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पूर्वोत्तर में बाढ़ से और बिगड़े हालात: अब तक 43 मौतें, सात लाख लोग प्रभावित; असम के11 जिलों के लिए यलो अलर्ट
मानसून ने समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र को कवर कर लिया है और वहां पिछले चार-पांच दिनों से भारी बारिश हो रही है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर मिजोरम समेत सभी राज्यों में बाढ़ ने विकराल रूप ले लिया है। असम व मणिपुर में बाढ़ और बारिश से सात लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मणिपुर में 3,365 घरों को नुकसान पहुंचा है।…
असम और मेघालय में भारी तबाही देखने को मिल रही है। दोनों ही राज्यों में बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। असम में 21 जिले बाढ़ की चपेट में है और 6.32 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। स्थानीय मौसम केंद्र ने 11 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। सड़क, रेल और फेरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना
दक्षिण-पश्चिम मानसून समय से लगभग आठ दिन पहले आने के बाद ठिठक गया है। अब इसके 11 जून से फिर गति पकड़ने की उम्मीद है। इस बीच, जहां तक मानसून पहुंचा है वहां भारी बारिश हो रही है। इनमें दक्षिण भारत के केरल और आंध्र प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य शामिल हैं। पूर्वोत्तर में खासतौर पर ज्यादा नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग के मुताबिक 5 जून तक पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इससे स्थिति के और खराब होने की आशंका है।
सिक्किम में 1,700 लोग निकाले गए
सिक्किम में भूस्खलन के बाद फंसे 34 लोगों को दो एमआई-17 वी5 हेलिकॉप्टरों की मदद से सुरक्षित निकाल कर पास के पाकयोंग हवाई अड्डे पर पहुंचाया गया है। राज्य में राज्य के विभिन्न हिस्सों में फंसे अब तक 1,700 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

सैनिकों-सैलानियों की तलाश जारी
सिक्किम के लाचेन शहर के छतेन में सैन्य शिविर पर भूस्खलन के बाद लापता छह सैनिकों की तलाश तेज कर दी गई है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 23 सदस्यीय टीम को भी तलाशी अभियान में लगाया गया है। वहीं, उफनती तीस्ता नदी में वाहन के साथ बहे आठ लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। 29 मई की रात वाहन एक हजार फीट नीचे नदी में गिर गया था। इसमें 11 लोग सवार थे, जिनमें से दो लोगों को सुरक्षित निकाल गया था, जबकि एक की मौत हो गई थी, शेष लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है। वहीं, मेघालय में एनडीआरएफ के जवान इंदौर की एक लापता पर्यटन की तलाश में जुटे हैं। महिला के पति का शव एक दिन पहले पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में एक खड्ड में मिला था, जिसकी पहचान राजा रघुवंशी (29) के रूप में हुई थी। राजा और उनकी पत्नी सोनम 23 मई से ही लापता थे। एनडीआरएफ की 17 सदस्यीय टीम सोनम की तलाश में जुटी है।
मिजोरम : 10 दिन में 5 मौतें
बारिश और बाढ़ से मिजोरम भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीते 10 दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन की 552 घटनाएं हुई हैं और 152 घरों को नुकसान पहुंचा है। इन घटनाओं में 5 लोगों की जान चली गई है। भूस्खलन या दरारों के कारण 198 परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और बाढ़ के कारण 92 अन्य ने अपने घर खाली कर दिए हैं। बाढ़ से राज्य के 11 जिले प्रभावित हुए हैं। बारिश के चलते 10 जिलों में मंगलवार को पांचवें दिन भी स्कूल बंद रहे।

