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जिसतिस से सेक्स के कारण हर चौथा व्यक्ति यौन संक्रमण का शिकार

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(खतरनाक हो सकते हैं इसके भावी परिणाम)

        डॉ. गीता 

World Health Organization के आंकड़ों के अनुसार, विश्व में हर 4 में से 1 व्यक्ति यौन संचारित रोग से प्रभावित होता है। सिर्फ वीर्य/डिंब ही इस अभिशाप के लिए जिम्मेदार नहीं होता है, इसलिए कंडोम कोई ऑप्सन नहीं. एक निरोग व्यक्ति तक सीमित रहना ही बचाव है.

       योनि, गुदा और ओरल सेक्स के दौरान शरीर के बाकी पार्ट्स के आपसी टचनेश, स्वास/पसीने/स्किन के संपर्क आदि के माध्यम से भी 30 से अधिक विभिन्न बैक्टीरिया, वायरस और पैरासाइट सेक्सुअली ट्रांसमिशन के माध्यम से प्रसारित होते हैं।

मानव शरीर का एक जरूरी हिस्सा है सेक्स। इससे ही सृष्टि चलती है और मानव सहित सभी जीवों की संख्या में वृद्धि होती है। पर मनुष्य के जीवन चक्र की सबसे बड़ी बाधा है एकाधिक से या रोगी से यौन संबंध। यह जानकारी होने के बावजूद ऐसा यौन संबंध बनाना Sexually Transmitted Disease का कारण बनता है।

       वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन के आंकड़ों के अनुसार, विश्व में हर 4 में से 1 व्यक्ति यौन संचारित रोग से प्रभावित है। 2022 में 57.4 करोड़ लोगों में एसटीआई के नए संक्रमण का  पता लगाया गया।

      इसमें क्लैमाइडिया के 14.9 करोड़, गोनोरिया के 09.2 करोड़, सिफलिस के 08.1 करोड़ और ट्राइकोमोनिएसिस के 19.6 करोड़ लोग प्रभावित थे। ये संक्रमण दर विशेष रूप से युवा लोगों में अधिक है।

     कुछ एसटीआई गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान मां से बच्चे में भी फैल सकते हैं।

*08 पैथोजेंस सबसे अधिक खतरनाक :*

     आठ पैथोजेंस को एसटीआई के लिए सबसे अधिक खतरनाक माना गया है। इनमें से  सिफलिस, गोनोरिया, क्लैमाइडिया और ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज संभव है।  हेपेटाइटिस बी, हर्पीस सिम्प्लेक्स वायरस (herpes simplex virus), एचआईवी और मानव पेपिलोमावायरस (human papillomavirus) से संक्रमित होने पर इलाज से ठीक भी नहीं किया जा सकता है।

      मंकीपॉक्स (monkeypox), शिगेला सोननेई (Shigella sonnei), निसेरिया मेनिंगिटिडिस (Neisseria meningitidis), इबोला (Ebola) और ज़िका (Zika) के अलावा कम जाना हुआ लिम्फोग्रानुलोमा वेनेरियम (lymphogranuloma venereum) का फिर से उभरना भी सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज का कारण बन सकता है।

*सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड इंफेक्शन और डिजीज की रोकथाम कैसे?*        

   (Prevention of Sexually transmitted infection and disease)

*1 बिना कंडोम न करें किसी भी तरह का सेक्स*

     कंडोम बचाव का कोई पुख्ता विकल्प नहीं है, लेकिन कुछ रोगों से आंशिक बचाव तो करता ही है : जब सही ढंग से और लगातार इसका उपयोग किया जाता है। दोनों पार्टनर को कंडोम का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए।

   अत्यधिक प्रभावी कंडोम एसटीआई के लिए सुरक्षा प्रदान नहीं कर पाते हैं। यह अतिरिक्त-जननांग अल्सर (extra-genital ulcers) जैसे कि सिफलिस या जेनिटल हर्पीज का कारण बनते हैं.

*2 वायरल एसटीआई के लिए टीका :* 

     वायरल एसटीआई के लिए सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी टीका उपलब्ध हैं – हेपेटाइटिस बी और एचपीवी। इन टीकों ने एसटीआई रोकथाम में प्रमुख भूमिका निभाई है।

     2020 के अंत तक एचपीवी वैक्सीन को 111 देशों, मुख्य रूप से उच्च और मध्यम आय वाले देशों में नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में पेश किया गया था।

      विश्व स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने के लिए, एचपीवी टीकाकरण के लिए उच्च कवरेज लक्ष्य, प्रीकैंसरस घावों की जांच-उपचार और कैंसर के प्रबंधन को 2030 तक पहुंचा दिया जाना चाहिए।

*3 टीकों पर अधिक शोध की जरूरत :*

      इस बात के सबूत हैं कि मेनिनजाइटिस (मेनबी) को रोकने के लिए टीका गोनोरिया के खिलाफ कुछ क्रॉस-सुरक्षा प्रदान करता है।  

      क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस और ट्राइकोमोनिएसिस के टीकों पर और अधिक शोध की जरूरत है। कुछ एसटीआई को रोकने के लिए अन्य बायोमेडिकल इंटरवेंशन में वयस्क पुरुष खतना, माइक्रोबिसाइड्स और पार्टनर उपचार शामिल हैं।

       प्रयोगशाला परीक्षण ब्लड, यूरीन या शारीरिक नमूनों पर निर्भर करते हैं। इसलिए इस दिशा में सतर्कता बहुत अधिक जरूरी है।

   एसटीआई में अक्सर लक्षण नहीं दिख पाते हैं। जब लक्षण का पता चलता है, तो वे नॉन स्पेसिफिक हो सकते हैं। इसके अलावा, प्रयोगशाला परीक्षण ब्लड, यूरीन या शारीरिक नमूनों पर निर्भर करते हैं। इसलिए इस दिशा में सतर्कता बहुत अधिक जरूरी है।

Ramswaroop Mantri

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