अवधेश सिंह यदुवंशी
कल संघ और भाजपा के एक बड़े नेता से बात हुई, इमानदारी से उसने बताया कि 22 जनवरी को राम मंदिर के माध्यम से चलाई हवा भाजपा और संघ की उम्मीद के मुताबिक आंधी नहीं बन सकी बल्कि संघ की तमाम कोशिशों के बावजूद राम मंदिर की हवा थम सी गयी है।
उसके मोबाइल में भाजपा और संघ द्वारा कराया गया नार्थ इंडिया के राज्यों का इन्टरनल सर्वे था जिसमें भाजपा की 2019 में जीती हुई 52 सीटें रेड ज़ोन में थीं अर्थात वह हार रही है।
थोड़े समय में जो मैं देख सका उसमें उन 52 सीटों में से 7 राजस्थान से , 15 बिहार से और 19 उत्तर प्रदेश से है।भाजपा के आंतरिक सर्वे के अनुसार राजस्थान में करौली-धौलपुर, दौसा , भरतपुर, टोंक सवाई माधोपुर, बाड़मेर, अलवर , नागोर सीट भाजपा हार रही है।
बिहार की जीती सीटों में से वह 15 सीटें हार रही है और सर्वे के अनुसार नितीश कुमार को एनडीए में लेने से उसे कोई फायदा नहीं। बल्कि इससे तेजस्वी यादव के प्रति जनता की सहानुभूति तेज़ी से उमड़ रही है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीती सीटों में से 19 सीटें उसके सर्वे के अनुसार वह हार रही है जिसमें,आज़मगढ, बदायूं, मोहनलालगंज, हरदोई, एटा , अकबरपुर, बांदा, फूलपुर, कुशीनगर, बाराबंकी, फर्रुखाबाद, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, सीतापुर, धरौरा , भदोही , हाथरस और मिस्रिख।
अर्थात भाजपा 2019 में जीती अपनी कुल लोकसभा सीटों में से 52 सीटों को रेड जोन में रख चुकी है और अपने कैडर में इसे सर्कुलेट करके उसे डरा रही है कि मोदी जी की 2024 में वापसी खतरे में है इसलिए जी जान से लग जाओ।
क्योंकि इन्हें लगता है कि मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे तो यह यतीम हो जाएंगे। इनकी गुंडई को संरक्षण देने वाला नहीं रहेगा।





