जबलपुर में पाकिस्तानी नाबालिगों की वतन वापसी को लेकर मामला उलझ गया है. हाल ही में जबलपुर पुलिस के परीक्षण में तीन नाबालिग पाकिस्तानी नागरिकों का पता चला है, जिनकी मां भारतीय और पिता पाकिस्तानी नागरिक हैं. केंद्र सरकार के निर्देश पर पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू होनी थी, लेकिन नाबालिग बच्चों के मामले में कानूनी और संवेदनशीलता से जुड़ी जटिलताएं आड़े आ गई हैं.

जबलपुर पुलिस प्रशासन ने इस विशेष स्थिति को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन मांगा है. बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने देशभर में पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान कर उन्हें उनके देश भेजने का निर्णय लिया था. इसी क्रम में जबलपुर में इन तीन नाबालिगों का पता चला.
हालांकि, बच्चों की मां भारतीय नागरिक है, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया है. जबलपुर जिला प्रशासन और पुलिस दोनों इस विषय पर बेहद सतर्कता बरत रहे हैं. प्रशासन का कहना है कि नाबालिगों के अधिकारों, नागरिकता के कानूनी पहलुओं और मानवता के आधार पर किसी भी कार्रवाई से पहले उचित दिशा-निर्देश प्राप्त करना जरूरी है. सरकार से स्पष्ट मार्गदर्शन मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी.
जबलपुर कलेक्टर ने क्या कहा?
इस पूरे घटनाक्रम पर जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कहा कि, “हमने इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया है. चूंकि बच्चे नाबालिग हैं और उनकी मां भारतीय नागरिक हैं, इसलिए हम केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मार्गदर्शन प्राप्त करने के बाद ही वतन वापसी की कार्रवाई करेंगे. हमारी प्राथमिकता बच्चों के अधिकारों और कानून का पूरी तरह पालन करना है. फिलहाल तीनों नाबालिग पुलिस निगरानी में सुरक्षित हैं और उनकी देखरेख सुनिश्चित की जा रही है.”
मामला पूरे प्रदेश में बना चर्चा का विषय
अधिकारियों के मुताबिक, सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय आदेश प्राप्त होने के बाद ही इन्हें भारत से पाकिस्तान भेजने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी. जबलपुर प्रशासन और पुलिस की संवेदनशीलता और सतर्कता के चलते यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है. सभी की निगाहें अब राज्यशासन और केंद्र सरकार के अगले निर्देशों पर टिकी हैं.





