डॉ. विकास मानव
कल रात दुबई में चार्टर्ड अकाउंटेंट और दुबई स्टॉक एक्सचेंज में कंसल्टेंसी करने वाले अपने एक साधक मित्र से व्हाट्सएप पर बहुत लंबी चर्चा हुई.
उसने कहा कि मानवश्री यह जो तथाकथित शिव, राम, कृष्ण कथा कहने वाले लोग हैं और इनकी कथाओं को जो कंपनियां स्पॉन्सर करती हैं आप कुछ सालों के बाद उन कंपनियों की बैलेंस शीट देखिए. सोचिये वह कंपनी अचानक से इतनी ग्रो कैसे करने लगती है?
उसने मुझे दो तीन कंपनियों का नाम भी बताया हालांकि मैं बगैर प्रूफ के उन कंपनियों का नाम नहीं लिखूंगा लेकिन यह कंपनियां राजस्थान और गुजरात की ही है और मैं खुद अपनी आंखों से देखा हूं कि पंद्रह साल पहले तक उन कंपनियों का कोई वजूद नहीं था लेकिन मात्र कुछ ही साल में वह कंपनी आज छह सौ करोड़ से लेकर आठ सौ करोड़ तक की टर्नओवर करने लगी है और कई प्रोडक्ट बनाने लगी है।
उसने मुझे पूरा गणित बताया :
ये तथाकथित संत और तथाकथित कथावाचक दुबई आते हैं. यहां पर सऊदी अरब के बहाबी लोगों के साथ उनकी मीटिंग होती है। सबको पता है कि बहाबी लोगों का सिर्फ एक एजेंडा है पूरे विश्व में इस्लाम का राज हो.
इसके लिए वह पेट्रो डॉलर को लुटा देते हैं. गांव-गांव में मस्जिदे बनवा रहे हैं. हर एक संगठन को फंडिंग कर रहे हैं.
उन्होंने अब लालची हिंदू धर्म गुरुओं और कथावाचको को अपने जाल में लेना शुरू किया है.
वही कथा वाचको को कहते हैं कि आप अपने कथाओं में अली मौला अली मौला का गुणगान करिए या हुसैन या हुसैन करिए नमाज की महिमा का बखान करिए इस्लाम की कथा करिए मोहम्मद कथा करिए मोहम्मद की करुणा इत्यादि का बखान करिए या हिंदुत्व के नाम पर इनकी जमकर बुराई करिए.
फिर जो कंपनी इनकी कथाओं को स्पॉन्सर करती है उन कंपनी में मॉरीशस रूट से लाखों करोड़ों इन्वेस्ट कर दिए जाते हैं. वह इन्वेस्टमेंट इन कथावाचको के छद्म नाम से ही होता है या तो इनके किसी दूर के रिश्तेदार का नाम होगा.
लेकिन वह पूरा शेयर इन कथा वाचको का ही होता है और यह पूरी डीलिंग एकदम इमानदारी से की जाती है.
इससे सब को फायदा होता है. कथावाचको यह फायदा होता है कि उसे सऊदी के बहाबीयो से पेट्रो डॉलर मिल रहा है.
कंपनियों को यह फायदा होता है की उसकी बैलेंस शीट तगड़ी हो रही है और बहाबीयो को यह फायदा होता है कि हिंदू एकदम लुंज पुंज धिम्मी बनते जा रहे हैं.
साथ ही साथ जनमानस में यह भी भावना बहने लगती है फलाना तो पहले गरीब था लेकिन जब से फलाने धर्म गुरु से गुरु मंत्र लिया तब से वह करोड़पति बन गया. फिर इन कथावाचको की शरण में हजारों लाखों लोग आने लगते हैं।
उसने यह भी बताया कि एक तथाकथित महिला कथावाचक जो भागवत कथा कहती है उसने जब अपने हिंदू तबलची से प्रेम विवाह किया तब उसके पूरे हनीमून को जो उसने 7 देशों में मनाया था दुबई में बैठे शेखों ने ही स्पॉन्सर किया था ।
मजे की बात यह है कि वह तबलची अब तबला बजाना छोड़ कर अपने नाम के पीछे प्रभु लगाकर खुद भी एक फर्जी ढोंगी धर्मगुरु बन गया।
हिंदू धर्म पर अब बहुत बड़ा खतरा मंडराने लगा है और अब यह खतरा बाहर से नहीं बल्कि हमारे बीच के ही लालची धूर्त कथावाचको और तथाकथित धर्म गुरुओं ने पैदा किया है.
सोचिए उनका गरीब से गरीब मौलवी भी जो नंगे पांव चलता हो वह भी नहीं बिकता लेकिन हमारे तथाकथित धर्मगुरु तथाकथित कथावाचक जो पहले से ही लाखपति करोड़पति हैं वह चंद पेट्रोडॉलर के आगे बिक जाते हैं।
और फिर यही तथाकथित कथा वाचक कहते हुए मिलेंगे : “माया महाठगिनी हम जानी।”





