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*अमेरिका का लगाया टैरिफ आज से लागू:डोनाल्ड ट्रंप करने लगे पीएम मोदी की तारीफ*

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 भारत पर अमेरिका का लगाया टैरिफ आज से लागू हो गया है. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ की है. आइये जानें उन्होंने ऐसे किस विषय पर कहा है?एक ओर अमेरिका का टैरिफ आज से लागू हो रहा है. दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का क्रेडिट लेते बयान दिया है. लेकिन इस बार, उनके दावे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ढेर सारी प्रशंसा भी जुड़ी है. व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने पीएम मोदी को “एक बहुत ही शानदार इंसान” बताया और दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच संभावित परमाणु युद्ध को अपने दखल से टाल दिया.. उन्होंने यहां तक कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध जारी रहा तो उन पर भारी टैरिफ लगाए जाएंगे.

डोनाल्ड ट्रंप का दावा

व्हाइट हाउस में मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच चले इस सैन्य टकराव में 7 या उससे ज्यादा लड़ाकू विमान मारे गए थे. ट्रंप ने कहा, ‘मैंने देखा कि वे लड़ रहे थे, फिर मैंने देखा कि सात विमान मार गिराए गए. मैंने कहा, ‘यह अच्छी बात नहीं है.’ ये तो बहुत सारे विमान हैं. आप जानते हैं, 15 करोड़ डॉलर के विमान मार गिराए गए. बहुत सारे. सात, शायद उससे भी ज्यादा. उन्होंने असली संख्या तो बताई ही नहीं.’

मोदी की तारीफ, PAK को चेतावनी

मंगलवार को व्हाइट हाउस में कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप ने कहा, ‘मैं भारत के एक बहुत ही शानदार व्यक्ति, नरेंद्र मोदी से बात कर रहा था. मैंने उनसे पूछा कि आपके और पाकिस्तान के बीच क्या चल रहा है? फिर मैंने पाकिस्तान के साथ व्यापार के बारे में बात की और पूछा कि आपके और भारत के बीच क्या हो रहा है? यह विवाद सैकड़ों सालों से, कभी-कभी अलग-अलग नामों से, चलता आ रहा है.’

‘मैंने कहा, ये क्या हो रहा है?

ट्रंप ने कहा कि मैं ने कहा- मैं आपके साथ कोई ट्रेड डील नहीं करना चाहता. आप परमाणु युद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं. आप इसी में फंस जाएंगे. मैंने कहा कि कल फोन करना लेकिन हम आपके साथ कोई समझौता नहीं करने वाले. हम आप पर इतना टैरिफ लगाएंगे कि आपका सिर घूम जाएगा.’ उन्होंने आगे कहा, ‘5 घंटे में ही सब हो गया. अब शायद यह फिर से शुरू हो जाए. मुझे नहीं पता. लेकिन अगर ऐसा हुआ तो मैं इसे रोक दूंगा. हम ऐसी चीजें नहीं होने दे सकते.

कैसे हुआ था सीजफायर?

भारत और पाकिस्तान के बीच अप्रैल-मई में जबरदस्त तनाव बढ़ गया था. 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था. ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में बने 9 आतंकी ठिकानों को उड़ा दिया था. इस ऑपरेशन से पाकिस्तान ने बौखलाकर भारत पर हमला करने की कोशिश की थी, जिसे भारतीय सेना ने नाकाम कर दिया था. 4 दिन तक भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव चलता रहा. आखिरकार 10 मई को पाकिस्तान के DGMO ने भारत के DGMO को फोन कर सीजफायर की अपील की. इसके बाद भारत और पाकिस्तान में सीजफायर हुआ.

तोड़-मरोड़कर बाते पेश करते हैं ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोका, हकीकत से परे लगता है. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में कह चुके हैं कि सीजफायर के लिए किसी का दबाव नहीं था, बल्कि यह पाकिस्तान की अपील पर हुआ था. ट्रंप के बयान, जिसमें उन्होंने 7 से अधिक लड़ाकू विमानों के मार गिराने का दावा किया, भी अविश्वसनीय लगते हैं. यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि किस तरह ट्रंप अपनी राजनीतिक बयानबाजी के लिए अक्सर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करते हैं.

10 प्वाइंट में जानें डोनाल्ड ट्रंप का फैसला कैसे डालेगा भारत पर असर?