31,212 लोग राहत शिविरों में
असम में प्रभावित लोगों के लिए 165 राहत शिविर और 157 राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। राहत शिविरों में 31,212 लोगों ने शरण ले रखा है। बाढ़ प्रभावितों के बीच खाने के पैकेट और पानी की बोतलें पहुंचाई जा रही हैं।
1.64 लाख लोग मणिपुर में प्रभावित
मणिपुर में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़कर 1.64 लाख हो गई है। 35,143 घरों को नुकसान पहुंचा है। कम से कम 3,917 बाढ़ प्रभावित लोगों को निकाला गया है जबकि 77 राहत शिविर खोले गए हैं।
पीएम मोदी ने की बात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और सिक्किम के मुख्यमंत्रियों और मणिपुर के राज्यपाल से बात कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। जानकारी के मुताबिक पूर्वोत्तर क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन के कारण असम में 17, अरुणाचल में 11, मेघालय में 6, मिजोरम में 5, सिक्किम में 3 और त्रिपुरा में 1 व्यक्ति की मौत हुई हैं।
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चट्टानी इरादों को पहाड़ों ने दिया रास्ता, 400 मीटर की बाधा दूर करने में लगे चार साल
जम्मू-कश्मीर सिर्फ तीन दिन बाद इतिहास रचने जा रहा है…दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज शान से खड़ा है…न्यू इंडिया की ताकत और दूरदर्शिता का गौरवपूर्ण प्रतीक यह पुल भारतीय इंजीनियरिंग कौशल और तकनीक की अद्भुत मिसाल है। 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आर्च तकनीक पर बना यह पुल फ्रांस के एफिल टावर से भी ऊंचा…
जम्मू-कश्मीर सिर्फ तीन दिन बाद इतिहास रचने जा रहा है…दुनिया का सबसे ऊंचा चिनाब रेलवे ब्रिज शान से खड़ा है…न्यू इंडिया की ताकत और दूरदर्शिता का गौरवपूर्ण प्रतीक यह पुल भारतीय इंजीनियरिंग कौशल और तकनीक की अद्भुत मिसाल है। 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित आर्च तकनीक पर बना यह पुल फ्रांस के एफिल टावर से भी ऊंचा है…प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जब इस पुल का उद्घाटन करेंगे, तो जम्मू-कश्मीर की तरक्की का एक नया अध्याय शुरू होगा…
प्रलय की निस्तब्धता में सृष्टि का नवगान फिर फिर…ये पंक्तियां उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला लिंक प्रोजेक्ट (यूएसबीआरएल) को साकार करने वाले रेल अभियंताओं पर सटीक बैठती हैं। प्रोजेक्ट को अंजाम तक पहुंचाने वाले पूर्व सीईओ संदीप गुप्ता बताते हैं, जब इस काम को हम लोगों ने हाथ में लिया, तो मंजिलें धुंधली सी दिख रही थीं। कदम-कदम पर बाधाएं खड़ी थीं। मार्ग पर पड़ने वाले ऊंचे-ऊंचे पहाड़ संकल्पों को चुनौती दे रहे थे। इस सबको देखते हुए किसी ने कब्रिस्तान कहकर इस प्रोजेक्ट का मजाक उड़ाया, तो किसी ने पागलपन कहा।
इस रूट पर सफर करते ही एहसास हो जाता है कि इंजीनियरों के सामने कितनी चुनौतियां रही होंगी। पूरा रूट किसी करिश्मे जैसा लगता है। कटड़ा से बनिहाल तक के 111 किलोमीटर के ट्रैक पर सुरंग ही सुरंग हैं। वह भी बेहद दुर्गम। अंजी खड्ड केबल ब्रिज तो जादू सरीखा लगता है। यही भाव एफिल टावर से भी ज्यादा ऊंचाई पर बने चिनाब ब्रिज को देखकर आता है। इस रेल ट्रैक के इन दो अजूबे निर्माणों के शिल्पी उत्तराखंड निवासी सीईओ संदीप गुप्ता, बिहार निवासी चीफ इंजीनियर सुजय कुमार, लद्दाख निवासी महताब रहे हैं।
सुरंगों से शानदार सफर का रोमांच
रूट पर कुल 55 सुरंग हैं। इतनी सुरंगों वाला देश का यह अकेला मार्ग है। जम्मू से कटड़ा तक 30 और कटड़ा से बनिहाल तक 25 सुरंग हैं। कुल मिलाकर कटड़ा से बनिहाल तक 111 किलोमीटर के ट्रैक में से 97 किलोमीटर में सिर्फ सुरंगें हैं। एलईडी लाइटों की जगमगाहट एहसास ही नहीं होने देती कि लंबी-लंबी सुरंगों के अंदर आप सफर कर रहे हैं। कहीं कोई जर्क नहीं लगता। बेमिसाल इंजीनियरिंग सफर को गर्व के एहसास से भर देती है।
ट्रेन के साथ ही पहली बार सड़क से जुड़े कई गांव
आसपास के गांवों के लोगों की स्टेशनों पर पहुंच बढ़ाने के लिए 250 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कें बनाई गईं। यह काम रेल प्रोजेक्ट के बजट से हटकर कराया गया। रूट पर पड़ने वाला सांवलकोट गांव तो पहली बार सड़क से जुड़ा है। बक्कल गांव भी ऐसा ही है।
- हमारे लिए नई सुबह है यह रेल लाइन
बक्कल के लोग बताते हैं कि रास्ता नहीं होने से उनके बेटे-बेटियों की शादियों में अड़चनें आती थीं। ग्रामीण कहते हैं कि ये रेल मार्ग उनके लिए नई सुबह लेकर आया है। सेब व अन्य फल उत्पादकों के लिए भी यह रेल मार्ग सौगात लेकर आया है। इससे बाजार तक उनकी पहुंच आसान होगी।
सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य टनल टी-33 का
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल परियोजना में सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य टनल टी-33 का था। 3.2 किमी लंबी इस टनल में 400 मीटर का क्षेत्र मेन बाउंड्री थ्रस्ट (एमबीटी) से गुजरता है। आसान शब्दों में कहें तो एमबीटी हिमालय में भूकंपीय दोषों की एक लंबी शृंखला है। यहां खोदाई के दौरान पानी के रिसाव की बड़ी समस्या थी। यहां की चुनौतियों से पार पाने में रेलवे को चार साल का समय लगा। टी-33 टनल माता वैष्णो देवी भवन वाले त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में हिमालय की एमबीटी वाले हिस्से में है। यहां बड़ी दरारें थीं, जिसके कारण पानी तेजी से रिसता था। इसे बंद करने के लिए रेलवे के इंजीनियरों व श्रमिकों ने करीब आठ महीने तक दो शिफ्टों में 24 घंटे काम किया।
- डीप ड्रेनेज पाइपिंग के सहारे पानी को टनल के बाहर मोड़ गया। एक समय ऐसा भी आया कि निर्माण कार्य बंद करने की योजना बनने लगी। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सलाह ली गई, लेकिन वे भी ऐसी स्थिति देखकर हैरान रह गए।
- मार्च 2022 में टनल बनाने की प्रणाली में रणनीतिक बदलाव की शुरुआत की गई। यहां गहरे स्थान से जल निकासी के लिए छतरी पाइप लगाने, रासायनिक ग्राउटिंग, फेस बोल्टिंग, अनुक्रमिक उत्खनन आदि का इस्तेमाल किया गया जिससे रिसाव पर काबू पाने में मदद मिली। टी-33 का काम सबसे बाद में पूरा हुआ।
- ये टनल कटड़ा से शुरू होती है इसके आगे टनल-34 और फिर अंजी खड्ड पर बना केबल स्टेड रेल ब्रिज आता है।
सुरंगों में ट्रेनों को स्विट्जरलैंड की तकनीक से मिलेगी बिजली
बिजली से ट्रेनों के संचालन के लिए उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक प्रोजेक्ट में देश में पहली बार ओवरहेड रिजिड कंडक्टर का इस्तेमाल किया गया है। ओवरहेड रिजिड कंडक्टरों को सुरंगों से गुजरने वाली ट्रेनों के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया है। यह तकनीक स्विट्जरलैंड से ली गई है।
यूएसबीआरएल के पहले देश भर में जितने भी रेलमार्गों का विद्युतीकरण हुआ, उनमें पैंटोग्राफ तकनीक वाले ओवरहेड कंडक्टर लगाए गए हैं। इस तकनीक में इंजन के ऊपर बिजली के तार को टच करने वाला एंटीना लगा होता है। इस तकनीक में लचीले तार लगे होने से ट्रेन के ऊपर पर्याप्त जगह की जरूरत होती है। रिजिड ओवरहेड कंडक्टर में बिजली सप्लाई के लिए लचीले तार के बजाय कठोर कंडक्टर का प्रयोग होता है। इसमें तांबे का तार लगा होता है जो बिजली के प्रवाह को निर्बाध रखता है। जहां भी पर्याप्त जगह नहीं होती, वहां इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इस रूट पर सुरंगों की छतों पर इसे फिट गया है।
कटड़ा से बनिहाल तक के 111 किलोमीटर में 55 सुरंगें हैं। इनमें से कुछ तो आठ से दस किलोमीटर तक लंबी हैं। सुरंगों में कम जगह में पैंटोग्राफ तकनीक का प्रयोग संभव नहीं था। इसीलिए अत्याधुनिक ओवरहेड रिजिड कंडक्टर लगाए गए हैं। इसे लगाने में प्रति किलोमीटर तीन करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। टनल में विद्युतीकरण का कार्य कराने वाले डिप्टी चीफ इंजीनियर मोहन स्वरूप बताते हैं कि देश में ट्रैकों के विद्युतीकरण के इतिहास में पहली बार इस तरह के रिजिड ओवरहेड कंडक्टर प्रयोग किए गए हैं।
स्काडा सिस्टम से हो रही टनल के बिजली उपकरणों की निगरानी
पूरे टनल की बिजली का प्रबंधन और नियंत्रण स्काडा यानी सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन सिस्टम से हो रहा है। सेंसर से जुड़ा यह सिस्टम कहीं कोई समस्या आने पर तुरंत सूचना देता है। उसे दुरुस्त करने के लिए यंत्र भी तुरंत प्रभावी हो जाते हैं।
- सुरंगों में पावर सप्लाई निर्बाध बनाए रखने के लिए पांच जगहों से कनेक्शन लिए गए हैं। वहीं, 33 केवी सप्लाई का पोर्टल सब स्टेशन आपातकाल के लिए सक्रिय रहता है। टनल के भीतर दो अंडरग्राउंड सबस्टेशन बनाए गए हैं। खास बात है कि सभी सबस्टेशन स्वचालित हैं। बिजली से संबंधित किसी भी तरह की समस्या आने पर ये सारे सिस्टम तत्काल सक्रिय हो जाने में सक्षम हैं।
हर 70 मीटर पर वेंटिलेशन सिस्टम
- सुरंगों में हर 70 मीटर पर वेंटिलेशन सिस्टम लगाए गए हैं। सुरंग में प्रदूषण बढ़ने या धुआं आने पर ये स्वतः संचालित हो जाएंगे। इससे यात्रियों को कोई नुकसान नहीं होगा।

कोहली-अवनीत विवाद से लेकर दिग्वेश के नोटबुक सेलिब्रेशन तक, इन 10 बड़ी वजहों से चर्चा में रहा यह सीजन
आईपीएल 2025 का फाइनल आज अहमदाबाद में खेला गया। पंजाब किंग्स का रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से सामना हुआ। अहमदाबाद में खेले गए इस मुकाबले में आरसीबी ने पंजाब को छह रन से हराकर अपना पहला खिताब अपने नाम कर लिया।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आखिरकार आईपीएल का खिताब जीत लिया है। टीम ने फाइनल में पंजाब को छह रन से हरा दिया। 2022 के बाद इस लीग को एक नया चैंपियन मिल गया है। यह सीजन कई मायनों में दिलचस्प रहा। कुछ बड़े रिकॉर्ड्स बने तो किसी के सेलिब्रेशन ने दर्शकों का ध्यान खींचा। दिग्वेश राठी के नोटबुक सेलिब्रेशन को लेकर काफी विवाद हुआ, वहीं विराट कोहली के अवनीत कौर के फोटो लाइक करने को लेकर भी काफी चर्चा हुई। तिलक वर्मा का रिटायर्ड आउट होने पर भी फैंस भड़क गए।

