझे सरकार का पिट्ठू बताते. इन दोनों मे से किसी ने मुझे मार दिया होता, तो मेरा देश कौनसा हुआ होता- जबकि मुझे मालूम ही नहीं होता कि भारत भी कोई देश है और मैं उसका नागरिक कहलाता हूँ. तो क्या मुझे आज के देशभक्त, देशद्रोही मानते और क्या मेरे और मेरे बच्चों के मारे जाने की खबर तक आप तक कभी पहुँचती?
और पहुँचती भी तो आप उसका शीर्षक पढ़कर या तो अखबार का वह पन्ना चुपचाप पलट देते या हद से हद ‘हाऊ सैड’ कहकर, आगे बढ़ जाते?
और अगर मैं हिंदू ही होता और पाकिस्तान से परेशान होकर आज से दस-बीस बरस पहले यहाँ आ गया होता तो शायद मुझे शरण तो मिल जाती मगर नागरिकता नहीं मिलती. तब बताइए मैं कहाँ का, किस देश का नागरिक हुआ होता? पाकिस्तान का या हिंदुस्तान का या कहीं का नहीं?
और अगर मैं भारत के किसी हिंदू-बहुल गाँव में रह रहा होता,
मगर मुसलमान होता और सब मुझे मेरे नाम से नहीं, मुझे ‘पाकिस्तानी’ कहकर बुलाते और रोज ताने मारते, मुझे गो हत्यारा बताते, मेरा घर-बार जला देते और कहते कि “तू पाकिस्तान क्यों नहीं चला जाता, जा साले…तेरा देश तो वहाँ है, कब जाएगा?” तो बताइए मुझसे भारत माता की जय बुलवानेवाले भी मुझे भारतीय मानते? क्या मैं भारत का नागरिक होकर भी भारत का नागरिक होता? क्या यह देश मेरा होकर भी मेरा होता? क्या वाकई पाकिस्तान मेरा मुल्क हुआ होता?वाकई??
और अगर मैं उन लाखों बच्चों में से एक हुआ होता जो भूख और कुपोषण से उस समय मर जाते हैं, जब वे मुश्किल से दूध पिलानेवाली माँ को पहचान पाते हैं, क्योंकि उसके शरीर से दूध की खुशबू आती है तो मेरा देश और धर्म इस ब्रह्मांड में कहाँ/कौनसा होता?
और मान लो मेरी मजदूरन माँ का गर्भ मेहनत- मजदूरी करते-करते गिर गया होता और वह भी मेरे साथ मर गई होती तो मेरा देश-धर्म क्या होता? मुझे बताया जाए!
मुझे यह सवाल परेशान कर रहा है आजकल.
आशा है कि हिंदू राष्ट्रवादी मेरे सवाल का जवाब देकर मुझे जरूर संतुष्ट कर पाएंगे.
(राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित लेखक की पुस्तक ‘डालडा की औलाद’ से)





