दशहरा मैदान के बाद इंदौर के समीप देपालपुर क्षेत्र से ट्रैक्टर रैली निकाली गई, जो सुपर काॅरिडोर पहुंची। इस रैली का उद्देश्य सोयाबीन भावांतर योजना से जुड़ा था। रैली में शामिल किसान ट्रैक्टर लेकर सुपर काॅरिडोर तक पहुंचे। यहां रैली एक सभा में बदल गई। सभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव वर्चुअली जुड़े। उन्होंने कहा कि इस योजना के जरिए हमने यह तय किया है कि किसानों को उनकी फसल, उपज को उचित मूल्य मिले।
बाजार में यदि उपज के दाम घटते भी है तो किसानों को नुकसान नहीं हुआ। सरकार तय भावों में किसानों से उपज खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली उनकी सरकार की प्राथमिकता है। इसमें कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। किसान इस योजना से खुश है। यही कारण है कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रैक्टर लेकर यहां आए है। किसानों ने उनका भाषण ट्रैक्टरों पर बैठकर ही सुना।
विज्ञापन
किसानों को बताया गया कि प्रदेश में डेढ़ हजर से ज्यादा स्थानों पर पंजीयन केंद्र बनाए गए है। पांच लाख से ज्यादा किसानों ने अपनी फसल का पंजीयन कराया है। सोयाबीन फसल के लिए भी पंजीयन शुरू हो गया है और 35 हजार से ज्यादा किसानों ने इसके लिए पंजीयन कराया है। इसकी अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तक है। तब तक और भी किसान पंजीयन करा सकते है। उधर इस योजना का कांग्रेस और कुछ किसान संगठन विरोध कर रहे है। उनका कहना है कि योजना से किसानों को कोई फायदा नहीं हो रहा है। पिछली सरकार ने भी यह योजना लागू की थी, लेकिन वह फ्लाॅप साबित हुई।