कोहली का अवनीत कौर की फोटो लाइक करना
दो मई को विराट कोहली ने अवनीत की फोटो लाइक कर दी थी। इसके बाद वह ट्रोल हो गए। बाद में विराट ने इंस्टाग्राम स्टोरी में फोटो लाइक करने के पीछे की वजह बताई थी और सफाई पेश की थी। मामला बढ़ता देख कोहली ने स्पष्टीकरण दिया जिससे इसे लेकर किसी तरह की गलतफहमी आगे ना बढ़े। हालांकि, इसने आग में घी डालने का काम किया। कोहली ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ‘मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि जब मैं अपनी फीड देख रहा था तो शायद गलती से प्रतिक्रिया दी गई। इसके पीछे किसी तरह का कोई इरादा नहीं था। मैं अपील करता हूं किसी तरह की गैर जरूरी कयास नहीं लगा जाएं। आप लोगों का धन्यवाद।’ इसके बाद कोहली को जमकर ट्रोल किया गया। कई स्टार्स की प्रतिक्रियाएं आईं। राहुल वैद्य ने इसमें काफी सुर्खियां बटोरीं।
2. राहुल वैद्य और कोहली के बीच विवाद
विराट के अवनीत की तस्वीर लाइक करने पर गायक राहुल वैद्य सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। राहुल वैद्य का बयान भी सामने आया। राहुल ने इंस्टाग्राम स्टोरी लगाकर कहा कि विराट कोहली के फैंस विराट से भी बड़े जोकर हैं। इसके अलाव उन्होंने विराट के फैंस पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके परिवार को गाली दी है। कोहली ने अवनीत की तस्वीर लाइक करने के अपने स्पष्टीकरण में ‘एल्गोरिद्म’ और ‘इंटरैक्शन’ जैसे शब्द का उपयोग किया था। इसके बाद राहुल वैद्य ने लगातार पोस्ट कर विराट पर निशाना साधा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कोहली ने उन्हें इंस्टाग्राम पर ब्लॉक किया है। हालांकि, कुछ दिन बाद वैद्य ने खुद अपडेट देते हुए कहा कि अब कोहली ने उन्हें अनब्लॉक कर दिया है। उन्होंने तुरंत यू टर्न लेते हुए कहा, ‘धन्यवाद विराट कोहली! मुझे अनब्लॉक करने के लिए। आप क्रिकेट के अब तक के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं और आप भारत का गर्व हो! जय हिंद। भगवान आपको और आपके परिवार को आशीर्वाद दे।’

3. दिग्वेश राठी का नोटबुक सेलिब्रेशन, अभिषेक से भिड़े, मांकडिंग की कोशिश
दिग्वेश का नोटबुक सेलिब्रेशन ने खूब सूर्खियां बटोरीं। हालांकि, इसकी उन्हें भारी कीमत भी चुकानी पड़ी। दिग्वेश का यह पहला आईपीएल रहा और उन्होंने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित भी किया। उन्होंने 13 मैचों में 14 विकेट लिए और उनका इकोनॉमी रेट 8.25 का रहा। इनमें से ज्यादातर विकेट लेने के बाद दिग्वेश ने नोटबुक सेलिब्रेशन किया और इसके लिए बीसीसीआई का चाबुक भी उन पर चला। उन पर भारी जुर्माना लगा, लेकिन दिग्वेश ने सेलिब्रेशन करना जारी रखा। उन्हें विराट की तरह क्रिकेट का बैड बॉय तक कहा गया। इसको लेकर कप्तान पंत से उनकी बहस भी हुई, लेकिन दिग्वेश नहीं माने। फैंस ने तो उन्हें यहां तक ट्रोल किया कि ‘आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया’। सनराइजर्स के खिलाफ मैच के दौरान दिग्वेश ने अभिषेक शर्मा को भी नोटबुक सेलिब्रेशन से वापस भेजा, लेकिन अभिषेक से उनकी बहस हो गई और दोनों करीब आ गए। अभिषेक ने बाल भी नोंचना का इशारा किया था। दिग्वेश ने आरसीबी के खिलाफ लीग राउंड के आखिरी मैच में जितेश शर्मा को मांकड़िंग की कोशिश भी की। हालांकि, जितेश नॉटआउट रहे। दिग्वेश का ऐसा करना भी चर्चा में रहा।


4. तिलक वर्मा रिटायर्ड आउट
चार अप्रैल को आईपीएल 2025 का सबसे पहला विवाद सामने आया था। उस दिन मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाएंट्स का मुकाबला हुआ था। उस मैच में मुंबई मैनेजमेंट ने अचानक फैसला लेते हुए तिलक वर्मा को रिटायर्ड आउट कर पवेलियन वापस बुला लिया था। उस वक्त मुंबई को जीत के लिए सात गेंद में 24 रन की जरूरत थी। इस फैसले ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी। तिलक बतौर इम्पैक्ट प्लेयर मैदान पर आए थे, लेकिन उन्हें रिटायर्ड आउट कर दिया गया। फैंस काफी गुस्सा थे और उन्होंने कप्तान हार्दिक पांड्या और कोच महेला जयवर्धने पर सवाल खड़े किए थे। मुंबई यह मैच हार गई थी। सूर्यकुमार यादव कोच जयवर्धने की ओर इशारा करते हुए कहते हुए दिख रहे थे कि ये क्या है? ऐसा क्यों हो रहा है? इस पर जयवर्धने ने उनकी कान में कुछ कहा था। बाद में जयवर्धने ने कहा था कि यह उनका फैसला था, क्योंकि तिलक बड़े शॉट नहीं लगा पा रहे थे।

5. बुमराह और करुण नायर के बीच बहस
13 अप्रैल को मुंबई और दिल्ली के बीच मैच में बुमराह और करुण नायर के बीच बहस हो गई थी। दरअसल, करुण ने बुमराह को निशाना बनाते हुए एक ही ओवर में दो छक्के समेत 18 रन ठोके थे। इस मैच में 33 वर्षीय बल्लेबाज ने 22 गेंदों में अपने आईपीएल करियर का 11वां पचासा पूरा किया था। मैच के दौरान बुमराह और नायर के बीच बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। दरसअल, जब नायर आखिरी दो रन के लिए दौड़ रहे थे तभी उनकी बुमराह से टक्कर हो गई थी। यह बात तेज गेंदबाज को हजम नहीं हुई। बुमराह को उनसे कहते सुना गया कि जिस जगह तुम दौड़कर आए वो मेरी जगह थी। करुण भी इसपर जवाब देते दिखे। हालांकि, हार्दिक पांड्या बीच में आकर दोनों को अलग किया। वहीं, रोहित शर्मा करुण नायर से इशारों-इशारों में मजाक मस्ती करते दिखे।

