देशभर में चर्चित मूवी ‘द केरला स्टोरी’ को लेकर रविवार को इंदौर में भी विवाद खड़ा हो गया। दरअसल इस फिल्म के लेखक रविवार को इंदौर आए थे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले सिंह को सुनने के लिए देवी अहिल्या विवि के तक्षशिलाा परिसर स्थित स्कूल ऑफ कम्प्यूटर साइंस के सभागार में स्टूडेंट इकट्ठा हुए थे। लेकिन रविवार को आयोजन शुरू होने के ठीक पहले कुलपति ने कार्यक्रम की अनुमति निरस्त कर दी। कहा हमें विवाद होने का डर था। अब अभाविप ने आंदोलन की धमकी दी है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विद्यार्थी मंथन प्रोग्राम में रविवार सुबह फिल्म द केरला स्टोरी के लेखक सूर्यपाल सिंह स्टूडेंट्स से रूबरू होने वाले थे। लेकिन कार्यक्रम शुरू होने तक डिपार्टमेंट का ताला ही नहीं खोला गया। कुलपति डॉ.रेणु जैन से अभाविप पदाधिकारियों ने संपर्क किया तो पता चला कि प्रोग्राम की अनुमति निरस्त कर दी गई है। सुबह 10.30 बजे से प्रोग्राम शुरू होने वाला था और उसके बाद तक अनुमति के लिए प्रयास होते रहे। सुरक्षा की दृष्टि से भंवरकुआं थाने का पुलिसबल भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गया था। हालांकि सूर्यपालसिंह ने स्टूडेंट से कैंटीन में अनौपचारिक चर्चा की।

अभाविप के इंदौर महानगर मंत्री सार्थक जैन ने आरोप लगाया कि कुलपति ने राजनीतिक वजहों से कार्यक्रम पर रोक लगाई। जबकि द केरला स्टोरी को दिखाने के एमपी में टैक्स फ्री किया गया है। यह जागरुक करने वाली फिल्म है। वैसे हम यहां इस फिल्म के लेखक को सुनने आए थे।
अभाविप के इंदौर महानगर मंत्री सार्थक जैन का कहना है कि कुलपति को पूर्व में ही सूचित कर दिया था। लेखक सूर्यपाल सिंह डीएवीवी के स्टूडेंट्स रहे हैं। उन्हें सुनने के लिए अलग-अलग कॉलेज से स्टूडेंट्स यहां आए थे। कुलपति ने राजनीतिक दबाव में आकर या किस वजह से उन्होंने परमिशन निरस्त की है ये तो वे ही बता सकती हैं। अब स्टूडेंट्स के साथ विवि प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।
जानिए क्यों निरस्त की गई परमिशन
परमिशन निरस्त करने के पीछे कुलपति डॉ.रेणु जैन ने अभाविप पदाधिकारियों को बताया कि एनएसयूआई ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री दिखाने की बात कही थी इसलिए उन्होंने परमिशन निरस्त की। इसके जवाब में अभाविप पदाधिकारियों ने कहा कि जो डॉक्यूमेंट्री प्रतिबंधित है वो एनएसयूआई कैसे दिखा सकती है। काफी देर तक कुलपति और अभाविप पदाधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई।

कुलपति डॉ.रेणु जैन। कुलपति ने कहा कि वे वे एक-दो दिन में ही बड़ा प्रोग्राम सूर्यपाल सिंह का प्लान करेंगी। हालांकि उन्हें
मामले को लेकर जब दैनिक भास्कर ने कुलपति डॉ.रेणु जैन से बात की और परमिशन निरस्त करने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा कि “परमिशन हमने पहले दी थी। फिर कुछ और कारण थे, जिसकी वजह से हमें लगा कि यदि प्रोग्राम हुआ तो आंदोलन हो जाएगा, कुछ परेशानी होगी। इसलिए हमने परमिशन निरस्त कर दी थी लेकिन फिर जब दोबारा सब से बातचीत हुई तो परमिशन दे दी थी मगर तब तक देर हो चुकी थी। ऐसे में इन लोगों ने प्रोग्राम तो किया पर दूसरी जगह पर किया। एनएसयूआई बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री दिखाती, वो लोग यहां आते, ऐसे में कैंपस की शांति भंग होती इसलिए हमने परमिशन निरस्त की थी।”

इंडियन कॉफी हाउस में स्टूडेंट्स से मुलाकात के दौरान दाएं से दूसरे नंबर पर कुर्ते में लेखक सूर्यपाल सिंह।
कैंटीन में हुई स्टूडेंट्स से लेखक की मुलाकात
अभाविप पदाधिकारियों ने प्रोग्राम की परमिशन निरस्त होने के बाद कैंपस में मौजूद इंडियन कॉफी हाउस की पहली मंजिल पर सूर्यपाल सिंह की स्टूडेंट्स से मुलाकात करवाई। इस दौरान सूर्यपाल सिंह ने अपने अनुभव स्टूडेंट्स के साथ बांटे और कुछ छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। इस मौके पर अभाविप के घनश्याम चौहान, सचिन शर्मा, लक्की आदिवाल आदि पदाधिकारी भी मौजूद थे। यहां से सूर्यपाल सिंह के रवाना होने के बाद कुलपति डॉ.रेणु जैन यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंची थी, जहां अभाविप पदाधिकारी और उनके बीच परमिशन निरस्त करने को लेकर तीखी बहस भी हुई। कुलपति ने कहा कि वे एक-दो दिन में ही बड़ा प्रोग्राम सूर्यपाल सिंह का प्लान करेगी, इस पर अभाविप पदाधिकारियों ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रशासन स्वतंत्र है, उसे जो करना है वो करे लेकिन किसी के दबाव में आकर उनके प्रोग्राम की परमिशन क्यों निरस्त की गई।

स्टूडेंट्स ने कैंटीन में बैठकर द केरला स्टोरी के लेखक और देवी अहिल्या विवि के स्टूडेंट सूर्यपालसिंह को सुना।





