इंदौर
कोर्ट में पेशी के दौरान लाए गए ठगी के आरोपी पर पुलिसकर्मी मेहरबान दिखे। आरोपी ने पेशी के बाद थाने जाने से पहले हथकड़ी खुलवाकर मंदिर के दर्शन किए। पुलिसकर्मी उसके पीछे खड़ा रहा। निवेशकों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले फर्जी एडवायजरी कंपनी के आरोपी पंकज खानचंदानी को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मुश्किल से 1 मई को पकड़ा था। वह पिछले साल जून में लवकुश विहार स्थित घर और विजयनगर क्षेत्र स्थित ऑफिस कैपिटल शेयर रिसर्च पर ताले ड़ालकर भूमिगत हो गया था।

आरोपी कोर्ट में बेखौफ होकर परिवार के साथ बैठ कर बातें करता हुआ।
मामले में विजयनगर पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। शनिवार को उसकी पुलिस रिमांड खत्म होने पर पंकज को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पंकज को एक और दिन पुलिस रिमांड में रखने के आदेश दिए। विजय नगर थाने के जो पुलिसकर्मी पंकज को कोर्ट पेशी पर लाए थे, वे ठगी के आरोपी पर किस तरह मेहरबान रहे, यह इससे समझा जा सकता है कि कोर्ट रूम के बाहर बैठा पंकज उससे मिलने आई एक महिला समेत पांच-छः लोगों से काफी देर तक पास बैठकर बातें करता रहा। चूंकि शनिवार को सिर्फ दो रिमांड कोर्ट ही चालू थी, तो भीड़भाड़ में कोर्ट रूम के बाहर कोरोना प्रोटोकॉल की परवाह किसी ने भी नहीं की।
यही नहीं, पेशी से वापस जाते वक्त कोर्ट परिसर के गेट के बाहर पुलिस ने पंकज की हथकड़ी खोल दी। आरोपी पंकज ने सड़क पार की और सड़क किनारे बने मंदिर में दर्शन भी किए। इस दौरान एक पुलिसकर्मी पंकज पर निगाह रखने के लिए उसके पीछे खड़ा रहा, जबकि अन्य पुलिसकर्मी हथकड़ी पहने साथी आरोपी के साथ खड़े रहे। बाद में वे सभी ऑटो रिक्शा में बैठकर रवाना हो गए।
गौरतलब है, इंदौर में कोर्ट पेशी के आए आरोपियों के भागने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में गंभीर अपराध के आरोपी को हथकड़ी खोलकर मंदिर तक जाने की इजाजत दे देना पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है।





