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बजट जनविरोधी, असंवेदनशील और कारपोरेट-परस्त दस्तावेज़

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केंद्रीय बजट पर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की तीखी प्रतिक्रिया

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को जनविरोधी, असंवेदनशील और कारपोरेट-परस्त दस्तावेज़ मानती है। यह बजट देश के गरीबों, किसानों, मज़दूरों, महिलाओं और युवाओं की ज़मीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ है। सामाजिक न्याय और समानता की बातें करने वाली सरकार ने इस बजट में इन वर्गों के जीवन में वास्तविक सुधार लाने का कोई ठोस इरादा नहीं दिखाया है।

बजट में ग्रामीण अवसंरचना, डिजिटल सेवाओं और कुछ कल्याणकारी योजनाओं के लिए आवंटन बनाए रखने जैसे सीमित सकारात्मक संकेत ज़रूर हैं, लेकिन ये केवल दिखावटी और प्रचारात्मक हैं। जब तक संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण और मज़बूत सार्वजनिक व्यवस्था नहीं होगी, तब तक ऐसे प्रावधान आम जनता की हालत नहीं बदल सकते।

मनरेगा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली जैसे जनजीवन के आधार स्तंभों के साथ इस बजट में खुला अन्याय किया गया है। ग्रामीण रोज़गार की रीढ़ मनरेगा को न तो पर्याप्त धन दिया गया, न ही 200 दिन काम और मज़दूरी बढ़ाने जैसी माँगों पर ध्यान दिया गया। सार्वजनिक स्वास्थ्य के नाम पर सरकार निजी अस्पतालों और बीमा कंपनियों को बढ़ावा दे रही है, जबकि सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और स्वास्थ्यकर्मियों की हालत बदतर बनी हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों और विश्वविद्यालयों को मज़बूत करने के बजाय निजीकरण और बाज़ारीकरण को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे गरीब और वंचित तबकों के लिए शिक्षा और भी दूर होती जा रही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को सशक्त करने के बजाय उसमें कटौती और अनिश्चितता पैदा कर सरकार गरीबों के खाद्य अधिकार पर सीधा हमला कर रही है।

किसान आज भी कर्ज़, बढ़ती लागत और न्यूनतम समर्थन मूल्य की अनिश्चितता से तबाह है, लेकिन बजट में उसकी आय दोगुनी करने के खोखले नारे के अलावा कुछ नहीं है। मज़दूर वर्ग के लिए न रोज़गार की गारंटी है, न सामाजिक सुरक्षा। महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर बजट पूरी तरह नाकाम साबित होता है।

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) स्पष्ट रूप से कहती है कि यह बजट संविधान में निहित समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और जनकल्याणकारी मूल्यों के खिलाफ़ है। पार्टी सरकार से माँग करती है कि वह कारपोरेट हितों की सेवा छोड़कर जनता के पक्ष में खड़ी हो, बजट की दिशा बदले और इसे गरीब, किसान, मज़दूर, महिला और युवाओं के हक़ में दोबारा तैयार करे। 

बसंत हेतमसरिया 

राष्ट्रीय प्रवक्ता 

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)

मोबाइल संख्या: 9934443337

Ramswaroop Mantri

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