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चार्टर एयर एम्बुलेंस क्रैश: सवार सभी 7 लोगों की मौत

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झारखंड के आसमान में शाम सात बजे से मंडरा रहा सस्पेंस एक खौफनाक हकीकत में बदल गया है. रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कथीयातु के जंगलों में क्रैश हो गई है. इसमें पायलट- क्रू मेंबर समेत 7 लोग सवार थे.रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली चार्टर एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कथीयातु के जंगलों में क्रैश हो गई है. इसमें पायलट- क्रू मेंबर समेत 7 लोग सवार थे. जानिए इनके नाम…

बिहार के रहने वाले थे डॉ.विकास गुप्ता 

चार्टर एंबुलेंस हादसे में मारे गए डॉ.विकास गुप्ता मूल रूप से बिहार के रहने वाले थे. वर्तमान में रांची के कचहरी में अपनी पत्नी और 8 साल के बेटे के साथ रहते थे. डॉ.विकास की पत्नी एसबीआई कचहरी में ब्रांच में कार्यरत है. यहां जानना बेहद जरूरी है कि डॉ.विकास गुप्ता क्रिटिकल केयर एनेस्थेसिया की डॉक्टर थे. रांची के ज्यूडिशियरी समेत तमाम क्षेत्रों के गणमान्य हस्तियों से उनके बेहद करीबी संबंध थे. विमान हादसे में उनकी मौत से उनके करीबियों में शोक का माहौल है.

DGCA ने की आधिकारिक पुष्टि, खराब मौसम के कारण रास्ता बदलने की मांगी थी अनुमति

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने चतरा जिले के कसारी पंचायत में हुए विमान हादसे पर आधिकारिक बयान जारी कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, रेडबर्ड एयरवेज का बीचक्राफ्ट C90 (VT-AJV) विमान जो रांची से दिल्ली के लिए एयर एम्बुलेंस मिशन पर था. सोमवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान ने रांची से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी. सफर के दौरान 7:34 बजे पायलट ने कोलकाता एटीसी से संपर्क कर खराब मौसम के चलते रास्ता बदलने (Deviation) की अनुमति मांगी थी. इसके तुरंत बाद वाराणसी से 100 नॉटिकल मील दूर विमान का रडार संपर्क टूट गया. विमान में दो पायलट और पांच यात्रियों सहित कुल 7 लोग सवार थे. DGCA ने बताया कि जिला प्रशासन की रेस्क्यू टीम मौके पर तैनात है. हादसे की उच्चस्तरीय जांच के लिए AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की टीम को दिल्ली से रवाना कर दिया गया है.

क्या जवाबदेही तय होगी? प्रियंका चतुर्वेदी

चतरा में हुए भयावह विमान हादसे पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार और DGCA को कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर इस हादसे का जवाबदेह कौन है? क्या नागरिक उड्डयन मंत्रालय में जिम्मेदारी तय होगी या फिर हर बार की तरह मामला इंटरिम रिपोर्ट के इंतजार में ठंडा पड़ जाएगा? चतुर्वेदी ने चिंता जताई कि सुरक्षा मानकों में चूक और बार-बार होते हादसों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होती. उन्होंने मांग की कि इस त्रासदी को रूटीन मामला न मानकर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए.

एनेस्थीसिया विशेषज्ञ थे डॉ.विकास गुप्ता

इस हादसे का शिकार हुए डॉ.विकास गुप्ता रांची के सदर अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे. उनकी पहचान एक ऐसे डॉक्टर के रूप में थी जो मरीजों की जान बचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे. डॉ.विकास अक्सर गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में एयरलिफ्ट करने के चुनौतीपूर्ण मिशन पर जाया करते थे. उनके साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस हादसे से महज एक दिन पहले ही वे भारतीय सेना के एक जवान को सुरक्षित एयरलिफ्ट कर दिल्ली पहुंचाकर लौटे थे. वह न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि ‘मेडिकल इवैक्युएशन’ के कठिन कार्यों में उनकी विशेषज्ञता बेमिसाल थी. वे मरीज संजय कुमार की सांसों की रखवाली के लिए रेडबर्ड एयरवेज के विमान पर सवार हुए थे, लेकिन नियति ने चतरा के जंगलों में उनके सेवा-सफर पर विराम लगा दिया.