वैश्विक व्यापार की दुनिया में हर कदम की एक कीमत होती है. अमेरिका ने अब भारत को यह कीमत चुकाने पर मजबूर कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकतरफा फैसला लेते हुए भारत से आने वाले सामानों पर 50% का भारी-भरकम टैरिफ लगा दिया है. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखने का फैसला किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस ‘टैरिफ वॉर’ का सीधा असर भारतीय निर्यात पर पड़ेगा, जिससे 60.2 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है और निर्यात में 70% तक की भारी कमी आ सकती है.

आज से डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर लगाया 50 फीसदी टैरिफ लागू हो रहा है. इससे भारत पर गहरा असर होने वाला है. हालांकि, इसका कुछ प्रभाव अमेरिका के बाजारों में पड़ेगा. आइये 10 प्वाइंट में समझें टैरिफ से 10 बड़े नुकसान क्या-क्या हो सकते हैं.

  1. ‘भारत के हितों से समझौता नहीं’
  2. निर्यात में 70% कमी: भारत के निर्यात में 70% की कमी आ सकती है, जिससे लाखों नौकरियों पर संकट आ सकता है. इसमें कपड़ा, जेम्स एंड ज्वेलरी, झींगा, कालीन और फर्नीचर जैसे सेक्टर शामिल हैं.
  3. 60.2 अरब डॉलर का नुकसान: GTRI की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ से 60.2 अरब डॉलर प्राइस के भारतीय निर्यात पर असर पड़ने की आशंका है.
  4. कई सेक्टरों पर असर: 3. कपड़ा, जेम्स एंड ज्वेलरी, झींगा, कालीन और फर्नीचर जैसे सेक्टरों में निर्यात में 70% तक की गिरावट आ सकती है, जिससे लाखों नौकरियों पर संकट आ सकता है.
  5. 55% ट्रेड एक्सपोर्ट पर असर: एक्सपोर्ट्स ग्रुप्स का अनुमान है कि अमेरिका को भारत के करीब 55% ट्रेड एक्सपोर्ट पर असर पड़ सकता है, जिसकी वैल्यू करीब 87 बिलियन डॉलर है.
  6. अन्य देशों को लाभ: चीन, वियतनाम और मैक्सिको जैसे देशों को लाभ होगा. यह देश अपने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत कर सकते हैं.
  7. मूडीज एनालिस्टिक्स की चेतावनी: मूडीज ने आगे कहा कि कुछ कंपनियां बिक्री की मात्रा बनाए रखने के लिए कीमतों में कटौती कर सकती हैं, लेकिन ऐसा करने से मार्जिन कम हो सकता है.
  8. कुछ सेक्टर बच सकते हैं: दवा, स्मार्टफोन और स्टील क्षेत्र अमेरिकी टैरिफ से बच सकते हैं. ये क्षेत्र भारत की मदद कर सकते हैं. यह क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
  9. पीएम मोदी का बयान: पीएम मोदी ने कहा कि भारत किसानों, छोटे उद्योगों और घरेलू उत्पादकों के हितों से समझौता नहीं करेगा. यह बयान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है.
  10. अमेरिकी राष्ट्रपति का फैसला: अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारतीय वस्तुओं पर एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लगाने वाले एक एक्जिक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया है, जिससे 27 अगस्त 2025 तक कुल टैरिफ 50% हो जाएगा.
  11. भारत की प्रतिक्रिया: भारत ने अभी तक रूस से तेल खरीद नहीं रोकी. मॉस्को में नई दिल्ली के दूत ने कहा कि भारत ‘सबसे अच्छे सौदे’ वाले सोर्स से तेल खरीदना जारी रखे

भारत के हितों से समझौता नहीं’

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए इस टैरिफ से भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है, लेकिन भारत ने अपने रुख में कोई बदलाव नहीं दिखाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत अपने हितों से समझौता नहीं करेगा. यह विवाद सिर्फ व्यापारिक नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक भी है, जहां अमेरिका रूस पर दबाव बनाने के लिए भारत को निशाना बना रहा है. आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत इस चुनौती का सामना कैसे करता है और अपने निर्यात को बचाए रखने के लिए क्या रणनीति अपनाता है, खासकर तब जब अमेरिका अपने ‘आर्थिक दबाव’ को और बढ़ाने की धमकी दे रहा है.


Ramswaroop Mantri

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