रघु ठाकुर — स्वामीनाथन की रपट यह उनकी खोज नहीं है बल्कि इसका मूल डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के 1950 के भाषण और ससोपा की कृषि नीति और राजनीतिक कार्यक्रमों में है डॉ लोहिया ने यह बात सबसे पहले उठाई थी कि किसानों को लागत...
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को बाभन को सूदा: पिछड़ा वर्ग के संघर्ष को बयां करती आत्मकथा
हिंदी साहित्य में आत्मकथाओं का महत्व रहा है। खासकर, इस दृष्टिकोण के साथ कि हर आत्मकथा न केवल साहित्य है, बल्कि यह एक ऐतिहासिक दस्तावेज है, जिसमें संदर्भित कालखंड का समाज सहज भाव से सामने आता है। लेकिन आत्मकथाओं को लेकर...