अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

चलो केशव

Share

चलो केशव तुम
फिर से रण क्षेत्र में
फिर से युद्ध करते हैं।
बनो फिर से
मेरे सारथी
फिर से अन्याय के विरुद्ध
हम लड़ते हैं।
आज भी है कौरव
घर-घर में
आओ फिर से मिलकर
उन सब का
विनाश करते हैं।
सखा बनो,बंधू बनो गुरु बनो
फिर से संग चलकर
आओ मिल सब
शत्रुओं का विनाश करते है।

राजीव डोगरा (युवा कवि और लेखक)
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें