भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपालके भेल परिसर(भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड- में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि अंदर ऑयल की टंकियों में ब्लास्ट हुआ है। आग इतनी भयावह है कि कई किलोमीटर दूर से उसका काला धुआं देखा जा सकता है। आग बुझाने के लिए दमकल की 8 फायर गाडियां और 4 टैंकर मौके पर भेजे गए हैं।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में स्थित भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के परिसर में गुरुवार दोपहर साढ़े 11 बजे के करीब भीषण आग लग गई। यह आग भेल के 9 नंबर गेट के पास कॉमर्शियल ग्रीन बेल्ट एरिया में लगी, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही धुएं का बड़ा गुबार आसमान में छा गया, जो 15 किलोमीटर दूर से भी दिखाई दे रहा था। घटना की सूचना मिलते ही BHEL के अग्निशमन यंत्र सक्रिय हो गए और आग बुझाने का प्रयास किया गया। शाम 7 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका रह-रहकर आग सुलग रही है। अभी भी आसमान में धुआं उठता दिख रहा है। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि अंदर ऑयल की टंकियों में ब्लास्ट हुआ है। हजारों पेड़-पौधे आग की चपेट में आ गए।आग तेजी से फैलने के कारण दमकल विभाग को सूचना दी गई। दमकल की कई गाड़िया मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई हैं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका
प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और लोगों से अपील की गई है कि वे घटनास्थल के आसपास न जाएं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।
मंत्री सारंग और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे
BHEL भोपाल में लगी भीषण आग ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। दमकल विभाग और प्रशासन की तत्परता से आग पर काबू पाने का प्रयास जारी है। मंत्री विश्वास सारंग भोपास कलेक्टर समेत सभी अधिकारी मौके पहुंचे हैं। मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए और किसी भी प्रकार की जनहानि न हो।

कई सैकड़ा पेड़ जले, हजारों झुलसे
भेल फैक्ट्री के अंदर हजारों की संख्या में छोटे-बड़े पेड़ वर्षों से लगे हुए हैं। यहां पहले भी आग लगती रही है, लेकिन आज की आग भयंकर रूप धारण कर ली। देखते ही देखते तेज हवा के कारण आग की लपटों ने रायसेन रोड की तरफ स्थित झाडिय़ों को अपनी चपेट में ले लिया। आग से सैकड़ों पेड़ जल गए हैं और हजारों की संख्या में छोटे-बड़े पेड़ झुलस गए हैं।
पहले सीआईएसफ बुझा रही थी आग
आग लगने की सूचना मिलने के बाद भेल की सुरक्षा में तैनात दमकलों और सीआईएसएफ को आग बुझाने में लगाया गया। चूंकि भेल बड़ा कारखाना है वहां पानी वाली दमकलें बहुत कम हैं। भेल के अंदर फोम टेंडर हैं, जो भीषण आग को काबू कर सकती हैं। सीआईएसएफ के जवानों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती चली गई। सुरक्षा कारणों से पहले पुलिस और नगर निगम की दमकल टीम को सूचना नहीं दी गई थी। आग काबू में नहीं आने पर भोपाल पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की दमकल टीम को सूचना दी गई। इसके बाद नगर निगम की दर्जन भर दमकलों के साथ अमला पहुंचा है आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रबंधन बोला फैक्ट्री सुरक्षित है
भेल प्रबंधन से सुरक्षा कारणों से सीमित संख्या में आग बुझाने वाले दल को फैक्ट्री के अंदर प्रवेश दिया है। प्रशासनिक अधिकारी भी अंदर नहीं जा पा रहे हैं। भेल प्रबंधन का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है। कुछ ऑयल टंकियों में आग लगने से आग तेजी से भड़की थी। फैक्ट्री के सभी ब्लॉक आग लगने वाले स्थान से बहुत दूर हैं। फैक्ट्री पूरी तरह से सुरक्षित है और वहां तक आग पहुंचने की कोई आशंका नहीं है।
भेल के जनसंपर्क अधिकारी विनोदानंद झा ने बताया कि आग में कोई हताहत नहीं हुआ। झा ने बताया कि आग के कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है, लेकिन दोपहर करीब एक बजे आग पर काबू पा लिया गया। परिसर में मौजूद लोगों के मुताबिक, सबसे पहले आग की लपटें महारत्न पीएसयू भेल के गेट नंबर 9 के पास दिखीं, जहां डंप था।





