*सत्यम श्रीवास्तव
क्या डॉ हर्षवर्धन की कुर्सी मीडिया जगत से जुड़ी महिला नेत्री मनोरंजना सिंह के कारण चली गई?*जानकारों की माने तो कई घाटों का पानी पी चुकी मनोरंजना सिंह कभी पूर्वोत्तर राज्य में न्यूज़ चैनल चलाती थी। यह चैनल भी राजा मतंग सिंह के कारण खड़ा हुआ था। चेहरे मोहरे की सरताज मनोरंजना सिंह तलाकशुदा महिला है।*
*बताया जाता है स्वास्थ्य मंत्रालय मे उन्हीं की तूती बोलती थी। आलम यहां तक था कि कई बार तो डॉ हर्षवर्धन से मिलने से पहले मैडम मनोरंजना सिंह की गणेश परिक्रमा करना पड़ती थी। स्वास्थ्य मंत्रालय में कौन कर्मी काम करेगा? कौन नहीं करेगा? यह भी मनोरंजना सिंह ही तय करती थी।*
*उनके चक्कर में ना जाने कितने लोग स्वास्थ्य मंत्रालय से भगाए गए इनकी गिनती करना महाभारत लिखने के समान है।*
*जैसे ही भारत में कोरोना वायरस ने दस्तक दी डॉ हर्षवर्धन के पीछे खड़ी मीडिया नेत्री ने पूरे मंत्रालय की कमान पर्दे के पीछे से अपने हाथ में ले ली। बड़ी-बड़ी स्वास्थ्य कंपनियों के सप्लायर एवं मालिक स्वास्थ्य मंत्रालय में मैडम मनोरंजना सिंह के आने का और उनसे मिलने का इंतजार घंटों किया करते थे। स्वास्थ मंत्रालय में वही होता था जो मनोरंजना सिंह चाहती थी।*
*स्वास्थ मंत्रालय का आलम यह था स्वास्थ्य मन्त्री डॉक्टर हर्षवर्धन चाहे कभी भी मंत्रालय मे आकर बैठ जाएं,लेकिन लोग मनोरंजना सिंह के आने का इन्तजार करते रहते थे।जब सुश्री मनोरंजना सिंह मंत्रालय मे पहुंच जाती थीँ तब मंत्रालय मे कामकाज शुरु होता था।*
*डॉक्टर हर्षवर्धन स्वास्थ्य मंत्री होते हुए भी कभी सब्जी काटते हुए नजर आते थे, कभी प्रेस ब्रीफिंग करते हुए। स्वास्थ्य मंत्रालय की स्थिति ऐसी थी जैसे उसे हाईजैक कर लिया गया हो। धीरे धीरे चंद गज दूरी पर रह रहे प्रधानमंत्री के कानों में स्वास्थ्य मंत्रालय में चल रही कारगुजारियों की भनक गूंजने लगी और स्वास्थ्य मंत्रालय का अधिकांश काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने लगे।*
*जब देश में कोरोना वायरस जैसी महामारी फैली हुई थी उस समय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन को हटाना मतलब गलत संदेश जाना था, इसलिए कुछ दिनों के लिए प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य मंत्रालय का सारा काम पीएमओ की देखरेख में कराना शुरू कर दिया और जब मंत्रिमंडल का विस्तार तय हुआ तो डॉक्टर हर्षवर्धन का स्वास्थ्य मंत्री पद से इस्तीफा लेकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया और स्वास्थ्य मन्त्री की कुर्सी पर मनसुख मन्डाविया की ताज पोशी कर प्रधानमन्त्री ने भी चैन की सांस ली,सुश्री मनोरंजना सिंह अब केवल मनोरंजन ही बन कर रह गई।*
*डॉक्टर हर्षवर्धन खाली हो गए हैं। संगठन में उन्हें कहीं रख दिया जाएगा अब वह चाहे सब्जी कांटे, चाहे खरीदें उसके लिए स्वतंत्र हैं।*
*डॉक्टर हर्षवर्धन का कार्यकाल स्वास्थ्य मंत्री के रूप में केवल कोराना वायरस में हुई मौतों के रूप में हमेशा काले चिट्ठे की तरह याद किया जाएगा। उनके समय मे बाबा रामदेव और आई एम ए (इंडियन मेडिकल एसोसिएसन) के डॉक्टरों मे जो जंग छिड़ी वह भी उन्हीं के खाते में जाएगी।*
*सबसे मजे की बात यह है जिन मंत्रियों का भी मंत्री पद से त्यागपत्र हुआ, वहां कार्यरत मंत्रालय के कर्मी दुखी नजर आए। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के इस्तीफे की खबर आते ही स्वास्थ्य मंत्रालय के कर्मचारी खुशी से झूमने लगे और मिठाइयां बांटी जाने लगी, क्योंकि डॉक्टर हर्षवर्धन के मंत्री पद से इस्तीफा देने का मतलब स्वास्थ्य मंत्रालय को मनोरंजना सिंह के चंगुल से मुक्ति मिल जाना भी था, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय में जश्न का माहौल था।*
*यह जश्न डॉ हर्षवर्धन की विदाई का था या मीडिया नेत्री मनोरंजना सिंह की हमेशा के लिए छुट्टी हो जाने का, इसका अंदाजा पाठक गण स्वयं लगाएं।*
*सत्यम श्रीवास्तव*





