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ममता का किला ढहते ही अखिलेश के घर में बगावत,क्या बीच समंदर में डूब जाएगी INDIA गठबंधन की नाव? 

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पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव नतीजों ने इंडिया गठबंधन की नींव हिला दी है. बंगाल में ममता बनर्जी की करारी हार और तमिलनाडु में स्टालिन की पकड़ कमजोर होने से गठबंधन का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है. समाजवादी पार्टी के भीतर उठते विरोधी सुर और कांग्रेस की चुप्पी ने एकता के दावों की पोल खोल दी है. अब सवाल यह है कि क्या यह गठबंधन 2027 तक टिक पाएगा.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की करारी हार और 2026 के चुनावी नतीजों के बाद इंडिया गठबंधन (INDIA Alliance) संकट में दिख रहा है, जिससे सपा में भी बगावती सुर उठने लगे हैं। अखिलेश यादव द्वारा ममता का समर्थन करने और राहुल गांधी के नेतृत्व पर सवाल उठने से गठबंधन की एकता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। यूपी में ‘PDA’ बनाम बीजेपी की ‘बुलडोजर नीति’ का सीधा मुकाबला 2027 की राह कठिन बना रहा है।

 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है. 15 साल से सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है. बीजेपी ने 294 सीटों में से 200 से ज्यादा सीटें जीतकर बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है. इस हार ने सिर्फ टीएमसी को ही नहीं, बल्कि विपक्षी एकता के प्रतीक ‘इंडिया गठबंधन’ को भी गहरे संकट में डाल दिया है. गठबंधन के प्रमुख नेताओं के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई है, जिससे एकजुटता के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं. ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में अपनी हार को साजिश करार दिया है. उन्होंने कहा, ‘ये अत्याचार चिंताजनक हैं और मैं इंडिया गठबंधन के उन नेताओं की आभारी हूं जिन्होंने मुझे फोन कर समर्थन दिया.’ सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने ममता को ढांढस बंधाया है. लेकिन गठबंधन के अंदर सबकुछ ठीक नहीं है.

अखिलेश यादव ने जहां इस हार को लोकतंत्र के लिए ‘काला दिन’ बताया, वहीं उनकी अपनी ही पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने ममता सरकार के भ्रष्टाचार और एंटी-इनकंबेंसी को हार की असली वजह बताकर सबको चौंका दिया है.

क्या अखिलेश और किरणमय नंदा के बीच दरार बढ़ गई है?

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और केंद्रीय बलों के दुरुपयोग पर सवाल उठाए. अखिलेश ने इसे ‘जनमत की खुली लूट’ करार दिया. लेकिन उन्हीं के खास सिपहसालार किरणमय नंदा के सुर एकदम जुदा थे.

अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे। देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है। आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित।

इंडिया गठबंधन की वर्तमान स्थिति:

  • ममता का किला ध्वस्त: पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों में बीजेपी की शानदार जीत ने ममता बनर्जी के अभेद्य किले को ढहा दिया है, जिसका असर राष्ट्रीय विपक्ष पर पड़ा है।
  • अखिलेश की रणनीति: अखिलेश यादव ने ममता को विपक्ष का सबसे मजबूत नेता बताते हुए कांग्रेस से दूरी का संकेत दिया है, जो INDIA गठबंधन में आंतरिक मतभेद को दर्शाता है।
  • यूपी में बगावत और चुनौती: बंगाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में सपा के सामने PDA फॉर्मूले (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को बचाए रखने और बीजेपी के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का सामना करने की कड़ी चुनौती है।
  • गठबंधन का भविष्य: विपक्षी एकता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि एक-दूसरे का समर्थन करने के बावजूद जमीनी स्तर पर तालमेल की कमी दिख रही है। [1, 2, 3, 4, 5]

बंगाल की हार और यूपी की आंतरिक बगावत ने INDIA गठबंधन की नाव को सचमुच मझधार में ला खड़ा किया है, जहाँ 2027 और 2029 की राह बेहद चुनौतीपूर्ण है।

‘अखिलेश यादव आज आना चाहते थे, मैंने रोक दिया’ कोलकाता में प्रेस वार्ता के बीच ममता बनर्जी का बड़ा दावा

तृणमूल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर बड़ा दावा किया है.  कोलकाता में एक प्रेस वार्ता के दौरान टीएमसी नेता ने कहा कि अखिलेश ने मुझसे अनुरोध किया कि क्या वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा कि कल आएं. तो, वह कल आएंगे. एक-एक करके सब आएंगे. मेरा लक्ष्य बहुत साफ़ है. मैं INDIA गठबंधन को मज़बूत करूंगी.

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और हेमंत सोरेन ने उनसे फोन पर बात की. उन्होंने बताया कि INDIA गठबंधन के सभी नेताओं ने पूरा समर्थन जताया है और उन्हें भरोसा है कि आने वाले दिनों में गठबंधन की एकजुटता और मजबूत होगी.

इससे पहले सपा चीफ ने भी बंगाल चुनाव के परिणाम को फरेबी बताया था. सोशल मीडिया साइट एक्स पर कन्नौज सांसद ने लिखा था कि हर फ़रेबी फ़तह की एक मियाद होती है ये बात ही ‘सच्चाई की बुनियाद’ होती है.

जनमत की खुली लूट कैसे हुई सब जानते हैं- अखिलेश
अखिलेश ने ममता बनर्जी का एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर ही लिखा था कि अब क्या सत्ताधारी राजनीति को पाताल से भी नीचे ले जाएंगे. देश के राजनीतिक इतिहास का ये एक घनघोर ‘काला दिन’ है. आज पूरा देश आक्रोशित है और लोकतंत्र व्यथित.

उन्होंने लिखा था कि चुनावी व्यवस्था के नाम पर केंद्रीय बलों का जो दुरुपयोग मतगणना में आज बंगाल में हुआ है, ठीक वैसा ही घपला 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में अधिकांश जगह किया गया था, जिसकी साक्षात गवाह कन्नौज की विधानसभाएं थीं. फिर इसी निंदनीय मॉडल को फ़र्रुख़ाबाद के 2024 लोकसभा चुनाव में दोहराया गया था.

सब जानते हैं क्या हुआ है और सच क्या है और जनमत की खुली लूट कैसे हुई है. घोर, घोर, घोर निंदनीय!!!

Ramswaroop Mantri

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