एयरक्रू डिटेल्स

विमान में दो पायलट सवार थे. इसमें कैप्टन विवेक विकास बिलागत और कैप्टन सवरदीप सिंह. इस फ्लाइट में कुल 5 यात्री सवार थे. संजय कुमार – मरीज, अर्चना देवी-अटेंडेंट, धुरु कुमार-अटेंडेंट, डॉ.विकास कुमार गुप्ता-डॉक्टर, सचिन कुमार मिश्रा-पैरामेडिक

रांची के Devkamal Hospital & Research Centre में भर्ती 41 वर्षीय संजय कुमार को गंभीर हालत में इलाज के बाद उच्च केंद्र रेफर कर दिया गया है. जानकारी के मुताबिक, संजय कुमार 16 फरवरी 2026 को पेट्रोलियम पदार्थ से लगी आग में बुरी तरह झुलस गए थे. उनके शरीर का करीब 63 से 65 प्रतिशत हिस्सा जल गया था। उसी दिन उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजने का फैसला लिया. फिलहाल मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है.

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह खबर बेहद चिंताजनक है. उन्होंने अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने और सभी जरूरी संसाधन लगाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता सभी यात्रियों को सुरक्षित ढूंढना है. राज्य सरकार पूरी गंभीरता से स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि रेस्क्यू टीम भेजी गई है. मौके पर जाकर देखा जाएगा कि कितने लोग सुरक्षित हैं. गांव के लोगों से प्राथमिक जानकारी मिली है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्री भी कुछ ही देर में घटना स्थल का दौरा करेंगे. जिला प्रशासन की खोज और बचाव टीम मौके पर पहुंच चुकी है और राहत-बचाव कार्य जारी है. हादसे की जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की टीम को रवाना किया जा रहा है. प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत जानकारी का इंतजार है.

एक निजी Beechcraft King Air C90 विमान (रजिस्ट्रेशन: VT-AJV) Ranchi के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से Delhi के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी. विमान ने रांची से दोपहर 1:41 बजे (UTC) यानी शाम 7:11 बजे (भारतीय समय) उड़ान भरी.  शाम 2:04 बजे (UTC) यानी 7:34 बजे (भारतीय समय) के आसपास अटाली नामक इलाके के पास विमान से संपर्क टूट गया. आखिरी बार विमान का संपर्क VEC कंट्रोल (VHF फ्रीक्वेंसी 132.25) से हुआ था. Varanasi एयर ट्रैफिक कंट्रोल से विमान ने कोई संपर्क नहीं किया. शाम 2:35 बजे (UTC) यानी 8:05 बजे (भारतीय समय) रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) को सक्रिय कर दिया गया, यानी खोज और बचाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.

कुछ देर में घटना स्थल का दौरा करेंगे स्वास्थ मंत्री
23.02.2026 को Redbird Airways Pvt Ltd का Beechcraft C90 विमान (रजिस्ट्रेशन VT-AJV), जो रांची से दिल्ली के लिए मेडिकल इवैक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) उड़ान पर था, झारखंड के Kasaria Panchayat, जिला Chatra district में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में दो क्रू मेंबर सहित कुल सात लोग सवार थे. विमान ने Ranchi से शाम 7:11 बजे (IST) उड़ान भरी. कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद, शाम 7:34 बजे (IST) लगभग वाराणसी से 100 नॉटिकल मील दक्षिण-पूर्व में विमान का कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया. जिला प्रशासन की खोज और बचाव टीम मौके पर पहुंच गई है. जांच के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की टीम रवाना की जा रही है.

झारखंड की राजधानी रांची से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है. बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाला एक निजी चार्टर एम्बुलेंस बीच हवा में रहस्यमयी तरीके से लापता हो गया है. विमान में एक गंभीर मरीज, मेडिकल टीम और पायलट समेत कुल पांच लोग सवार थे. रडार से संपर्क टूटने और निर्धारित समय पर दिल्ली न पहुंचने के बाद अब किसी बड़ी अनहोनी की आशंका गहरा गई है.

शाम 7 बजे शुरू हुआ सफर, 90 मिनट बाद मच गया हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार इस निजी चार्टर एम्बुलेंस ने सोमवार शाम 7:00 बजे रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए टेक-ऑफ किया था. इसे रात 8:30 बजे दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर लैंड करना था. लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद, जब विमान झारखंड के भौगोलिक रूप से दुर्गम इलाकों के ऊपर था. अचानक एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से इसका संपर्क टूट गया.

लातेहार और पलामू के बीच डार्क जोन में विमान
विमान की आखिरी लोकेशन लातेहार और पलामू के बीच स्थित घने जंगली और पहाड़ी इलाकों में बताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक उस समय इलाके में मौसम अचानक खराब हो गया था. तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही थी. अंदेशा जताया जा रहा है कि खराब दृश्यता या तकनीकी खराबी के कारण विमान अपना रास्ता भटक गया या फिर किसी हादसे का शिकार हो गया. लातेहार और पलामू का यह क्षेत्र बेहद घना जंगल है. जिससे सर्च ऑपरेशन में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

Ramswaroop Mantri

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