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25 अगस्त तक भर जाएगा बीसलपुर बांध। एक घंटे में पांच सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है जल स्तर

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एस पी मित्तल,अजमेर

315.50 मीटर की क्षमता वाले राजस्थान के प्रमुख बीसलपुर बांध का जलस्तर 23 अगस्त को 314.40 मीटर के पार हो गया है। बांध में प्रति घंटा पांच सेंटीमीटर की रफ्तार से पानी की आवक हो रही है। बांध के जल स्तर पर निगरानी रखने वाले जलदाय विभाग के कार्यवाहक एक्सईएन रामनिवास खाती का अनुमान है कि 25 अगस्त तक बीसलपुर बांध भर जाएगा। बनास, खारी और डाई नदी के त्रिवेणी संगम पर मौजूदा समय में पानी का गेज सात मीटर का है। यानी बांध में पानी आने की रफ्तार और बढ़ जाएगी। सब जानते हैं कि बीसलपुर बांध अजमेर, जयपुर और टोंक जिले के लोगों के लिए लाइफ लाइन है। अजमेर जिला तो पूरी तरह बीसलपुर के पानी पर निर्भर है। अजमेर में पेयजल का कोई स्थानीय स्त्रोत नहीं है। ऐसे में जिले भर में बांध पेयजल की सप्लाई बांध से ही होती है। यदि बांध में पानी की कमी रहती है तो अजमेर के लोगों को चार-पांच दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई की जाती है। चूंकि इस बार बांध पूरा भरा है, इसलिए इन तीनों जिलों में पेयजल की समस्या नहीं रहेगी। अजमेर और जयपुर से बांध की दूरी करीब 150 किलोमीटर है। इन दोनों जिलों में बांध से बड़ी बड़ी पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचता है। बांध के भरने की स्थिति को देखते हुए सिंचाई विभाग के इंजीनियर सतर्क हो गए हैं। चूंकि कोटा और बूंदी में बाढ़ जैसे हालात हैं और बीसलपुर बांध के भराव क्षेत्र में लगातार वर्षा हो रही है, इसलिए 25 अगस्त को बांध के भरने के बाद गेट भी खोले जा सकते हैं। सिंचाई विभाग के इंजीनियरों का मानना है कि बांध के भरने के साथ ही गेट खोलने का काम शुरू हो जाएगा। यदि गेट खोलने में विलंब किया गया तो अजमेर जिले के केकड़ी और टोंक के कई गांव में पानी भर जाएगा। सिंचाई विभाग के इंजीनियर बांध का जलस्तर 315.50 मीटर बनाए रखने का प्रयास करेंगे। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि बांध का जलस्तर भराव क्षमता से कम न हो। 

कलेक्टर ने दिए निर्देश:

अजमेर की टूटी सड़कों को लेकर मीडिया में जो खबरें प्रकाशित हो रही है उसके दबाव के मद्देनजर ही 22 अगस्त को उत्तर क्षेत्र के भाजपा विधायक वासुदेव देवनानी के नेतृत्व में पार्षदों और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर अंशदीप के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया था। देवनानी ने आरोप लगाया कि सड़कों में गड्ढों की वजह से लोगों को चलना भी मुश्किल हो रहा है। पार्षदों ने भी कलेक्टर के समक्ष नाराजगी व्यक्त की। जनप्रतिनिधियों के दबाव को देखते हुए ही कलेक्टर ने 23 अगस्त को संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित एक बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा गया कि वे सड़कों की मरम्मत के कार्यों में कोई लापरवाही नहीं बरते। बरसात के दिनों में किसी भी कार्य के लिए सड़क खुदाई का कार्य भी न किया जाए। 

Ramswaroop Mantri

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