इस बार कपड़ा फाड़ होली में नहीं फटे कपड़े। अजमेर पुलिस का माकूल बंदोबस्त
एस पी मित्तल, अजमेर

रूस के हमलों से भले ही यूक्रेन तबाह हो रहा हो, लेकिन यूक्रेनी पॉप सिंगर नतालिया लॉरीन्स उर्फ उमा देवी ने 17 मार्च को होली के अवसर पर इंटरनेशनल टूरिस्ट प्लेस पुष्कर तीर्थ में अपनी आवाज और म्यूजिक का जादू बिखेरा। एक अनुमान के अनुसार यूक्रेनी कलाकार के लिए पुष्कर तीर्थ में कोई एक लाख युवा एकत्रित हुए। राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर से युवक युवतियां पुष्कर आए। उमा देवी की आवाज और म्यूजिक पर युवक युवतियां जमकर थिरके। यूक्रेन की पॉप सिंगर पर अपने देश की तबाही का कोई भाव नहीं था। भगवान शिव को आगे रख उमादेवी ने हिन्दी और अंग्रेजी का कॉकटेल परोसा। अगले दिन 18 मार्च को भी पुष्कर के वराह चौक में कपड़ा फाड़ होली का जश्न मनाया दो वर्ष पहले तक वराह चौक पर होली के हूड़दंग में अनेक युवक युवतियां के कुछ कपड़े उतार कर ऊपर बिजली के तारों पर फेंक दिए जाते थे। कई मौकों पर देशी विदेशी युवतियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं भी होती थी, लेकिन 18 मार्च को इस कपड़ा फाड़ होली में किसी के कपड़े नहीं फाड़े गए। अलबत्ता इस कार्यक्रम में भी भाग लेने के लिए एक लाख लोग पुष्कर में एकत्रित हुए। कोरोना के कारण गत दो वर्षों से पुष्कर में होली का जश्न नहीं मना। लेकिन इस बार युवाओं ने पिछले दो वर्षों की कसर निकाल ली। होली के आयोजनों से जुड़े रविकांत शर्मा का मानना है कि लोगों की भीड़ ने पुष्कर मेले की भीड़ को भी पीछे छोड़ दिया है। सेवन स्टार की सुविधा वाले रिसोर्ट से लेकर पुष्कर के गली मोहल्लों तक में चलने वाले गेस्ट हाउस 16 मार्च से ही फुल हो गए थे। तीन दिनों में चाट पकौड़ी के ठेले वालों ने भी 25 हजार रुपए तक की कमाई की है।
पुलिस का माकूल बंदोबस्त:
चूंकि पुष्कर में होली का उत्सव दो वर्ष बाद मनाया जा रहा था, इसलिए युवाओं में जबरदस्त उत्साह था। इस उत्साह को देखते हुए ही पुलिस ने भी माकूल इंतजाम किए। जिला पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने सभी इंतजामों की स्वयं निगरानी की। उन्होंने भीड़ की संख्या को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने के निर्देश भी दिए। पुलिस के थाना प्रभारी महावीर शर्मा ने बताया कि होली के विभिन्न कार्यक्रमों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। हालांकि सभी कार्यक्रमों में उत्साही युवाओं की जबरदस्त भीड़ थी। पुलिस का प्रयास रहा कि लोगों को सुगमता के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने दिया जाए। होली के जश्न में भी कोई अभद्रता न हो इसका भी विशेष ध्यान रखा गया।
यहां होली पर विदेशी महिलाएं फाड़ देती हैं पुरुषों के कपड़े
कहा जाता है कि भारत में हर दस किलोमीटर पर बोली बदल जाती है. इसके साथ-साथ रहन-सहन भी बदल जाता है और त्योहार मनाने के तौर-तरीकों में भी बदलवा आ जाता है. इसका अपवाद होली भी नहीं है
कहा जाता है कि भारत में हर दस किलोमीटर पर बोली बदल जाती है. इसके साथ-साथ रहन-सहन भी बदल जाता है और त्योहार मनाने के तौर-तरीकों में भी बदलवा आ जाता है. इसका अपवाद होली भी नहीं है. दरअसल, राजस्थान की तीर्थनगरी पुष्कर की होली पिछले कई सालों से चर्चा में रहती है और यहां एक नए अंदाज में सेलिब्रेशन होता है. इसकी पहचान न केवल देश में ही है बल्कि विदेशों में भी पहचान बना चुकी है. यहां पर कपड़ा फाड़ होली खेली जाती है, जिसका देसी और विदेशी पर्यटक जमकर आनंद उठाते हैं.

होली के मौके को विदेशी पर्यटक भुलाना नहीं चाहते हैं. इसीलिए वे होली की तारीख की जानकारी मिलते ही ब्रह्मा की नगरी पहुंच जाते हैं और वराह घाट चौक पर होने वाले गेर नृत्य का जमकर लुत्फ उठाने के लिए डेरा डाल देते हैं. यहां स्थानीय लोग गेर नृत्य और ढोल की थाप लगाते हैं, जिसपर विदेशी पर्यटक जमकर झूमते हैं. इस साल भी विदेशी पर्यटक यहां भारी संख्या में पहुंच रहे हैं.विज्ञापन

वराह घाट चौक पर होने वाले इस आयोजन में होली की उमंग से सराबोर महिलाएं टूरिस्टों के कपड़ें फाड़ देती हैं. जमीन से काफी ऊपर एक रस्सी बंधी होती है, फटे हुए कपड़े इस रस्सी पर फेंके जाते हैं. यदि कपड़ा रस्सी पर लटक गया तो सभी ताली बजाते हैं और यदि कपड़ा लटकने के बजाय नीचे गिर जाता है तो सभी हाय-हाय करते हैं.

आपको बता दें इस आयोजन में महिलाओं का खासा ध्यान रखा जाता है कि उनके साथ कोई छेड़खानी न हो. इसके लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया जाता है. महिलाओं के कपड़ों को हाथ लगाने की स्पष्ट मनाही होती है. कपड़ा फाड़ होली केवल पुरुषों के साथ ही खेली जाती है.

पुष्कर में पहले केवल रंग-गुलाल की होली खेली जाती थी परन्तु बाद में बाहर से घूमने आए सैलानियों ने इसे कपड़ा फाड़ होली बना दिया जो जल्दी ही पूरे विश्व में मशहूर हो गया.





