पवन कुमार (वाराणसी)
कोयला ट्रेन से आएगा।
ट्रेन आपकी नही, सरकार की है।
सरकार आपकी नही, वो तो …
देखा मेरी इत्ती सी बात से
आप कितने समझदार हो गए।
सबसे खतरनाक होता है
चिमनियों का धुआं बन्द हो जाना
किसी दूर दराज के गांव मे
जहां जमीन की कीमत
कुछ हजार रुपये एकड़ हो
आप चौगुने दाम पर खरीदते हैं।
इसलिए कि वह ऐसी माइंस के पास है
जो आपको सस्ते में एलॉट हुई है।
फिर उस पर कुछ हजार करोड़ के
कर्ज से लोहे कंक्रीट का स्ट्रक्चर खड़ा करते हैं।
नदी नालों से पानी इकट्ठा करते हैं।
एक चिमनी बनती है
आपरेट्स सिंक्रोनाइज होता है
और चिमनी से धुआं निकलता है।
बिजली बनने लगी है।
बीहड़, उजाड़
गॉडफ़ॉरसेकन विलेज में
आठ दस हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट
आपने बैंक का कर्ज लेकर किया है।
प्लांट खड़ा है
अपनी जेब से ट्रांसमिशन लाईन
बिछाकर ग्रिड से जोड़ देते हैं।
और फिर सीट से पुश्त टिकाकर
दुखियारी सताई गयी मां की तरह
इंतजार करते हैं-
“मेरी बिजली खरीदने वाले आएंगे!”
पर बिजली आपसे खरीदी नही जाती।
वो आपके कॉम्पटीटर से दोगुनी
कीमत पर ली जा रही है
तिगुनी कीमत पर बेची जा रही है।
बिजली के साथ दिक्कत ये है कि
आप उसे पाऊच में भरकर
सस्ते दाम में रिटेल दुकानों में
बेच नही सकते।
वो तो सरकार ही खरीदेगी
जो आपकी सरकार ही नही।
वो तो आपके
कम्पटीटर की सरकार है।
यदा कदा, नॉन पीक आवर्स में
सस्ते रेट पर थोड़ी बहुत बिजली बिक रही है।
कर्ज बढ़ रहा है
किस्तें पट नही रही।
इतने में आपकी खदान भी
आपसे वापस ले ली गयी।
इसलिए कि उसके आवंटन में
घोटाला था।
घोटाला तो फर्जी साबित होता है लेकिन
आपकी खदानों का फिर से ऑक्शन हो जाता है।
पास वाली आपकी खदान
किसी औऱ को मिल गयी
क्योकि वो अच्छी खदान है।
अच्छी खदान तो उसको मिलेगी
जिसकी सरकार है।
सरकार आपकी नही
वो तो कम्पटीटर की है।
लेकिन आपने भी हिम्मत करके
एक खदान ऊंची बोली देकर ले ली।
पर नई खदान आपके प्लांट से
800 किमी दूर है।
ये खदान पहले ही महंगी थी
ऊपर से ट्रान्सपोर्ट की कीमत।
बिजनेस प्रोजेक्शन चौपट हो चुका है।
कर्ज दो बार रिस्ट्रक्चर हो चुका है।
खर्च घटाने को आप अब
कोल इंडिया से लिंकेज लेते है।
पर भैया,
वो कोल इंडिया है।
याने इंडिया है।
सरकार है।
सरकार आपकी नही है।
वो तो …
हां आप समझ गए।
तो फाइनल समझदारी है कि
प्लांट बन्द कर दीजिए।
बैंकरप्सी घोषित कर दीजिए।
प्लांट पर कर्जदाता बैंक कब्जा कर लेगा।
भंगार के भाव बेच देगा।
आपका कर्ज खत्म हुआ
पिंड छूटा।
आप बची खुची छुपाई सम्पत्ति लेकर
विदेश भाग जाते हैं।
बैंक को भारी नुकसान होगा।
सरकार वो नुकसान टैक्सपेयर के
पैसे से भर देगी
कुछ नही भी भरेगी।
इधर आपका रेडीमेड प्लांट और खदान
आपके कम्पटीटर को मिल चुका है।
वह प्लांट फटाफट चालू करता है
सरकार भी बिजली खरीदने लगती है।
सरकार की मजबूरी है
कर्ज माफ करना
बन्द बीमार उद्योगों को शुरू कराना
क्योकि ऐसे बन्द प्लांट से
लाखों रोजगार जुड़े है
उस क्षेत्र का विकास जुड़ा है
भारतवर्ष का उत्कर्ष और
5 ट्रिलियन इकॉनमी जुड़ी है।
और सपनों की इस ऊँची उड़ान के लिए
सबसे खतरनाक होता है
चिमनियों का धुआं बन्द हो जाना।
(चेतना विकास मिशन)





