अग्नि आलोक
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अग्निपथ योजना युवाओं के साथ नई विश्वासघाती योजना

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सुसंस्कृति परिहार

ना जाने भाजपा के किस स्वनामधन्य महापुरुष ने ‘अग्निपथ योजना’ का प्रारुप तैयार किया है ।मुझे तो लगता है उसने हरिवंशराय बच्चन जी की अग्निपथ कविता ज़रुर अमिताभ बच्चन के मुखारबिंद से सुनी होगी । वहीं से इस योजना का नामकरण तय हुआ होगा। कविता अग्निपथ बहुत छोटी है आइए पहले इसे देख लें ——
वृक्ष हों भले खड़े,
हों घने हों बड़े,
एक पत्र छाँह भी,
माँग मत, माँग मत,
मांग मत,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।
तू न थकेगा कभी,
तू न रुकेगा कभी,
तू न मुड़ेगा कभी,
कर शपथ, कर शपथ, कर शपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

यह महान दृश्य है,
चल रहा मनुष्य है,
अश्रु श्वेत रक्त से,
लथपथ लथपथ लथपथ,
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

इस कविता का मूल भाव है निरन्तर संघर्ष करते हुए जियो। कवि जीवन को अग्निपथ अर्थात् आग से भरा पथ मानता है। इसमें पग-पग पर चुनौतियाँ और कष्ट हैं। मनुष्य को इन चुनौतियों से नहीं घबराना चाहिए और इनसे मुँह भी नहीं मोड़ना चाहिए बल्कि आँसू पीकर, पसीना बहाकर तथा खून से लथपथ होकर भी निरन्तर संघर्ष पथ पर अग्रसर रहना चाहिए। वाकई जो योजना लांच हुई है उसमें निरंतर संघर्ष है, चुनौतियां और कष्ट तो हैं ही साथ साथ वह श्वेत अश्रु रक्त से लथपथ बेरोजगार की दास्तानें अग्निपथ है।
अफ़सोस है,आज एक युवक ने जो दो साल से सेना में भर्ती की तैयारी में लगा था रोहतक के पीजी होस्टल के रूम में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक का नाम सचिन था। वो जींद जिले के लिजवाना गांव का रहने वाला है। सेना भर्ती की नई पॉलिसी अग्नि पथ लाने से परेशान था। परिजन ने बताया की सेना की भर्ती कैंसिल होने और चार साल की स्कीम वाली अग्निपथ योजना आने से दुखी होकर सचिन ने यह कदम उठाया।
इसीलिए रोजगार सेना में तलाश कर रहे नौजवानों के लिए यह वास्तव में बच्चन जी की कविता अग्निपथ ही साबित हो रही है।इस उलझाऊ योजना के बहाने डेढ़ साल में 10लाख युवाओं को अग्निवीर बनाना है।ठीक वैसे ही जैसे 2014से अब तक प्रति वर्ष 2करोड़ लोग रोजगार प्राप्त कर पी एम के काम से प्रमुदित हैं।इस नई विश्वासघाती योजना का बहुत बड़े पैमाने पर प्रचार प्रसार चल रहा है लेकिन बड़ी तादाद में सूत्रों के मुताबिक अब तक सात राज्यों के बेरोजगार अपनी योजना का दमन अग्निपथ में देख सड़कों पर उतर आए हैं।सेना में भर्ती के लिए लाई गई ‘अग्निपथ स्कीम’ का विरोध तेज हो गया है। राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम युवा भी इसका विरोध जता रहे हैं।
खासकर बिहार में बवाल बढ़ता जा रहा है। इसके अलावा गुरुग्राम में भी आज प्रदर्शन हुआ है। आज बिहार के जहानाबाद, बक्सर में छात्रों ने बवाल किया है. वहां छात्रों ने सड़कों को जाम किया और आगजनी भी हुई. छात्रों ने जहानाबाद में NH-83 और NH-110 जाम कर आगजनी की.सेना में बहाली के सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निपथ स्कीम के विरोध में आरा में छात्रों का उग्र प्रदर्शन आज दूसरे दिन भी जारी है. अग्निपथ के विरोध में छात्रों ने आरा में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है. छात्र केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सड़क से लेकर रेलवे ट्रक तक छात्रों उग्र प्रदर्शन जारी है।
“अग्निपथ” स्कीम के विरोध गुरुग्राम में भी हो रहा है. गुरुग्राम में दिल्ली-जयपुर हाइवे को जाम किया गया है. बिलासपुर थाना क्षेत्र से लगते एनएच 48 को सैकड़ों युवाओं ने जाम किया है। युवाओं का कहना है कि पिछले 3 साल से फौज में भर्ती नहीं की गई है और अब सिर्फ 4 साल की भर्ती की जाएगी।
इससे पहले बक्सर, मुजफ्फरपुर, गया में भी विरोध हुआ था. सेना में चार साल की भर्ती वाली इस स्कीम से नाराज युवाओं ने कल पत्थरबाजी भी की थी.
बिहार के बक्सर जिले में रेल यातायात और सड़क ट्रैफिक बाधित किया गया था. बक्सर में करीब 100 युवाओं ने रेलवे स्टेशन पर विरोध किया था. इसकी वजह से ट्रेन सर्विस भी बाधित हुई थी. प्रदर्शन की वजह से जनशताब्दी एक्सप्रेस करीब 30 मिनट लेट हो गई थी। बक्सर में आज भी प्रदर्शन जारी है.

