अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

सामयिक…..संयुक्त किसान मोर्चे का “वादाखिलाफी दिवस

Share

सुसंस्कृति परिहार
30 जनवरी को देश ने सत्य अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर  उन्हें याद किया।उसके ठीक दूसरे ही दिन 31जनवरी को किसान मोर्चे ने सरकार की वादाखिलाफी के ख़िलाफ़  प्रदर्शन आयोजित किया है ।एक ऐसी सरकार जो अपने जन्म से लेकर लगातार आठ वर्षों से सिर्फ झूठ और हिंसा की वैशाखी पर टिकी है। गांधी के सिद्धांतों के बिल्कुल विपरीत ये सरकार अब आम जनता का विश्वास पूरी तरह को चुकी है। इसलिए सरकार के किसी वायदे का भरोसा नहीं किया जा रहा है।
इसीलिए याद कीजिए दिल्ली सीमाओं पर शुरू हुए आंदोलन के 378वें दिन जब संसद से तीनों काले कानून वापसी ले लिए गए और भारत सरकार का अधिकृत पत्र मिला तभी आंदोलन स्थगित किया गया। ख़त्म नहीं।यह वापसी 11दिसंबर से शुरू हो पाई। । लेकिन मोर्चे ने अन्य मांगे जिनको शीध्र मानने की सरकार ने हामी भरी थी, यह भी निर्णय लिया उनको यदि पूरा नहीं किया गया तो 15 जनवरी को दिल्ली में संयुक्त किसान मोर्चा की समीक्षा बैठक होगी। मोर्चे ने 15जनवरी को सिंघु बार्डर पर समीक्षा बैठक की और यह पाया कि सरकार ने अपनी आदतानुसार किसानों की अन्य मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया।थोड़ी बहुत जो मदद हरियाणा में हुई है उसका चुनाव में राजनैतिक लाभ लेने की वजह है। उसमें भी चींन्ह चीन्ह कर रेवड़ियां बांटी गई है। इसलिए 31जनवरी को वादाखिलाफी दिवस मनाने का फैसला लिया गया है। किसानों की कई समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। संयुक्त किसान मोर्चे ने शनिवार को एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकारों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। मोर्चे ने  ऐलान किया कि आगामी 31 जनवरी को 2022 को देशभर के किसान वादाखिलाफी दिवस के रूप में मनाए जाएंगे। इस दौरान जगह-जगह पर पीएम नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए जाएंगे। मोर्च ने कहा कि किसानों से किए गए वादों के अनुसार किसानों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस नहीं लेने और मुआवजा देने के लिए राज्य सरकारों ने अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया है।एमएसपी पर अब तक कोई कमेटी नहीं बनाई है, किसान संगठनों से भी कोई संपर्क नहीं किया गया है। इसके साथ ही किसान मोर्चा ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने को लेकर भी गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि किसानों का दूसरा बड़ा मुद्दा लखीमपुर खीरी था, इस पर भी अब तक कुछ नहीं हुआ, जबकि अब तो एसआईटी ने भी इसे साजिश के तहत कृत्य करार दे दिया है। इसके बाद भी सरकार अजय मिश्रा टेनी को बचाने में लगी है। किसान मोर्चा ने ऐलान किया कि 21 जनवरी से किसान साथी लखीमपुर खीरी जाएंगे और सरकार पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाएंगे।इन मांगों को लेकर किसानों में आक्रोश है।इसके बाद भी अगर सरकार बातचीत नहीं करती है तो और अड़ियल रवैया अख्तियार कर बैठी रहती है तो 1 फरवरी से मिशन यूपी शुरू किया जाएगा। 23-24 फरवरी को मजदूर संगठनों के साथ भारत बंद का समर्थन  किसान मोर्चा भी डटकर करेगा।
इस दौरान किसान मोर्चे ने यह बात भी खुले तौर पर बताई है कि पंजाब में  विधानसभा चुनाव 2022 लड़ने वाले 20 से अधिक किसान संगठनों को 4 महीने के लिए बाहर कर दिया गया है।गौरतलब है कि संयुक्त किसान मोर्चा ने शुरुआत से ही ऐलान कर रखा था कि वह पूरी तरह से गैर राजनीतिक संगठन है, लेकिन प्रदर्शन समाप्त होते ही मोर्चा में शामिल कई संगठनों ने पंजाब में चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने तो सबसे पहले अपनी अलग पार्टी बनाकर पंजाब विधानसभा चुनाव में ताल ठोंक दी है। इसी तरह मोर्चा में शामिल पंजाब की 22 किसान जत्थेबंदियों ने भी अलग मोर्चा बनाकर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और मोर्चा के अहम सदस्य बलबीर सिंह राजेवाल को मुख्यमंत्री का चेहरा भी घोषित कर रखा है।
कुल मिलाकर पंजाब की इस खबर के बावजूद लगभग एक दर्जन किसान संगठन मोर्चे के साथ है।चार माह बाद चुनाव लड़ने वालों का कितना और कैसा साथ मिलेगा इसका उत्तर अभी अधर में हैं।इसके बाद भी देश के किसानों में सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध काफी रोष है। राज्यों के चुनाव में अभी तक जो ख़बरें आ रही हैं उनके मुताबिक भाजपा किसानों की वोट पूरी तरह खो रही है। संभावना बनती है कि इन दिनों किसानों की मांगों पर कोई उचित कार्रवाई हो ताकि चुनावी चुनौती से मुकाबला हो सके। किसानों की गतिविधियों से सरकार भयातुर भी है।यदि सरकार वादाखिलाफी की दिशा में उचित कदम नहीं ले पाती है तो आंदोलन थमने वाला नहीं। सरकार का दूसरा दमन चक्र शुरू हो सकता है जबकि किसान पीछे हटने वाले नहीं उनके तेवर सरकार देख चुकी है।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें