डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर,1 डॉलर= 1410000 रियाल
ईरान में जारी मुद्रा संकट के बीच सरकार ने सेंट्रल बैंक के शीर्ष नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है. सरकारी टीवी के मुताबिक, डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद सेंट्रल बैंक गवर्नर ने इस्तीफा दे दिया. हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने तत्काल कदम उठाते हुए नए गवर्नर की नियुक्ति की है. यह फैसला ऐसे समय आया है, जब देश में महंगाई तेज है और बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है.ईरान में गहराते मुद्रा संकट के बीच सरकार ने सेंट्रल बैंक के नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया है. डॉलर के मुकाबले रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद गवर्नर ने इस्तीफा दे दिया. स्थिति संभालने के लिए राष्ट्रपति ने अनुभवी नेता अब्दोलनासेर हेम्माती को नया सेंट्रल बैंक प्रमुख नियुक्त किया है.
नए गवर्नर बने अब्दोलनासेर हेम्माती
राज्य से जुड़े मीडिया के अनुसार, ईरान के राष्ट्रपति ने पूर्व अर्थव्यवस्था मंत्री और सेंट्रल बैंक के पूर्व गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्माती को फिर से इस पद की जिम्मेदारी सौंपी है. राष्ट्रपति कार्यालय के संचार उपप्रमुख मेहदी तबातबाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि की. सरकार का मानना है कि हेम्माती का अनुभव मौजूदा संकट से निपटने में मददगार हो सकता है.
इस्तीफे को लेकर चला था भ्रम
बीते कुछ दिनों से निवर्तमान गवर्नर मोहम्मद रेजा फरजिन के भविष्य को लेकर विरोधाभासी खबरें सामने आ रही थीं. रियाल की तेज गिरावट और बढ़ती महंगाई के चलते उनकी आलोचना बढ़ गई थी. सोमवार को ईरान की न्यायपालिका ने उन खबरों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि वरिष्ठ राजनीतिक नेतृत्व फरजिन को पद पर बनाए रखने पर सहमत है. बाद में राष्ट्रपति कार्यालय ने साफ किया कि फरजिन ने दिसंबर की शुरुआत में ही इस्तीफा सौंप दिया था.
बाजार में उबाल और विरोध प्रदर्शन
सोमवार को खुले बाजार में डॉलर करीब 14.1 लाख रियाल पर कारोबार करता देखा गया, जो अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है. इसी दौरान सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं. हालात बिगड़ने से तेहरान के कुछ इलाकों में दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन और हड़तालें शुरू कर दीं. विशेषज्ञों का कहना है कि नए गवर्नर के सामने रियाल को स्थिर करना, महंगाई पर काबू पाना और बाजार का भरोसा लौटाना सबसे बड़ी चुनौती होगी.