कोहली और श्रेयस अय्यर के बीच विवाद
लीग स्टेज के दौरान मुल्लांपुर में जब आरसीबी और पंजाब की टीम आमने सामने आई थी तो विराट कोहली और श्रेयस अय्यर के बीच विवाद हुआ था। आरसीबी ने मैच जीता और मैच खत्म होने के बाद कोहली पंजाब के कप्तान श्रेयस को अपने जश्न मनाने के अंदाज से चिढ़ाते दिखे थे। इस पर पॉइंट में खड़े श्रेयस कुछ कहते हुए कोहली की तरफ बढ़े। जब हैंडशेक के लिए दोनों एक दूसरे के करीब पहुंचे तो कोहली तब भी कुछ हंसते हुए कहते दिखे। इस पर ऐसा लगा कि श्रेयस आपत्ति जता रहे हैं। उनके चेहरे पर न तो हंसी थी और वह गंभीर मुद्रा में नजर आए। इससे साफ था कि वह कोहली के जश्न मनाने के अंदाज से खुश नहीं थे। दोनों के बीच गंभीर बातचीत हुई। हालांकि, कोहली तब भी मुस्कुराते हुए दिखे थे।

7. कोहली ने मुशीर को किया स्लेज
क्वालिफायर-एक में जब पंजाब और आरसीबी की टीम आमने-सामने आई तो कोहली को पंजाब के युवा ऑलराउंडर मुशीर खान को ट्रोल करते देखा गया। च के दौरान विराट ने पंजाब के बल्लेबाजों को स्लेज करने का कोई मौका नहीं छोड़ा। जैसा ही पंजाब के मुशीर खान इम्पैक्ट सबस्टीट्यूट के रूप में बल्लेबाजी के लिए आए कोहली ने उनकी ओर कुछ इशारा किया। इस इशारे को लेकर विवाद हो रहा है। मुशीर जब बल्लेबाजी कर रहे थे तो स्लिप से कोहली ने इशारा किया। फैंस का कहना है कि कोहली ने मुशीर का मजाक उड़ाया और कहा कि ये तो पानी पिलाने वाला खिलाड़ी है। इसका वीडियो भी सामने आया था। मुशीर इससे पहले 12वें खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे थे और मैदान पर वाटर बॉय बने थे। फैंस ने विराट की इस हरकत की काफी आलोचना की थी।

8. हार्दिक और साई किशोर भिड़े
29 मार्च को गुजरात टाइटंस का सामना मुंबई इंडियंस से हुआ था। मुकाबला एकतरफा रहा और गुजरात ने जीत हासिल की। इस मैच में एक ऐसी घटना भी घटी जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। दरअसल, मैच के दौरान गुजरात के स्पिनर साई किशोर और मुंबई के कप्तान हार्दिक पांड्या आमने-सामने आ गए थे। मुंबई की टीम जब बल्लेबाजी कर रही थी, तो उस दौरान 15वें ओवर में साई किशोर गेंदबाजी के लिए आए। तब हार्दिक स्ट्राइक पर थे। साई किशोर ने चार में से तीन गेंद पर हार्दिक को बीट किया। इसके बाद उन्होंने हार्दिक को घूर कर देखा। इस पर हार्दिक चिढ़ गए और उन्होंने कुछ ऐसा कहा जो हम यहां लिख नहीं सकते। हालांकि, उनकी आवाज स्टंप माइक पर रिकॉर्ड नहीं हुई, लेकिन होंठ के मूवमेंट से पता चला कि वह क्या कह रहे थे। साई किशोर इसके बाद वापस लौट गए। यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, मैच के बाद हार्दिक ने मुस्कुराते हुए साई किशोर को गले से लगाया और उनकी पीठ भी थपथपाई। फैंस के बीच यह घटना भी चर्चा का विषय रहा।

हरभजन और जोफ्रा आर्चर – फोटो : ANI
9. हरभजन सिंह का जोफ्रा आर्चर को लेकर नस्लीय टिप्पणी
23 मार्च को सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स के बीच मैच के दौरान हरभजन सिंह एक बयान काफी चर्चा में रहा। भज्जी पर नस्लीय टिप्पणी करने के आरोप लगे थे। उनका बयान जोफ्रा आर्चर को लेकर था और फैंस सोशल मीडिया पर हरभजन के इस बयान की आलोचना भी की। दरअसल, हरभजन ने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद बनाम राजस्थान रॉयल्स मैच में कमेंट्री करते हुए इंग्लैंड और राजस्थान रॉयल्स के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को लेकर कुछ समझाते हुए ‘काली टैक्सी’ शब्द का इस्तेमाल किया था। वह उदाहरण दे रहे थे और आर्चर को समझाने के लिए उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल किया। हरभजन को कमेंट्री के दौरान यह कहते हुए सुना गया, ‘लंदन में काली टैक्सी का मीटर तेज भागता है और यहां पर आर्चर साहब का मीटर भी तेज भाग रहा है।’ फैंस ने इस मामले पर हरभजन को लताड़ा था और उनसे माफी मांगने के लिए कहा था।

10. केकेआर का पिच विवाद, हर्षा भोग्ले को ईडन गार्डेंस में कमेंट्री से रोका गया
2024 की चैंपियन कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम को अपने ही मैदान पर कई मैचों में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे ने पिच को लेकर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि उन्हें मन मुताबिक पिच नहीं मिली। रहाणे का कहना था कि उन्होंने स्पिन ट्रैक बनाने कहा था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद ईडन गार्डेंस के पिच क्यूरेटर सुजान मुखर्जी का बयान सामने आया था और उन्होंने रहाणे और केकेआर टीम मैनेजमेंट को ही लताड़ दिया था। उन्होंने कहा था कि पिच बीसीसीआई के निर्देशों के मुताबिक बनाई गई है। उन्होंने कहा था कि बाकी टीमों के स्पिनर्स को टर्न मिल रही, सिर्फ केकेआर के साथ क्यों हो रहा। सुजान को बंगाल क्रिकेट संघ का समर्थन भी मिला था। वहीं, रहाणे को हर्षा भोग्ले और साइमन डूल का समर्थन मिला था। दोनों कमेंटेटर ने कहा था कि अगर पिच क्यूरेटर घरेलू टीम के मुताबिक पिच नहीं बना सकते तो टीम को वहां नहीं खेलकर किसी दूसरी जगह को होम ग्राउंड बना लेना चाहिए। इसके बाद बंगाल क्रिकेट संघ ने बीसीसीआई को चिट्ठी लिखकर हर्षा को ईडन गार्डेंस में कमेंट्री नहीं करने देने को कहा था। हर्षा इसके बाद ईडन गार्डेंस में कमेंट्री करते दिखे भी नहीं। इस पर विवाद हुआ तो हर्षा ने सफाई पेश की थी और कहा था कि वह ईडन गार्डेंस के बाकी बचे मैचों के कमेंट्री पैनल में थे ही नहीं।
‘पाकिस्तान में लोकतंत्र नहीं सेना चला रही सरकार’, ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पड़ोसी को दिखाया आईना
ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन ने पाकिस्तान को असफल राष्ट्र बताते हुए कहा कि वहां लोकतंत्र नहीं, सेना राज कर रही है। साथ ही उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे को खत्म करने की मांग की और आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मदद रोकने की बात भी कही।