कल बक्सर स्टेशन से गुजरने वाली पाटलिपुत्र एक्सप्रेस पर प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके जाने की भी खबरें आई थी. इससे पहले बुधवार को मुजफ्फरपुर में सेना में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं ने चक्कर मैदान में प्रदर्शन किया था. वहां इन युवाओं ने कुछ टायरों में आग लगा दी थी।प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने कहा था कि वे इस बात से हताश हैं कि फिजिकल क्लीयर होने के बावजूद दो साल से सेना ने उनको भर्ती नहीं किया है. वहीं इसी बीच सरकार नई स्कीम लेकर आ गई है।

बिहार के जहानांबाद, बक्सर, आरा, सहरसा, नवादा और मुंगेर में सुबह से उग्र युवा हिंसक प्रदर्शन कर रहे हैं. सभी स्थानों पर उग्र छात्रों ने रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है और ट्रेनों की आवाजाही पर व्यापक असर पड़ा है. आरा में सबसे ज्यादा उग्र प्रदर्शन देखने को मिल रहा है जहां पर छात्र रेलवे स्टेशन पर सुबह से पथराव कर रहे हैं. मुंगेर में भी अग्निपथ को लेकर सड़कों पर आगजनी की गई और सड़क जाम किया गया।सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने साफिया सराय भागलपुर-पटना एनएच 80 पर बैरिकेडिंग लगाकर सड़क जाम कर दिया.

नाराज अभ्यर्थियों के द्वारा विरोध प्रदर्शन में आरजेडी के कई स्थानीय नेता भी उनका समर्थन करते दिखे. सहरसा में नाराज छात्रों ने सड़क और रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया. सहरसा से खुलने वाली सहरसा नई दिल्ली सुपरफास्ट वैशाली एक्सप्रेस, सहरसा पटना राजरानी सुपर स्टार एक्सप्रेस पिछले कई घंटों से रेलवे स्टेशन पर खड़ी है.

जहानाबाद में भी उग्र छात्रों ने सुबह रेलवे ट्रैक को जाम करके पटना गया रूट पर ट्रेनों की आवाजाही को बाधित किया मगर बाद में पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और फिर रेलवे ट्रैक को खाली कराया गया और ट्रेनों की आवाजाही को शुरू किया गया है. बक्सर में छात्र सुबह से ही रेलवे ट्रैक जाम कर के बैठे हैं जिसकी वजह से कई ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई है। हरियाणा , राजस्थान, उत्तर प्रदेश , मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ में भी अग्निपथ योजना का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। बिहार में भाजपा विधायक की गाड़ी पर पथराव की भी ख़बर है। ट्रेन फूंकने की भी खबर है। इसआंदोलन के संपूर्ण देश में उग्ररूप होने की संभावना बनी हुई है।

अग्निपथ स्कीम क्या है दरअसल भारतीय सेना में पहली बार ऐसी कोई स्कीम लॉन्च की गई है, जिसमें शॉर्ट टर्म के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी. इस योजना के तहत हर साल करीब 40-45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा. ये युवा साढ़े 17 साल से 21 साल की उम्र के बीच के होंगे।ये भर्तियां मेरिट और मेडिकल टेस्ट के आधार पर की जाएंगी।इन चार वर्षों में सैनिकों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी।30-40 हजार मासिक वेतन के साथ अन्य लाभ भी दिए जाएंगे पहले साल में 30 हजार, दूसरे साल में 33 हजार, तीसरे साल में 36500 और चौथे साल में 40 हजार मासिक वेतन दिया जाएगा।चार साल पूरे होने के बाद इन सभी अग्निवीरों की सेवा समाप्त हो जाएगी और फिर नई भर्तियां की जाएंगी।सेवा समाप्त होने वाले 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थायी काडर में भर्ती किया जाएगा।

इस योजना पर आप सांसद संजय सिंह ठीक लिखते हैं कि ये योजना प्राइवेट कम्पनियों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए लाई गई है 4 साल बाद युवा या तो प्राइवेट कम्पनियों में सिक्योरिटी गार्ड बनेगा या फिर आत्महत्या करने को मजबूर होगा।मोदी जी न सेना को “सिक्योरिटी गार्ड ट्रेनिंग सेंटर”बना रहे हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना विवादास्पद है… इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि इस योजना के तहत भर्ती किए गए सैनिक बेहतर प्रशिक्षित और प्रेरित होंगे…हमने सेवानिवृत्त रक्षा अधिकारियों के विचार पढ़े और सुने हैं, लगभग सर्वसम्मति से उन्होंने इसका विरोध किया है।तुम इन मशालों को बुझा सकते हो,लेकिन युवाओं को अब बेबकूफ नही बना सकते ।देश के युवाओं के सपनों को चकनाचूर करने वाली ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर युवा कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाला।
इधर तमाम सरकारी भांड मीडिया और सरकार के मंत्री इसके फायदे बताकर इस योजना की तारीफ किए जा रहे हैं जिनमें फर्जी पेड लोग भी चिल्ला चिल्ला कर प्रचार कर रहे हैं। सोचिए ये सेना जैसे महत्वपूर्ण महकमे की कैसी भर्ती हैं जिसमें चार साल बाद सिर्फ 25%की नौकरी सुरक्षित होगी वह भी किनकी होगी हम समझ सकते हैं बाकी लोग फिर बेरोजगार हो जायेंगे।सेना में अब तक सैनिकों के मनोबल को बढ़ाए रखने के लिए हर तरह की सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं दी जाती रहीं हैं अब जबरदस्ती चुनाव काल के पूर्व इन मेहमान कथित अग्निवीरों से आप कैसे अच्छी उम्मीद रखेंगे ये बड़ा सवाल है उन्हें मानसिक सुकून होगा तभी तो वे सक्षम होंगे।
बेशक बच्चन जी उचित ही सलाह दे रहे हैं–
एक पत्र छाँह भी,
माँग मत, माँग मत,
मांगमत
अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ।

Ramswaroop Mantri

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