इंदौर
भारतीय जनता पार्टी के विश्वजीत सिसौदिया इंदौर जनपद के नए अध्यक्ष चुने गए हैं। उन्होंने कांग्रेस की सरला नरेन्द्र सिंह मंडलोई को 3 मतों से पराजित किया। विश्वजीत को 14 वहीं सरला को 11 वोट मिले। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस के सुभाष चौधरी ने जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा के रामस्वरूप गेहलोद को सिर्फ एक वोट से हराया। उपाध्यक्ष के लिए 25 वोट डाले गए। इनमें से चौधरी को 13 और गेहलोद को 12 वोट मिले।

विश्वजीत सिसौदिया
इससे पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए बुधवार दोपहर 12:00 बजे तक नामांकन भरे गए। नाम वापसी के लिए 12:30 तक का समय था। इसके बाद 1:00 से 1:30 तक वोटिंग और 2:00 बजे बाद नतीजा आने की बात कही गई थी। भाजपा की ओर से मंत्री तुलसी सिलावट, जिला अध्यक्ष राजेश सोनकर, मधु वर्मा सहित ग्रामीण क्षेत्र के नेता कार्यकर्ता पहुंच गए थे।
इंदौर जनपद अध्यक्ष के लिए भाजपा की ओर से विश्वजीत सिसौदिया और कांग्रेस की ओर से सरला नरेंद्र सिंह मंडलोई नाम तय हुआ था। विश्वजीत सिसौदिया मंत्री तुलसी सिलावट के समर्थक हैं और सांवेर से हैं। जबकि सरला नरेंद्र सिंह मंडलोई पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू के समर्थक हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में पंच, सरपंच, जनपद और जिला पंचायत सदस्यों के निर्वाचित होने के बाद अब चारों जनपदों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद को लेकर प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। बुधवार को अप्रत्यक्ष प्रणाली से इन दोनों पदों के लिए महू व इंदौर जनपद में इनका निर्वाचन होगा जबकि 28 जुलाई को देपालपुर व सांवेर जनपद में निर्वाचन होगा। खास बात यह कि इसमें सांवेर जनपद में स्थिति पहले ही स्पष्ट हो चुकी है। इसमें भाजपा समर्थित रामकन्या चौहान निर्विरोध चुने जाने की स्थिति में है और सिर्फ घोषणा बाकी है। महू और देपालपुर में भी 25-25 वार्डों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी ज्यादा हैं। महू में भाजपा समर्थित सरदार पटेल व कांग्रेस समर्थित माया परमार का नाम अध्यक्ष पद के लिए है जबकि इंदौर जनपद को लेकर भाजपा और कांग्रेस में खासी टक्कर है।

निर्वाचन की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू
नगर निगम के 85 वार्डों में से 64 वार्डों पर भाजपा पार्षद जीतने के बाद अब जनपद और जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष को लेकर खींचतान मची है। दोनों पार्टियां एक-दूसरे के सदस्यों को तोड़ने में जुटी हैं जबकि निर्दलियों को लगभग साध लिया गया है। भाजपा ने चार-पांच दिन पहले अपने अधिकांश खासकर इंदौर जनपद के सदस्यों को बाडाबंदी के मद्देनजर सोमनाथ दर्शन को भेज दिया था जबकि कुछ हनुमंतिया गए थे और सभी के मोबाइल बंद हैं। दरअसल पूर्व नियोजित प्लान के तहत 27 जुलाई को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव होना है। इसके मद्देनजर पार्टी ने इन्हें 26 जुलाई को दोपहर तक लौटने को कहा था। इन सभी के लौटने के बाद ग्रामीण प्रभारी सुरेश आर्य, जिला अध्यक्ष डॉ. राजेश सोनकर व ग्रामीण क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं ने एक स्थान पर गुप्त बैठक की। इसमें आर्य ने चारों जनपदों के एक-एक अपने समर्थित सदस्य से वन टू वन मंत्रणा की। सूत्रों के मुताबिक लंबी चली बैठक के बाद भाजपा सांवेर, देपालपुर और महू जनपद में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद को लेकर आश्वस्त है लेकिन अभी संभावित नामों को लेकर गोपनीयता बनाकर रखी है। कांग्रेस ने भी इंदौर जनपद के अपने 12 सदस्यों को टूर पर भेजा था और उनके मोबाइल भी बंद हैं।