ब्रिटेन के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मंगलवार को पाकिस्तान को एक असफल राष्ट्र करार देते हुए उस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि पाकिस्तान में असल में सत्ता किसके पास है, लोकतंत्र के प्रतिनिधियों के या फिर सेना के जनरलों के? लंदन में भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के नेतृत्व में पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद ब्लैकमैन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
भारतीय क्षेत्र में आतंकवाद फैलाने का आरोप
बॉब ब्लैकमैने ने कहा कि पाकिस्तान पर भारतीय क्षेत्र में आतंकवाद को प्रोत्साहित करने और जम्मू-कश्मीर के अवैध कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक असफल राज्य है। वहां लोकतंत्र नहीं है। वहां की सेना लोगों पर राज कर रही है और भारत की संप्रभुता में दखल दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 1947 में जैसा तय हुआ था, उसी अनुरूप पूरा जम्मू-कश्मीर भारत के अधीन होना चाहिए।
अंतरराष्ट्रीय सहायता पर उठाया सवाल
साथ ही सांसद ने पाकिस्तान को मिलने वाली अंतरराष्ट्रीय सहायता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यह पैसा देश के विकास या पोलियो जैसी बीमारियों से लड़ने में खर्च होना चाहिए न कि चीन से हथियार खरीदकर भारत पर आतंकी हमले करने में।
आरसीबी की जीत के बाद बंगलूरू की सड़कों पर उमड़ा ‘लाल समंदर’
तीन जून को पहली बार बंगलूरू के लोगों ने इसे अनुभव किया। ‘ई साला कप नामदे (इस साल कप हमारा होगा) का नारा ‘ई साला कप नामदू (इस साल कप हमारा है) में बदल गया।
जोश हेजलवुड ने जैसे ही मैच की आखिरी गेंद फेंकी, बंगलूरू की सड़कों पर लाल जर्सी पहने रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू के समर्थकों का मानो सैलाब उमड़ पड़ा और ‘आरसीबी और कोहली’ के शोर से आसमान गूंज गया। बड़े बड़े सितारों से सजी आरसीबी की टीम को पिछले 18 साल में यह मौका नहीं मिला था । कभी चेन्नई में जश्न मना तो कभी मुंबई में । कोलकाता, हैदराबाद और जयपुर में भी जीत का यह जश्न मनता आया लेकिन बंगलूरू में निराशा छाई रही।
तीन जून को पहली बार बंगलूरू के लोगों ने इसे अनुभव किया। ‘ई साला कप नामदे (इस साल कप हमारा होगा) का नारा ‘ई साला कप नामदू (इस साल कप हमारा है) में बदल गया। कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने एक्स पर लिखा, ‘आपने कर्नाटक के हर व्यक्ति का सपना इस जीत से साकार कर दिया है। पूरी आरसीबी आर्मी के लिये यह भावुक पल। कर्नाटक को गर्व है।’
आरसीबी के पूर्व कप्तान और भारत के महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने लिखा, ‘आरसीबी को बधाई। इतने लंबे इंतजार के बाद शानदार जीत।’ सड़कों पर बाइक और कार पर लोग आरसीबी के बैनर और झंडे लेकर निकल पड़े। अब उन्हें इंतजार है अपने चैम्पियंस का । मानसून के मौसम में हरा भरा दिख रहा बंगलूरू अगले कुछ दिन लाल रंग में रंगा दिखेगा।

एलन मस्क ने ट्रंप के टैक्स और खर्च बिल को बताया घिनौना अभिशाप, व्हाइट हाउस ने किया बचाव
एलन मस्क ने राष्ट्रपति ट्रंप के टैक्स कट्स और खर्च बिल की आलोचना करते हुए इसे घिनौना अभिशाप करार दिया। मस्क ने इसे अत्यधिक खर्चीला और बेमकसद बताया। इस पर व्हाइट हाउस ने बिल का बचाव करते हुए कहा कि राष्ट्रपति इस पर कायम हैं और मस्क की राय में कोई बदलाव नहीं हुआ है
।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहली बार आज मंत्रिपरिषद की बैठक करेंगे।
विराट कोहली का फूट-फूट कर रोना, अय्यर का उतरा चेहरा,IPL 2025 फाइनल की ये खास लम्हे तस्वीरों में
रॉयल चैलेंजर्स ने पंजाब किंग्स के खिलाफ आईपीएल के खिताबी मुकाबले में अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से मंगलवार को नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 20 ओवर में नौ विकेट पर 190 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बना लिया।

आईपीएल 2025 के फाइनल मुकाबले में आरसीबी ने पंजाब किंग्स की टीम को 6 रन से हरा दिया। इस मुकाबले में पंजाब किंग्स की टीम ने टॉस जीतने के बाद आरसीबी को पहले बल्लेबाजी के लिए बुलाया था। आरसीबी की बैटिंग में शुरुआत कुछ खा नहीं रही थी, लेकिन इसके बावजूद टीम ने 190 रन का स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में पंजाब किंग्स की टीम 184 रन के स्कोर तक ही पहुंच पाएगी। इस तरह आरसीबी की टीम ने आईपीएल में पहली बार खिताब जीतकर इतिहास रच दिया।
आरसीबी ने जीता आईपीएल 2025 का खिताब

आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स के खिलाफ आरसीबी ने 6 रन से जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही आरसीबी के लिए आईपीएल ट्रॉफी जीतने के 18 साल का इंतजार खत्म हुआ। फाइनल मुकाबले में जीत के साथ ही पूरी आरसीबी की टीम जश्न में डूब गई।
बच्चों की तरह रोने लगे थे विराट कोहली

पंजाब किंग्स के खिलाफ फाइनल मुकाबले में जीत के साथ ही आरसीबी के दिग्गज विराट कोहली बच्चे की तरह फूट-फूट कर रोने लगे थ। आरसीबी की इस ऐतिहासिक जीत के बाद विराट कोहली अपनी भावनाओं पर काबू नहीं कर पाए थे।
पंजाब के लिए अकेले रहते रहे शशांक सिंह

आईपीएल 2025 के फाइनल मुकाबले में आरसीबी के खिलाफ शशांक सिंह अकेले रहते थे। शशांक सिंह ने टीम के लिए आखिर तक बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंद में 6 छक्के और 3 चौके की मदद से 61 रनों की पारी खेली, लेकिन उन्हें टीम के किसी भी बल्लेबाज का साथ नहीं मिल सका, जिसके कारण पंजाब किंग्स को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
भुवनेश्वर कुमार ने एक ओवर में 2 विकेट लिए

पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में भुवनेश्वर कुमार ने एक ही ओवर में दो विकेट लेकर मैच आरसीबी की तरफ मोड़ दिया। भुवनेश्वर ने अपने 4 ओवर के स्पेल में 38 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। उनकी इस दमदार पारी के कारण ही आरसीबी ने इतिहास रचते हुए आईपीएल का खिताब अपने नाम किया।
नहीं चला पंजाब किंग्स के लिए श्रेयस अय्यर का बल्ला

आरसीबी के खिलाफ फाइनल में पंजाब किंग्स को उस समय सबसे बड़ा झटका लगा था कप्तान श्रेयस अय्यर सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। श्रेयस अय्यर का फाइनल मैच में नहीं चल पाना पंजाब को भारी नुकसान कर गया। अय्यर ने पंजाब किंग्स के लिए इससे पहले क्वालिफायर-2 में बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया था।
जोश इंग्लिस का विकेट रहा टर्निंग पॉइंट

आरसीबी के खिलाफ फाइनल मैच में पंजाब किंग्स के लिए जोश इंग्लिस का विकेट मुकाबले का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इंग्लिस पंजाब की तरफ से ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे हैं, लेकिन सिक्स लगाने की कोशिश वह अपना विकेट गंवा बैठे।
काइल जैमीसन ने पंजाब के लिए झटका तीन विकेट

पंजाब किंग्स के लिए काइल जैमीसन ने शानदार गेंदबाज करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। जैमीसन ने अपनी टीम के लिए चा ओवर के स्पेल में 48 रन खर्च किए। जैमीसन ने आरसीबी के फिल साल्ट, रजत पाटीदार और लियाम लिविंगस्टोन का विकेट हासिल किया।
जितेश शर्मा ने खेली कैमियो पारी

टॉप ऑर्डर बल्लेबाजी में आरसीबी के लिए जितेश शर्मा ने 20 गेंद में 24 रनों की दमदार पारी खेली। अपनी इस पारी में जितेश ने 2 चौके और 2 छक्के भी लगाए थे। आरसीबी के लिए जितेश की यह पारी बेशक छोटी रही, लेकिन जिस अंदाज में उन्होंने ये रन बनाए वह काफी इंपैक्टफुल था।
रजत पाटीदार ने भी खेली ताबड़तोड़ पारी

आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में आरसीबी के कप्तान रजत पाटी की पारी भी छोटी रही। रजत पाटीदार आरसीबी के लिए 16 गेंद में 26 रन बनाकर आउट हुए। अपनी इस पारी में उन्होंने 2 छक्के और 1 चौके भी लगाए।
विराट कोहली की पारी रही धीमी

पंजाब किंग्स के खिलाफ फाइनल में विराट कोहली की पारी काफी सुस्त रही। विराट कोहली का स्ट्राइक रेट 122.86 का रहा। विराट कोहली 35 गेंद में 43 रन बनाकर आउट हुए। अपनी इस पारी में उन्होंने सिर्फ 3 छक्के लगाए और वह भी एक भी छक्का नहीं लगा पाए।
अंतिम ओवर में अर्शदीप सिंह मचाया कोहराम

आरसीबी ने 19 ओवर में छह विकेट पर 187 रन बना लिए थे और वह 200 से ऊपर जाता दिखाई दे रहा था लेकिन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने आखिरी ओवर में तीन विकेट चटकाए और सिर्फ तीन रन दिए जिससे आरसीबी का 200 रन बनाने का सपना टूट गया।
आईपीएल 2025 की विनर्स लिस्ट देखिए, किसे मिले कितने पैसे
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीती। आईपीएल फाइनल खत्म होते ही कई खिलाड़ियों ने अलग-अलग तरह के अवार्ड जीते, ऐसे में आइए पूरी लिस्ट पर एक नजर डालते हैं।

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL का खिताब पहली बार जीता। उन्होंने फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराया। क्रुणाल पंड्या को उनके शानदार प्रदर्शन (4 ओवर में 2/17) के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। शशांक सिंह ने भी हारने वाली टीम के लिए शानदार अर्धशतक बनाया। उन्होंने सबसे ज्यादा छक्के लगाए और सबसे ज्यादा फैंटेसी पॉइंट भी हासिल किए।
RCB ने पहली बार IPL जीतकर इतिहास रच दिया है। उन्होंने पंजाब किंग्स को हराकर यह मुकाम हासिल किया। इस जीत के साथ RCB ने 20 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि भी जीती। वहीं, पंजाब किंग्स को 12.5 करोड़ रुपए मिले। ऐसे में आइए जानते हैं कि फाइनल जीतने वाली टीम से लेकर इमर्जिंग प्लेयर तक किसे कितने रुपए मिले।
अवार्ड जीतने वालों की पूरी लिस्ट:
- विजेता: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) – 20 करोड़ रुपए
- उपविजेता: पंजाब किंग्स – 12.5 करोड़ रुपए
- ऑरेंज कैप: साई सुदर्शन (गुजरात टाइटंस) – 10 लाख रुपए
- पर्पल कैप: प्रसिद्ध कृष्णा (गुजरात टाइटंस) – 10 लाख रुपए
- मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP): सूर्यकुमार यादव (मुंबई इंडियंस) – 15 लाख रुपए
- सुपर स्ट्राइकर: वैभव सूर्यवंशी (राजस्थान रॉयल्स) – 10 लाख रुपए + टाटा कर्व
- सबसे ज्यादा डॉट बॉल: मोहम्मद सिराज (गुजरात टाइटंस) – 10 लाख रुपए
- इमर्जिंग प्लेयर: साई सुदर्शन (गुजरात टाइटंस) – 10 लाख रुपए
- फैंटेसी किंग: साई सुदर्शन (गुजरात टाइटंस) – 10 लाख रुपए
- सुपर सिक्स: निकोलस पूरन (लखनऊ सुपर जायंट्स) – 10 लाख रुपए
- सबसे ज्यादा चौके: साई सुदर्शन (गुजरात टाइटंस) – 10 लाख रुपए
- कैच ऑफ द सीजन: कामिंदु मेंडिस (सनराइजर्स हैदराबाद) – 10 लाख रुपए
- फेयरप्ले अवॉर्ड: चेन्नई सुपर किंग्स – 10 लाख रुपए
- पिच और ग्राउंड: डीडीसीए (दिल्ली कैपिटल्स का होम ग्राउंड) – 50 लाख रुपए
RCB और पंजाब किंग्स के फाइनल में पुरस्कार जीतने वालों की लिस्ट:
- प्लेयर ऑफ द फाइनल: क्रुणाल पंड्या (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु) – 5 लाख रुपए
- सुपर स्ट्राइकर: जितेश शर्मा – 1 लाख रुपए
- सबसे ज्यादा डॉट बॉल: क्रुणाल पांड्या – 1 लाख रुपए
- सबसे ज्यादा चौके: प्रियांश आर्य – 1 लाख रुपए
- फैंटेसी किंग: शशांक सिंह – 1 लाख रुपए
- सबसे ज्यादा छक्के: शशांक सिंह – 1 लाख रुपए
अय्यर की लापरवाही… पंजाब किंग्स की हार के 5 मुजरिम
आईपीएल 2025 के फाइनल में आरसीबी ने पंजाब किंग्स को 6 रन से हरा दिया। पंजाब किंग्स ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन का स्कोर खड़ा किया था, जिसके जवाब में पंजाब किंग्स 184 रन ही बना सके।

आईपीएल 2025 के फाइनल में पंजाब किंग्स को 6 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने टॉस जीतने के बाद पहले गेंदबाजी का फैसला किया था। आरसीब ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर के खेल में 190 रन का स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके जवाब पंजाब किंग्स की टीम 184 रन ही बना पाई। ऐसे में आइए जानते हैं पंजाब किंग्स की हार के ये 5 विलेन जिसके कारण टीम के हाथ से फिसली आईपीएल ट्रॉफी।
कप्तान श्रेयस अय्यर ने की बड़ी लापरवाही

आईपीएल 2025 के दूसरे क्वालिफायर में अकेले दम पर पंजाब किंग्स को जीत दिलाने वाले कप्तान श्रेयस अय्यर से फाइनल में बड़ी चूक हो गई। मिडिल ऑर्डर में जब टीम को उनकी जरूरत थी तब उन्होंने अपना विकेट गंवाया। फाइनल मैच में अय्यर सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हुए। बल्लेबाजी मेंअय्यर के फ्लॉप होने के कारण पंजाब किंग्स को फाइनल में हार मिली।
नेहल वढेरा पंजाब के लिए बने मुसीबत

पूरे सीजन में पंजाब किंग्स के लिए दमदार खेल दिखाने वाले नेहल वढेरा आरसीबी के खिलाफ फाइनल मैच में नहीं चल पाए। वढेरा मैच में 100 से भी कम स्ट्राइक रेट से रन बनाए। वढेरा ने 18 गेंद में 15 रनों की पारी खेली। उनकी इस सुस्त पारी के कारण ही पंजाब किंग्स की टीम पर दबाव बढ़ गया था। नेहल वढेरा की इस पारी के कारण भी पंजाब किंग्स को हार मिली।
मार्कस स्टोइनिस एक सिक्स लगाकर हुए आउट

आरसीबी के खिलाफ फाइनल मैच में मार्कस स्टोइनिस ने शुरुआत छक्के से की थी, लेकिन अगली ही गेंद पर उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया। मार्कस स्टोइनिस का आउट होना पंजाब किंग्स के लिए भारी पड़ गया। इस विकेट के साथ ही पंजाब किंग्स के हाथ से लगभग ट्रॉफी निकल गई। स्टोइनिस की लापरवाही भरी पारी के कारण भी पंजाब किंग्स को हार का सामना करना पड़ा।
प्रभसिमरन बड़े मैच में दे गए गच्चा

पंजाब किंग्स के ओपनर बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह भी फाइनल मैच में कमाल नहीं दिखा पाए। प्रभसिमरन सिंह ने 22 गेंद में 26 रनों की पारी खेली। बैटिंग में उनका नहीं चल पाना भी पंजाब किंग्स के लिए मुश्किल पैदा किया। यही कारण है कि पंजाब की टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई।
जोश इंग्लिस से हो गई बड़ी चूक

पंजाब किंग्स के लिए आरसीबी के खिलाफ फाइनल मैच में जोश इंग्लिस ने बेशक 23 गेंद में 39 रनों की तेज तर्रार पारी खेली थी, लेकिन अगर संभलकर कुछ देर और क्रीज पर रहते तो शायद पंजाब किंग्स के लिए नजीता कुछ और हो सकता है। जोश इंग्लिस की इस चूक के कारण भी पंजाब किंग्स के हाथ से आईपीएल ट्रॉफी फिसल गई।
जीत का असली हीरो तो ये खिलाड़ी है, कोई बात भी नहीं कर रहा
आईपीएल 2025 के फाइनल मुकाबले में पंजाब किंग्स की टीम को आरसीबी की टीम ने 6 रन से हरा दिया। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी की टीम ने बोर्ड पर 190 रन लगा दिए थे। जवाब में पजाब की टीम 184 रन ही बना पाई। इसी के साथ आरसीबी के 18 साल का इंतजार अब खत्म हो चुका है।

आईपीएल 2025 के फाइनल मुकाबले में पंजाब किंग्स की टीम को आरसीबी की टीम ने 6 रन से हरा दिया। इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए आरसीबी की टीम ने बोर्ड पर 190 रन लगा दिए थे। जवाब में पजाब की टीम 184 रन ही बना पाई। इसी के साथ आरसीबी के 18 साल का इंतजार अब खत्म हो चुका है। आरसीबी की जीत में कई खिलाड़ियों का रोल रहा, लेकिन असल में भुवनेश्वर कुमार की दो गेंदों ने उनकी टीम की जीत को झोली में लाकर डाल दिया।
भुवनेश्वर कुमार ने पलटा मैच
भुवनेश्वर कुमार ने एक ही ओवर में मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने नेहाल वढेरा को 15 रन पर आउट किया। फिर मार्कस स्टॉइनिस को भी जल्दी ही पवेलियन भेज दिया। स्टॉइनिस ने आते ही छक्का मारा, लेकिन अगली ही गेंद पर आउट हो गए। उन्होंने सिर्फ 2 गेंदों पर सिर्फ 6 रन बनाए। स्टॉइनिस एक खतरनाक बल्लेबाज माने जाते हैं। इस तरह भुवनेश्वर कुमार ने एक ही ओवर में आरसीबी को मैच में वापस ला दिया। उनकी गेंदबाजी की वजह से आरसीबी की स्थिति मजबूत हो गई।
विराट कोहली का सपना आखिर 18 साल बाद पूरा हो गया और उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने मंगलवार को पंजाब किंग्स को मात्र छह रन से हराकर 18 साल बाद नया आईपीएल चैंपियन बनने का गौरव हासिल कर लिया। आरसीबी ने खिताबी मुकाबले में अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के उपयोगी योगदान से नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 20 ओवर में 9 विकेट पर 190 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया और फिर पंजाब की चुनौती को 7 विकेट पर 184 रन पर थाम लिया। विराट जीत के बाद खुशी से रो पड़े।
आज आईपीएल की सबसे इमोशनल कहानी मुकम्मल हुई। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरू ने आखिरकार ट्रॉफी उठा ली। ये जीत सिर्फ विराट कोहली, रजत पाटीदार या क्रुणाल पांड्या की नहीं है। ये जीत उस हर फैन की है जिसने हार के बाद भी अगली सुबह आरसीबी की जर्सी पहनी और आज वो दीया पूरी दुनिया ने जलते देखा।
83,000 रुपये के ट्रांसफर पर देना होगा इतना टैक्स, भारतीयों पर मार
अमेरिका से भारत पैसा भेजना महंगा हो सकता है। रेमिटेंस पर 3.5% उत्पाद शुल्क लगने का प्रस्ताव है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एक बिल पारित किया है। इससे भारत में पैसा पाने वाले परिवारों को नुकसान होगा। भारत रेमिटेंस का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स से बचने के लिए बड़ी रकम कम बार भेजें।
अमेरिका से भारत पैसा भेजने वाले प्रवासियों के लिए यह काम जल्द ही महंगा हो सकता है। कारण है कि रेमिटेंस पर 3.5% उत्पाद शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पारित किया है। इसमें गैर-अमेरिकी नागरिकों को टारगेट करने वाला यह प्रावधान शामिल है। इस टैक्स से भारत में पैसा प्राप्त करने वाले परिवारों को आर्थिक रूप से नुकसान होगा। भारत दुनिया में रेमिटेंस का सबसे बड़ा रिसीवर है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि टैक्स के बोझ को कम करने के लिए छोटी रकम भेजने के बजाय बड़ी रकम कम बार भेजना ज्यादा ठीक रहेगा।
अमेरिका से अपने घर पैसा भेजने वाले प्रवासियों के लिए यह काम जल्द ही महंगा होगा। रेमिटेंस पर 3.5% एक्साइज टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। इसका मतलब हुआ कि अगर कोई अमेरिका से भारत 83000 रुपये ट्रांसफर करता है तो 2,900 रुपये टैक्स में कट जाएंगे। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पारित कर दिया है। शुरुआत में यह टैक्स 5% प्रस्तावित था, जो मौजूदा आयकर के अतिरिक्त होगा। यह कदम एच-1बी, एल-1, एफ-1 वीजा और यहां तक कि ग्रीन कार्ड धारकों को भी प्रभावित कर सकता है।
भारतीय प्रवासियों की बढ़ी टेंशन
भारतीय प्रवासियों में इस बात को लेकर चिंता है कि इससे भारत में अपने परिवारों का समर्थन करने की लागत काफी बढ़ सकती है। यह टैक्स अभी लागू नहीं हुआ है। लेकिन, यह ‘वन बिग, ब्यूटीफुल बिल एक्ट’ का हिस्सा है। इसका मकसद डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ वैश्विक धन की आवाजाही को रेगुलेट करना है। कई लोगों के लिए ये रेमिटेंस सिर्फ वित्तीय लेनदेन नहीं हैं, बल्कि लाइफलाइन है।
भारत विश्व स्तर पर रेमिटेंस का सबसे बड़ा प्राप्तकर्ता है। इसने वित्तीय वर्ष 2023-24 में अमेरिका से लगभग 33 अरब डॉलर प्राप्त किए। यह इसके कुल रेमिटेंस का लगभग 28% है। रेमिटेंस में कमी से कई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक चुनौतियां आ सकती हैं। ये अपनी दैनिक जरूरतों के लिए इस तरह के फंड पर निर्भर हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि प्रस्तावित टैक्स विकासशील देशों को प्रभावित करेगा जो रेमिटेंस पर निर्भर हैं। इससे घरेलू खर्च, छोटे व्यवसाय और राष्ट्रीय भंडार प्रभावित हो सकते हैं। भारत, मैक्सिको, फिलीपींस और नाइजीरिया में रेमिटेंस फॉरेन इनकम का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रेमिटेंस में कमी से व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ सकते हैं। इसके चलते परिवार बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर सकते हैं। रेमिटेंस में संभावित कमी से छोटे व्यवसाय भी प्रभावित हो सकते हैं जो निवेश और विकास के लिए इन निधियों पर निर्भर हैं।
नियमित रूप से विदेश में पैसा भेजने वाले व्यक्तियों के लिए विशेषज्ञों का सुझाव है कि संभावित टैक्स के बोझ को कम करने के लिए छोटी रकम भेजने के बजाय बड़ी रकम कम बार भेजें।
डिजिटल वॉलेट और पीयर-टू-पीयर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना भी एक विकल्प हो सकता है। हालांकि, ये रास्ते इस बात पर निर्भर करते हैं कि कानून को अंत में कैसे तैयार किया जाता है।
चीन के भरोसे ‘मेक इन इंडिया’… एक्सपर्ट ने उठा दिया बड़ा सवाल
भारत का ‘मेक इन इंडिया’ अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। लेकिन, एक बड़ा सवाल है कि क्या भारत की सप्लाई चेन पूरी तरह से आत्मनिर्भर है? प्रोडक्ट लीडर रिच टेलर ने इस मैन्युफैक्चरिंग बूम के पीछे की एक कड़वी सच्चाई बताई है। उनके अनुसार, भारत सरकार की पीएलआई स्कीम (प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव) विकास को तो बढ़ावा दे रही है, लेकिन जरूरी तकनीक जैसे चिप, कंपोनेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अभी भी चीन से आ रहे हैं। ऐपल का भारत में बढ़ता प्रोडक्शन एक बड़ी सफलता है। पर, इसमें ज्यादातर काम फाइनल असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एफएटीपी) का ही है। इसके कंपोनेंट अब भी चीन से आते हैं। पत्रकार पैट्रिक मैकगी ने बताया है कि भारत में आईफोन का प्रोडक्शन चीन के मुकाबले काफी धीमा है।
रिच टेलर ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में लिखा, ‘मेक इन इंडिया, मेड इन चाइना पर निर्भर है।’ इसका मतलब है कि भारत में बन रहे प्रोडक्ट के लिए जरूरी सामान चीन से आ रहा है। उन्होंने यह बात चीनी सोर्सिंग के विकल्पों पर बात कर रहे दोस्तों के साथ डिनर के बाद कही। टेलर का कहना है कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग में आप जितना गहराई से देखेंगे, उतनी ही ज्यादा निर्भरता पाएंगे। उन्होंने भारत की पीएलआई स्कीम का उदाहरण दिया। इस स्कीम से ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) से लेकर कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स तक के क्षेत्रों में असेंबली का काम बढ़ा है।
चीन से आ रही है जरूरी तकनीक
टेलर का कहना है कि जरूरी तकनीक जैसे चिप, कंपोनेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी अब भी चीन से ही आ रही हैं। उनका मानना है कि 20 सालों के इंटीग्रेटेड रिसर्च एंड डेवलपमेंट (आरएंडडी) और मैन्युफैक्चरिंग को रातोंरात किसी और देश से नहीं लाया जा सकता। यह सोचना कि ऐसा हो सकता है, सिर्फ एक कल्पना है।
ऐपल कंपनी भारत में लगातार बढ़ रही है। इसे अक्सर एक सफलता की कहानी के तौर पर दिखाया जाता है। 2017 से कंपनी एंट्री-लेवल आईफोन से लेकर हाई-एंड प्रो मॉडल तक बना रही है। लेकिन, ज्यादातर काम फाइनल असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (एफएटीपी) का ही है। इसके कंपोनेंट अब भी चीन से आते हैं।
पैट्रिक मैकगी, जो पहले फाइनेंशियल टाइम्स के संवाददाता थे, उन्होंने अपनी किताब ‘ऐपल इन चाइना’ में इस अंतर को समझाया है। उन्होंने भारत में आईफोन के प्रोडक्शन (2023 तक 1.5 करोड़ यूनिट) की तुलना चीन के 15.3 करोड़ यूनिट से की। चीन ने इतने ही सालों में इतना ज्यादा प्रोडक्शन किया। भारत में तेजी से विकास हो रहा है। लेकिन, चीन के मुकाबले यह रफ्तार बहुत धीमी है। मैकगी ने यह भी कहा कि भारत और चीन के बीच प्रोडक्शन को बांटने से चीजें आसान होने की बजाय और ज्यादा उलझ जाती हैं। ऐपल के एक पूर्व इंजीनियर ने उन्हें बताया कि भारत की सप्लाई चेन अभी शुरुआती दौर में है।
देश में पहली बार ध्वस्त होंगी 22 हजार इमारतें
देश की ऊर्जा राजधानी सिंगरौली में एशिया का सबसे बड़ा नगरीय विस्थापन होने जा रहा है। यहां 30 हजार परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। देश में पहली बार ऐसा होगा, जब किसी कोयला खदान के लिए बसे-बसाए शहर को उजाड़ा जाएगा। यहां 22 हजार से ज्यादा इमारतें ध्वस्त की जाएंगी।
इनमें चार बड़े कॉलेज, 20 से ज्यादा प्रमुख स्कूल और कई बड़े अस्पताल शामिल हैं। मंदिर और मस्जिद सहित अन्य धर्मस्थल भी टूटेंगे। पांच हजार से ज्यादा छोटे-बड़े दुकानदार भी हटाए जाएंगे। कोई 40 साल पहले यहां आया था तो कोई 60 साल पहले।

