आज सावन का आखिरी और 8वां सोमवार है। सोम प्रदोष का संयोग भी बना है। उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर भगवान शिव के जयकारों से गूंज रहा है। शाम 4 बजे से भगवान महाकाल की सवारी निकाली जा रही है। बाबा रुद्रेश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन देने निकले। करीब 5 बजे रामघाट पर बाबा महाकाल का पूजन-अभिषेक किया गया। यहां से निकलकर शाम 6:40 बजे सवारी गोपाल मंदिर पहुंची।
गोपाल मंदिर के पुजारी ने बाबा महाकाल का पूजन किया। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल का जयघोष कर सवारी की अगवानी की। यहां हरि-हर मिलन का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां से रात करीब 7:30 बजे सवारी वापस महाकाल मंदिर पहुंची।
इससे पहले सभा मंडप में कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम, महापौर मुकेश टटवाल और मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने पूजन किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने पालकी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
सवारी में हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिव तांडव, नंदी रथ पर उमा-महेश, डोल रथ पर होलकर स्टेट के मुखारविंद, एक नवीन रथ पर घटाटोप स्वरूप और दूसरे नवीन रथ पर श्री जटाशंकर और रथ पर नए स्वरूप श्री रुद्रेश्वर नया सप्तधान मुखारविंद शामिल हैं।
पालकी के स्वागत के लिए सड़कों को रंगोली बनाकर सजाया गया है। जगह-जगह बाबा महाकाल का स्वागत किया जा रहा है। सवारी मार्ग में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोपहर से डटे हुए हैं। सवारी में महिलाएं और पुरुष डीजे की धुन पर नाचते-गाते चल रहे हैं। झांकियां भी सजाई गई हैं।
अब भादौ महीने की दो सवारी 4 सितंबर और अंतिम शाही सवारी 11 सितंबर को निकलेगी।

सवारी में भगवान महाकाल के रुद्रेश्वर और जटाशंकर स्वरूप भी मौजूद हैं।

महाकाल का घटाटोप और नंदी पर उमा-महेश स्वरूप भी पालकी में हैं।

महाकाल का होलकर मुखारविंद भी सवारी में शामिल है।

भक्त ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते चल रहे हैं।
सीएम शिवराज ने किया अभिषेक, भस्म आरती में शामिल हुए जयवर्धन सिंह
दोपहर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पत्नी साधना सिंह ने महाकाल का दुग्धाभिषेक किया। मुख्यमंत्री ने महाकाल लोक में दूसरे चरण में हो रहे कामों को भी देखा। उन्होंने कहा, ‘सब सुखी रहें, निरोग रहें, सबका मंगल और कल्याण हो, महाकाल के चरणों में यही प्रार्थना की।’ पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह भस्म आरती में शामिल हुए। नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया।
महाकालेश्वर मंदिर के पट तड़के 2.30 बजे खोले गए थे। सबसे पहले भगवान महाकाल को भस्म अर्पित कर पंचामृत अभिषेक पूजन किया गया। भांग, चंदन, अबीर के साथ मस्तक पर त्रिपुंड और आभूषण अर्पित किए गए। दिव्य श्रृंगार कर भस्म आरती हुई। भस्म आरती के लिए रात 12 बजे से भक्त कतार में लगना शुरू हो गए थे। मंदिर प्रशासन के मुताबिक दोपहर 1 बजे तक 2.5 लाख से ज्यादा भक्तों ने दर्शन कर लिए थे। रात 10 बजे तक 5 लाख से अधिक भक्तों के यहां पहुंचने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पत्नी साधना सिंह ने महाकाल का दुग्धाभिषेक किया।
भांग, चंदन, अबीर से महाकाल का दिव्य स्वरूप में श्रृंगार
भस्म आरती में भगवान महाकाल का पहला पूजन किया गया। पुजारी ने गर्भगृह में स्थापित प्रतिमाओं का जलाभिषेक किया। इसके बाद दूध, दही, घी, शक्कर और शहद से बने पंचामृत से भगवान महाकाल का पूजन किया। हरि ओम जल चढ़ाकर कपूर आरती की। भांग, चंदन अबीर से महाकाल का दिव्य स्वरूप में श्रृंगार किया गया। इसके बाद कपड़े से ढांक कर भस्मी रमाई गई। आखिर में विशेष भस्म आरती की गई।

सावन के आखिरी सोमवार पर 5 लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावना है।

महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के जयकारों से गूंज रहा है।

महाकाल के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग भगवान का आकर्षक फूलों से भव्य श्रृंगार

आज सावन महीने का आखिरी सोमवार है। भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का फूलों से भव्य श्रृंगार हुआ। मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों से सजाया गया। मंगला आरती के बाद फलों का नैवेद्य अर्पित किया। मां पार्वती का भी विशेष श्रृंगार हुआ।





