अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

*मंदिरों में कारपोरेट का प्रवेश खतरनाक है!*

Share

ईसाईयत के प्रति नरमी और सउदी अरब की यात्रा के खास मायने!

-सुसंस्कृति परिहार 

यह बात अब किसी से छुपी नहीं है कि संघ के एजेंडे के तहत काम कर रही मोदी सरकार इन मुसलमान ईसाई  जैसी दो कौमों के प्रति कितना घृणित रवैया रखती है। मुख में राम बगल में छुरी रखने वाली ये सरकार अब जैन और सिख अल्पसंख्यकों की संपदा पर भी नज़रें लगाए हुए है। क्योंकि क़र्ज़ में डूबी भाजपा सरकार अमेरिकी टेरिफ से बचने इस लूट की बड़ी योजना बना चुकी हैं। हिंदुओं के मंदिरों पर भी उनकी टकटकी लगी हुई है। उनका नंबर भी जल्द आएगा। मंदिरों में जिस तरह कारपोरेट प्रवेश कर रहा है वह खतरनाक है।

इसकी पहल सरकार ने वक्फ़ बोर्ड बिल पास कराके घुसपैठ कर उनको लूटने वाली थी लेकिन सुको के रवैए से भारत सरकार ख़फ़ा है। फिलहाल उस बिल पर उसने अभी सिर्फ चंद दिनों की रोक लगा दी है। अगली सुनवाई पांच मई को होनी है। लेकिन भाजपा में सनसनी फैली हुई है।

दूसरी ओर ईसाई संस्थानों पर छेड़छाड़ भी अभी स्थगित है क्योंकि अमरीका की धौंस और अमेरिकी उपराष्ट्रपति को यह दिखावा किया जा रहा है वे ईसाई धर्म के प्रति कितने संवेदनशील है।यह संभवतः पहली बार हुआ है कि गुड फ्राईडे और  पाम संडे पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अपनी शुभकामनाएं दीं।अब तक केवल प्रधानमंत्री क्रिसमस डे पर ही इस समाज को शुभकामनाएं देते रहे हैं। ताज्जुब की बात है कि भाजपा के मुख्यमंत्रियों ने इस तरह का रुख नहीं अपनाया। इधर पोप फ्रांसिस के निधन पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी अमेरिकी उपराष्ट्रपति को रिझाने शिद्दत से की गई। ताकि डोनाल्ड ट्रम्प तक देश के लोकतांत्रिक शासन और धर्मनिरपेक्षता की बात सीधे पहुंचे।जबकि अमेरिका भारत की तमाम झूठी हरकतों का कच्चा चिट्ठा अपने पास रखे हुए है और उसी के चलते भारत के साथ मनमानी कर रहा है।

जहां तक मोदीजी की सऊदी अरब की दौड़ का सवाल है तो सूत्र बताते हैं कि हमारे पीएम साहिब की यह क्रोमोलाजी है कि जब जब वे भारत में मुसलमानों के खिलाफ कोई काम करते हैं तो जानबूझ मुस्लिम देश जाते हैं ताकि दुनिया और देश के मुसलमानों को भ्रमित किया जा सके। याद कीजिए धारा 370 की कुछ धाराएं हटाने के बाद मोदी जी ने अरब देशों का दौरा किया। इसी तरह तलाक बिल पास करने के बाद मोदी जी ने अरब देशों का दौरा किया।सीएए के बाद भी मोदी जी ने ऐसा ही किया।अरब देशों का दौरा किया।हां,बाबरी मस्जिद पर फैसला आने के बादभी मोदी जी ने अरब देशों का दौरा किया।और ताज़ा मामला वक्फ बिल पास करने के बाद मोदी जी फिर अरब देश का दौरा कर रहे हैं।

हालांकि वक्फ बोर्ड की तमाम सम्पत्तियों  का डिजिटलीकरण 2020 में मोदी सरकार कर चुकी है। उसके पास तमाम जानकारियां हैं फिर इस बिल के ज़रिए बकौल आप सांसद संजय सिंह वह देश में फसाद कराना चाहती है।  दुनिया को सब चंगा सी दिखाने अरब देश में मुलाकात की मुस्कराती फोटो मोदी मीडिया दिखाकर उन सीधे सच्चे लोगों के साथ छल करती है जिसे वे नहीं समझ पाते।

 किंतु लगता है ,इस बार ये सम्मोहन टूटेगा।उनकी कथनी करनी का फ़र्क समझा जाएगा। लटके झटके काम ना आएंगे। सब धरा रह जाएगा जब सर्वोच्च न्यायालय सिर्फ संविधान की सुनेगा। ऐरे गैरेज नत्थू खैरे की नहीं। बहुत दिनों बाद सुको से आ रही ताज़ा हवा ये दिलासा दिलाती है। उम्मीद है 2025 परिवर्तन वर्ष बनेगा तथा झूठों का तिलिस्म टूटेगा।

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें