बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए ने सीट बंटवारा कर लिया है। इस बीच महागठबंधन की सीट शेयरिंग को भी लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। सूत्रों का कहना है कि,दिल्ली में दो दिन से हो रही बैठकों के दौर के बाद सीटों का बंटवारा फिलहाल फाइनल हो गया है। खबरों की मानें तो रविवार रात को दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की बैठक हुई। इसके बाद दूसरे दौर की बैठक सोमवार को छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम के घर हुई।
इस बैठक में राजद की तरफ से तेजस्वी यादव, सांसद संजय यादव और मनोज झा शामिल हुए। जबकि वहीं कांग्रेस की तरफ से संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम, सीएलपी शकील अहमद मौजूद रहे। दूसरी तरफ खबर ये है कि तेजस्वी मंगलवार शाम तक महागठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं के साथ मिलकर सीट शेयरिंग की आधिकारिक घोषणा करेंगे। गठबंधन सूत्रों के मुताबिक, दो दिनों की बैठक में सभी दलों के बीच सीटों पर सहमति बन चुकी है, बस औपचारिक एलान बाकी है। उम्मीदवारों के नामों पर भी चर्चा लगभग पूरी हो चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि, आरजेडी के नेताओं की बैठक के बाद मंगलवार को कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हो सकती है। इसके बाद संभव है कि पार्टी अपने कोटे की सभी सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू का कहना है कि, सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जल्द ही उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी जाएगी। हमारी कोशिश बिहार की जनता के लिए एक अच्छी सरकार बनाने की है। जिससे गठबंधन को भी नुकसान न हो और बिहार को फायदा हो। रविवार को राजद कार्यालय से पहले चरण के तहत उम्मीदवारों को जल्द से जल्द नामांकन के लिए कहा गया है। राजद ने उन सीटों पर नामांकन की तैयारी की है, जहां समझौते पर कोई विवाद नहीं है। राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने कहना है कि, सीट शेयरिंग को लेकर कोई पेंच नहीं है। 1-2 दिन में घोषणा की जाएगी।
अब तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं करेगी कांग्रेस?
बिहार चुनाव में अब भी तेजस्वी यादव होंगे मुख्यमंत्री पद का चेहरा? दरअसल, यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि, बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले IRCT घोटाले में लालू यादव का पूरा कुनबा घिर चुका है। लालू प्रसाद यादव के अलावा राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव भी इस लपेटे में आ गए हैं।
बता दें कि, महागठबंधन का पूरा चुनाव प्रचार तेजस्वी यादव के चेहरे के इर्द गिर्द ही सिमटा रहा है। ऐसे में उनके घोटाले में आरोपी बनने से पूरे महागठबंधन के समीकरणों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में अब यह प्रश्न भी पैदा हो गया है कि क्या कांग्रेस एक आरोपी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाकर चुनाव में उतरना चाहेगी? कांग्रेस अब तक सीटों के मोल भाव के कारण तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने से बच रही थी। इसके बहाने वह गठबंधन में ज्यादा सीटें हासिल करने की रणनीति अपनाते हुए आगे चल रही थी। लेकिन अब IRCT घोटाले में तेजस्वी यादव के आरोपी बनने के बाद अब कांग्रेस के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
IRCTC होटल भ्रष्टाचार मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने पर कहा RJD नेता तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “ये कोर्ट की सामान्य प्रक्रिया है, हम लड़ेंगे। हम तो पहले से ही कह रहे थे कि अब चुनाव हैं तो ये सब होगा ही, लेकिन हम लड़ेंगे, तूफ़ानों से लड़ने का अपना अलग ही मज़ा है। हमने हमेशा संघर्ष का रास्ता चुना है, हम अच्छे मुसाफ़िर भी बनेंगे और अपनी मंज़िल तक भी पहुंचेंगे। बिहार की जनता समझदार है और जानती है क्या हो रहा है। बिहार की जनता, देश की जनता जानती है कि सच्चाई क्या है। जब तक भाजपा है और मैं ज़िंदा हूं, हम भाजपा से लड़ते रहेंगे।”





