स्लामाबाद: मुनीर के मनमाने प्रमोशन के बाद पाकिस्तान में बवाल मच गया है. जजों और वकीलों ने मास रजिग्नेशन देने शुरू कर दिए हैं और शहबाज सरकार पर संविधान की हत्या के आरोप लग रहे हैं. अमेरिका जैसे देश में मुनीर पर बैन लगाने की मांग उठ रही हैं. दूसरी तरफ इमरान खान वाली सिचुएशन की वजह से दुनिया भर में पाकिस्तान की थू-थू हो रही है. वहीं, इन सबके बीच अब पाकिस्तान के अंदर एक और उबाल उठ रहा है, जो अलग सिंधु देश की मांग को लेकर है. हाल ही में कराची में सिंध संस्कृति दिवस पर कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है.
अलग सिंधुदेश की मांग को लेकर रैली
अलग सिंधुदेश की मांग करते हुए कराची में रैली आयोजित की. इस दौरान पुलिस के साथ कई लोगों की झड़प का मामला सामने आया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, अलग ‘सिंधुदेश’ की मांग को लेकर पत्थरबाजी हुई थी जिसके बाद करीब 45 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पिछले महीने, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कह दिया था कि पाकिस्तान का सिंध क्षेत्र एक दिन भारत में शामिल हो सकता है. उनके बयान को लेकर पाकिस्तान भड़क गया था लेकिन असलियत ये है कि जिन्ना के देश में यहां लंबे समय से अलग सिंधु देश की मांग चली आ रही है.
हर साल होता है इवेंट
‘सिंधुदेश’ की मांग सिंधी लोगों के लिए एक अलग मातृभूमि की मांग करती है. सिंध संस्कृति दिवस समारोह के दौरान ये मांग तेजी से उठाई गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसे रोकने की कोशिश की गई तो अलगाववादियों का प्रदर्शन उग्र हो गया. सिंध संस्कृति दिवस समारोह 2009 से हर साल दिसंबर के पहले रविवार को को होता है, जिसमें प्रांत की विरासत का जश्न मनाया जाता है. इस बार अलग सिंधुदेश की मांग जिये सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएसएम) के बैनर तले इकट्ठा होकर की गई.
बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने इस रैली का मार्ग बदलने की कोशिश की थी, जिसके बाद शांतिपूर्ण सभा जल्द ही हिंसा और गिरफ्तारियों में बदल गई. कराची पुलिस ने पथराव और झड़पों के बाद 45 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. प्रदर्शनकारियों ने बताया कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे. दावा किया गया कि पुलिसवालों पर पथराव हुआ था, जिसमें 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए.