इंदौर जनपद में घमासान के साथ उहापोह की स्थिति
भाजपा का पूरा जोर अब इंदौर जनपद पर है। यह सीट इस बार सामान्य वर्ग से है। इस जनपद के 25 वार्डों में से दोनों पार्टियों के 12-12 समर्थित सदस्य हैं जबकि एक निर्दलीय है। दोनों ही पार्टिया निर्दलीय का समर्थन करने के अलावा एक-दूसरे के सदस्य को साधने में लगी है। भाजपा अगर इस जनपद में बहुमत हासिल कर लेती है तो इस बार चारों जनपदों में उसका कब्जा होगा जबकि कांग्रेस अगर इंदौर जनपद पर कब्जा कर लेती है तो एक जनपद उसके पास रहेगी। इस जनपद में सामान्य वर्ग से राजेंद्रसिंह (कांग्रेस), सुभाष चौधरी (कांग्रेस), रामस्वरूप गेहलोत (भाजपा) सहित कुछेक नाम संभावित अध्यक्ष पद के लिए हैं।
महू में भाजपा के पास बहुमत ज्यादा
महू जनपद के 25 वार्डों में भाजपा के पास 14 और कांग्रेस के पास 9 समर्थित सदस्य हैं जबकि दो निर्दलीय हैं। इस बार जनपद अध्यक्ष का पद एससी मुक्त के लिए आरक्षित है। इसके लिए भाजपा की ओर से सरदार मालवीय (वार्ड 17) व कांग्रेस की ओर से माया रमेश परमार (वार्ड 2) का नाम संभावित नामों में है लेकिन भाजपा के पास बहुमत ज्यादा है इसलिए अध्यक्ष भी उसी का चुना जाना तय है।
सांवेर में एसटी महिला की एक ही सीट होने से मजबूत भाजपा
सांवेर जनपद में भाजपा शुरू से ही मजबूत है। इस जनपद में अध्यक्ष पद एसटी महिला के लिए है। जनपद के 25 वार्डों में से भाजपा के 18 पर भाजपा समर्थित हैं। इनमें से एसटी महिला के लिए सिर्फ एक ही सीट (वार्ड 17) है जिस पर भाजपा समर्थित रामकन्या चौहान सदस्य है जिसके चलते वह निर्विरोध चुनी जाएगी। यहां उपाध्यक्ष पद में नामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
देपालपुर अध्यक्ष पद पर भी भाजपा भारी
देपालपुर जनपद अध्यक्ष पद इस बार सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। इस जनपद के 25 वार्डों में से 16 पर भाजपा व 8 वार्डों में कांग्रेस समर्थित व एक पर निर्दलीय है। जनपद में सामान्य महिला के 7 वार्ड हैं। इनमें वार्ड 5 में कौशल्याबाई तंवर, वार्ड 6 में अनिता ठाकुर व वार्ड 8 में कृष्णा पटेल, वार्ड 14 में योगिता नागर व वार्ड 16 में धन्नुबाई यादव हैं और ये पांचों ही भाजपा से जुड़ी हैं। वार्ड 11 भी सामान्य महिला वार्ड है जहां से कांग्रेस की सौदराबाई तंवर काबिज हुई है। वार्ड 13 सामान्य वार्ड है जिस पर निर्मला तंवर हैं। वह भी कांग्रेस से जुड़ी हैं। इसके अलावा 6 सामान्य वार्ड हैं जिनमें से चार वार्डों में सामान्य वर्ग की महिलाएं चुनाव जीती हैं। इनमें वार्ड में 3 रेखा चौधरी (कांग्रेस), वार्ड 17 में प्रेम बाई पटेल (भाजपा), वार्ड 22 में इंद्राबाई पंवार (भाजपा) व वार्ड 24 में सुशीला पंवार हैं। इस जनपद में भी भाजपा को बहुमत (16) है लेकिन सामान्य महिला वर्ग से दावेदार ज्यादा हैं इसलिए अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी में ही घमासान है। चूंकि भाजपा के पास ज्यादा बहुमत है इसलिए उसका ही अध्यक्ष बनना तय है लेकिन नाम को लेकर अभी गोपनीयता बरकरार है।