मोरवा शहर सिंगरौली का दिल है। यह जिस जगह पर बसा है, वहां जमीन के नीचे कोयले का विशाल भंडार मिला है। कोल इंडिया की संस्था नाॅर्दन कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) यूपी-एमपी सीमा पर स्थित अपनी जयंत कोयला खदान का विस्तार करते हुए यहां 927 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करेगा। इस पूरी प्रक्रिया पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एनसीएल के सर्वे के मुताबिक यहां से करीब 800 मिलियन टन कोयला निकाला जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पिछले साल फरवरी में कोल बियरिंग एरिया एक्ट की धारा-9 (अधिग्रहण की तैयारी) लागू की गई थी। अब इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए भूमि, मकान, दुकान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान की नापी शुरू की गई है। इस आधार पर विस्थापितों के पुनर्वास का आकलन करते हुए मुआवजा दिया जाएगा।

5 हजार से ज्यादा छोटे-बड़े दुकानदार भी हटाए जाएंगे
जयंत परियोजना के विस्तार के लिए मोरवा में 927 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण होना है। करीब 30 हजार परिवारों को विस्थापित किया जाएगा। यह कोल इंडिया का सबसे बड़ा विस्थापन है। इसी के अनुरूप तय मानकों के तहत प्रभावित परिवारों के बेहतर पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाएगी। -रामविजय सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, एनसीएल।
एक तिहाई ही रह जाएगा सिंगरौली
जिस भूमि का अधिग्रहण होना है, उस पर एनसीएल का मुख्यालय, आवास और सिंगरौली नगर निगम के 11 वार्ड और मुख्य बाजार भी हैं। इस विस्थापन के बाद सिंगरौली शहर एक तिहाई ही रह जाएगा। विस्थापन और अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया के लिए अभी कोई डेडलाइन तय नहीं है, लेकिन इसमें करीब डेढ़ से दो साल लगने का अनुमान है। जयंत परियोजना से कोल उत्पादन करीब 30 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इसे अगले तीन साल में 35 मिलियन टन करने का लक्ष्य है।
मोरवा यानी सिंगरौली का पुराना शहर, 11 वार्ड और एक लाख से ज्यादा की आबादी
सिंगरौली नगर निगम में तीन जोन हैं। इनमें से सबसे पुराना जोन मोरवा है। मोरवा में कुल 11 वार्ड हैं, जिनकी आबादी करीब एक लाख से अधिक है। सिंगरौली रेलवे स्टेशन, एनसीएल का मुख्यालय सहित पुरानी बसावट मोरवा में ही है। दूसरा जोन बैढ़न है, जहां सिंगरौली का जिला मुख्यालय है। कलेक्ट्रेट, एसपी कार्यालय सहित अन्य सभी सरकारी भवन बैढ़न में हैं। तीसरा जोन विंध्यनगर है। यह जोन एनटीपीसी की विंध्याचल परियाेजना के आसपास बसा है। इनमें मोरवा इसलिए महत्वपूर्ण है कि पुराना सिंगरौली शहर यहीं है।




