अग्नि आलोक
script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

दिल की गहराई

Share

दिल की गहराइयों में
तुम्हें छुपा रखा,
अपने चेहरे की मुस्कराहट में
तुमको जमा रखा है।
सोचता हूं
तुमको भूल जाऊं,
मगर प्रकृति के कण-कण में
फैली खुशबू में
तुमको समा रखा है।
सोचता हूं
तुमको छोड़ दूं,
मगर अंतर्मन की
बिखरी सिमटी गहरी यादों में
तुमको छुपा रखा है।
सोचता हूं
मैं काफ़िर हो जाऊं,
मगर तेरी यादों की गहराई ने
आज भी मुझे
आशिक बनाए रखा।

राजीव डोगरा ‘विमल’
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा
पिन कोड 176029
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
9876777233
rajivdogra1@gmail.com

Ramswaroop Mantri

Recent posts

script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1446391598414083" crossorigin="anonymous">

प्रमुख खबरें

चर्चित खबरें