सुसंस्कृति परिहार
दमोह विधानसभा से विजित कांग्रेस विधायक के इस्तीफे और भाजपा में चले जाने के बाद यहां अप्रेल-मई के दरम्यान उपचुनाव होने हैं । दौड़ में दोनों दलों के कई उम्मीदवार टिकिट पाने की जुगत में ज़ोर आजमाईश कर रहे हैं । जबकि राहुल लोधी का भाजपा से दावा पक्का है उन्हें मंत्री का दर्जा देना वा मेडीकल कॉलेज की घोषणा कर भूमिपूजन के लिए मुख्यमंत्री का आना भी इस बात को पुष्ट करता है ।यही वजह है कि अपुष्ट समाचार बताते हैं पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया ने अपनी रणनीति बदली है ।वे हर हाल में कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने संकल्पित नज़र आ रहे हैं यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने कांग्रेस को जीतने वाला लोधी समाज का एक प्रत्याशी बता भी दिया है ।वे लोधी समाज को दो फाड़ कर राहुल को परास्त करने की कोशिश में लगे हैं ।जबकि कई कांग्रेसी भी राहुल को हराने का दंभ भर रहे हैं ।इधर कांग्रेस का एक बड़ा धड़ा राहुल को जिताने की पुरजोर कोशिश में लगा है वे चाहते हैं राहुल जीते ताकि लंबे समय से सत्ता पर काबिज़ रहे मलैया को वाक ओवर ना मिल सके ।
लगता है मामा ने भी अपने पांसे के रूप में राहुल को तैयार कर इस मैदान में मात खा चुके मलैया से मैदान छीनने की पूर्ववत भाजपा ने तैयारी की है ।ज्ञातव्य हो,जयंत मलैया काफी वरिष्ठ भाजपा के साथी हैं और वे मुख्यमंत्री पद की दावेदारी रखते रहे हैं बताते हैं वे एक बार विशेष वजह से मात भी खा चुके हैं , अमित शाह जब भाजपाध्यक्ष थे , पार्टी फंड के लिए बड़ी राशि लेकर सपत्नीक दिल्ली जा रहे थे और रास्ते में वे लुट गए थे ।ये बात शिवराज जानते हैं इसलिए वे कितने ही कसीदे मलैया जी के लिए पढ़ें, कितना मिलें जुलें पर, मामा अविश्वसनीय हो गए हैं ।इस घात को कुशल राजनीतिज्ञ मलैया ने भी समझ लिया है इसलिए वे भी सधे ढंग से दांव-पेंच खेल रहे हैं । 17फरवरी को मुख्यमंत्री का दमोह ना आना और 22फरवरी को उनके आने की खबर मलैया दरबार से ही बाहर आई ।मलैया समर्थक पशोपेश में हैं । उन्हें तो पूरी उम्मीद है टिकिट मलैया जी या उनके पुत्र सिद्धार्थ उर्फ छौना को ही मिलेगी ।
कांग्रेस की अंदरूनी ख़बर के मुताबिक़ जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय टंडन को कांग्रेस ने प्रत्याशी बतौर चयनित कर लिया है । लेकिन मयंक पटेल का नाम फ़लक पर जिस तेजी से उभर रहा उसे लेकर कांग्रेस बिखरने की राह चल सकती है।यह नाम पता चला है सीधे प्रदेश स्तर से या यूं कहें कमलनाथ के कार्यालय से सीधे दाख़िल हुआ है । मयंक पटेल कमलनाथ के पुराने दरबारी है ।चर्चा है कि मयंक पटेल दमोह कुर्मी समाज से है और मयंक ने दमोह के असाटी परिवार में प्रेम विवाह किया है। तभी आड़े वक्त में कमलनाथ ने दोनों को शरण दी ।उधर महिला कांग्रेस विंग की अध्यक्ष मांडवी चौहान दमोह से सक्रिय महिला उम्मीदवार को प्रत्याशी बनाना चाह रहीं हैं । एडवोकेट निधि श्रीवास्तव उनकी करीबी बताई जा रही हैं ।
बहरहाल,ये स्पष्ट नजर आने लगा है कि कांग्रेस तो किसी को भी उम्मीदवार बना सकती है क्योंकि हार-जीत से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।फ़र्क तो भाजपा सरकार को भी नहीं पड़ेगा पर वह चुनाव जीतने जी तोड़ कोशिश करेगी । क्योंकि इससे आगे की राजनीति पर प्रभाव पड़ेगा ।कुल मिलाकर राहुल को जिताने कांग्रेस प्रयासरत है तो कांग्रेसी उम्मीदवार को जिताने मलैया भक्त प्रतिबद्ध दिखते हैं ।आगे की तस्वीर हालांकि उम्मीदवारों की घोषणा पर ही बन बिगड़ सकती है । लेकिन यह साफ़ है कांग्रेस मजे में है और भाजपा असमंजस में।





