रामपुर
सीतापुर जेल में बंद रामपुर से सांसद आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने आजम खां को जमानत देने से इनकार कर दिया। उनकी जमानत याचिका को सर्वोच्च न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेज दिया। वहां पहले से इस मामले की सुनवाई जारी है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘ये मामला हाईकोर्ट में पेंडिंग है। ऐसे में इसकी सुनवाई भी वहीं होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिए कि आजम खां के मामले की जल्द सुनवाई करें’।
बता दें, आजम खां रामपुर शहर सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। अपना चुनाव प्रचार करने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत की याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी सरकार जानबूझकर उनके मामले को लटका रही है, ताकि वह अपने चुनाव प्रचार में भी भाग न ले सकें।
आजम के वकील कपिल सिब्बल हुए पेश
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खां की तरफ से कपिल सिब्बल ने कहा, ‘मेरे क्लाइंट के खिलाफ 47 केस हैं। हाईकोर्ट हमे सुन नहीं रहा है, हमको मौका नहीं दिया जा रहा है। मेरे क्लाइंट के खिलाफ राजनीति हो रही है’।
कपिल सिब्बल की यह बातें सुन कोर्ट ने तुरंत कह दिया कि राजनीति की बात यहां न की जाए।
कपिल सिब्बल ने इस बात पर भी जोर दिया कि पिछले 2 महीने से हाईकोर्ट में ये मामला सुरक्षित है, लेकिन कोई फैसला नहीं सुनाया गया। अब क्योंकि आजम खां को चुनावी प्रचार का हिस्सा बनना है, ऐसे में उनका जमानत पर बाहर आना जरूरी है।

आजम खां फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद हैं। हालांकि, उनकी पत्नी और बेटे जमानत पर बाहर आ चुके हैं, लेकिन आजम को जमानत नहीं मिल पा रही है।
अब्दुल्ला आजम स्वार टांडा से चुनावी मैदान में
बता दें कि कुछ दिन पहले आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत मिल चुकी है। वह जेल से बाहर आ गए हैं और समाजवादी पार्टी के टिकट पर स्वार टांडा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके सामने भाजपा-अपना दल (एस) गठबंधन से हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां मैदान में हैं।
रामपुर शहर सीट से चुनावी मैदान में हैं आजम खां
आजम खां समाजवादी पार्टी के टिकट पर रामपुर शहर सीट से चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने कांग्रेस से हैदर अली खान उर्फ हमजा मियां मैदान के पिता नवेद मियां और भाजपा से आकाश सक्सेना मैदान में हैं। साथ ही आम आदमी पार्टी से रामपुर से फैसल लाला चुनाव लड़ रहे हैं। आजम खां अपने चुनाव प्रचार की बागडोर संभालने के लिए खुद मैदान में उतरना चाह रहे थे, लेकिन उनको सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा।

2022 विधानसभा चुनाव में आजम रामपुर शहर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला आजम स्वार टांडा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।
फरवरी 2020 से जेल में हैं आजम खां
बता दें कि शत्रु संपत्ति सहित सैकड़ों मुकदमे दर्ज होने के बाद सांसद आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी तंजीन फातिमा के साथ रामपुर से सीतापुर जेल में 27 फरवरी 2020 को शिफ्ट किए गए थे। हालांकि, तंजीन फातिमा की काफी पहले ही जमानत हो गई। अभी कुछ दिन पहले ही बेटे अब्दुल्ला आजम भी जमानत पर रिहा हो गए हैं।
2 मामलों में जमानत होना बाकी
आजम खां की 43 साल की सियासत में उनके ऊपर 103 मुकदमे हुए, जिसमें शत्रु संपत्ति पर कब्जा, अवैध रूप से जमीनें हथियाना, उत्पीड़न, सरकारी जमीनों पर कब्जा, चोरी, लूट आदि के मुकदमे हैं। 2 मुकदमों को छोड़कर सभी मुकदमों में उनकी जमानत हो चुकी है। जन्म प्रमाण पत्र के मुकदमे में जमानत पर फैसला स्थानीय न्यायालय में अपने पास रिजर्व रखा है। जबकि शत्रु संपत्ति मामले में उनकी जमानत खारिज हो चुकी है।
9 बार रामपुर सदर सीट से रहे विधायक
आजम खां रामपुर से 9 बार विधायक रह चुके हैं, जबकि 2 बार उन्हें शन्नू खान और अफरोज अली खान से शिकस्त का सामना भी करना पड़ा था। अब वह 10वीं बार इतिहास रचने की कोशिश में विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि वह मौजूदा सांसद हैं, बावजूद इसके शहर सीट से वह अपनी किस्मत 10वीं बार आजमा रहे हैं।





