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*सालभर बाद फिर बांग्लादेश में सड़कों पर उतरे लोग… यूनुस सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन*

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ढाका। पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में सालभर के बाद एक बार फिर लोग सड़कों पर उतर आए हैं। जिन लोगों ने पिछले साल शेख हसीना सरकार के खिलाफ आंदोलन किया था, उन्हीं लोगों ने मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली कार्यवाहक सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। दरअसल, ये प्रदर्शनकारी अंतरिम सरकार के नए राजनीतिक चार्टर के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान उनकी पुलिस से महाभिड़ंत हो गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए न सिर्फ उन पर आंसू गैस के गोले दागे बल्कि उन पर लाठियों की भी बौछार की है।

शुक्रवार को अंतरिम सरकार के नए राजनीतिक चार्टर के विरोध में सैकड़ों लोग राजधानी ढाका में बांग्लादेश की संसद परिसर के बाहर जमा हो गए और वहां विरोध-प्रदर्शन करने लगे। थोड़ी ही देर बाद उन प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़पें शुरू हो गईं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आंसू गैस के गोले दागकर और स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल करके तितर-बितर करने की कोशिश की लेकिन जब प्रदर्शनकारी नहीं भागे तो उन लाठी चार्ज किया गया।

प्रदर्शनकारी नए चार्टर से नाराज
ये प्रदर्शनकारी नए चार्टर से नाराज हैं और उसी के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करने उतरे थे। उनके अनुसार, इस चार्टर में उनकी चिंताओं का समाधान नहीं किया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर समारोह के लिए बनाये गए मंच के सामने सैकड़ों प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए थे, जो अगस्त 2024 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से बेदखल करने वाले प्रदर्शनों के दौरान घायल हुए लोगों के लिए कानूनी सुरक्षा और पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।

संसद भवन के मुख्य द्वार पर चढ़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारी सुबह संसद भवन के मुख्य द्वार पर चढ़कर परिसर में कथित तौर पर घुस गए और फिर मंच के सामने इकट्ठा हो गए। समाचार पोर्टल के अनुसार, जब सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारी अतिथियों के लिए आरक्षित कुर्सियों पर बैठ गए और नारे लगाने लगे। प्रदर्शनकारियों ने कम से कम दो पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की, संसद भवन के सामने बने अस्थायी स्वागत कक्ष, अस्थायी नियंत्रण कक्ष और फर्नीचर में आग लगा दी।

NCP जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर नहीं करेगी
बता दें कि अंतरिम सरकार द्वारा गठित आयोग और राजनीतिक दलों के बीच लंबी बातचीत के बाद जुलाई चार्टर का मसौदा तैयार किया गया था। सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस की प्रमुख सहयोगी, नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) ने कहा है कि वह इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करेगी। यूनुस के आशीर्वाद से फरवरी में गठित छात्र-नेतृत्व वाले इस संगठन के मुख्य समन्वयक हसनत अब्दुल्ला ने बृहस्पतिवार देर रात एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर नहीं करेगी।’’

अवामी लीग इस चर्चा का हिस्सा नहीं थी
एनसीपी के संयोजक नाहिद इस्लाम ने पूर्व में कहा था कि कुछ राजनीतिक दल आम सहमति (राष्ट्रीय) के नाम पर इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रहे हैं और लोगों को ‘‘धोखा’’ दे रहे हैं। सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय सहमति आयोग द्वारा तैयार किए गए चार्टर में देश चलाने के लिए 80 से अधिक सिफारिशें शामिल थीं। हसीना की पार्टी अवामी लीग इस चर्चा का हिस्सा नहीं थी क्योंकि अंतरिम सरकार ने एक शासकीय आदेश के तहत अपने नेताओं पर मुकदमा चलने तक अपनी गतिविधियों को रोक दिया था। अवामी लीग के ज़्यादातर नेता जेल में हैं या फरार हैं।

Ramswaroop Mantri

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