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दो दिन के लगातार घेराव के बाद आदिवासियों के सामने झुका प्रशासन

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आदिवासियों ने दो हफ्ते पहले प्रशासन को दी थी चेतावनी, जिसके के बावजूद प्रशासन की निष्क्रियता से आक्रोशित आदिवासियों ने किया दो तीन तक लगातार एसडीएम कार्यालय का घेराव, आया प्रशासन होश में, की सभी माँगों पर कार्यवाही_*

जागृत आदिवासी दलित संगठन के नेतृत्व में हजारों आदिवासियों द्वारा वन अधिकार दावों पर नियमित कार्यवाही की मांग और अवैध कटाई में संलिप्त वन अमले पर कार्यवाही की मांग पर ठोस कार्यवाही न होने के कारण हज़ार से भी ज्यादा आदिवासियों ने एसडीएम कार्यालय पर दो दिन से घेराव कर रखा था । हज़ार से भी ज्यादा आदिवासी महिला पुरुष तहसील कार्यालय में ही रात भर और दो दिन तक अडिग रहे । धरने के दौरान आदिवासियों द्वारा अवैध कटाई में वन विभाग की मिलीभगत की शिकायत और कटाई रोकने की मांग की गई, और कटाई रोकने के बारे में उठाए गए कदम पर भी प्रशासन से सवाल किए गए । 

जनवरी 24 को बुरहानपुर जिले में हजारों आदिवासियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर जिला प्रशासन से वन अधिकार अधिनियम के अनुसार दावों पर कार्यवाही की मांग की थी, और प्रशासन द्वारा कार्यवाही न की जाने पर 7 दिन बाद पुनः आंदोलन करने की चेतावनी दी थी । आदिवासियों द्वारा लंबित दावों पर सत्यापन, बिना सत्यापन और ग्राम सभा के बढ़ाए गए दावों पर जांच और लंबित दावों को ऑनलाइन करने की कार्यवाही की मुख्य मांगों के साथ साथ अवैध कटाई पर रोक न होने का भी विरोध किया गया । 

मंगलवार 7 फरवरी को आदिवासियों द्वारा एसडीएम कार्यालय के अंदर ही धरना प्रदर्शन चालू कर दिया गया और दिन भर में धीरे-धीरे गाँव के लोग जुडते ही गई । करीब 2000 से भी ज्यादा लोग सतत धरने पर एसडीएम कार्यालय में अडिग रहे । अपने मांगों के लिए संबंधित अधिकारियों को जनता के समक्ष बुला कर जवाबदेही मांगी। SDM द्वारा कानून पर निष्क्रियता और जिला प्रशासन के आदेश पर कार्यवाही न होने के लिए कई देर तक बहस चली और जनपद सीईओ को बुलाने की मांग की गई। शाम को पहुंचे सीईओ से आदिवासियों ने कई देर तक गांव में योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्राम सभा के अधिकारों के उल्लंघन से तीखे सवाल जवाब किए। 

अंततः आदिवासियों के मांगों पर कार्यवाही करने पर प्रशासन राजी हो गया परंतु आदिवासी बिना पुख्ता कार्यवाही – सत्यापन के सभी गांवो के लिए तारिख वाला आदेश, खारिज दावों के नियमित जांच के लिए कार्यवाही और ऑनलाइन करने से रह गए दावेदारों के लिए पोर्टल खोलने भोपाल पत्र लिखने की मांग की गई । मांगे पूरी होने तक लोग धरना जारी रखने का निर्णय लिया गया। रात में भी हजार आदिवासी कार्यालय परिसर में ही रात भार खुली ठंड में सोए। प्रशासन द्वारा आदिवासियों के मांगो पर कार्यवाही करने के बाद जीत के नारों एवं गीतों के साथ धरना समाप्त किया गया ।

Ramswaroop Mantri

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