नई दिल्ली/भोपाल. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य और केंद्र सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कोरोना के जानलेवा काल में खुद दवाओं और उपकरणों की कालाबाजारी कराई. राज्य और केंद्र में जमकर भ्रष्टाचार हुआ. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह नई दिल्ली में News 18 से खास बातचीत कर रहे थे.
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने कहा कि आगाह करने के बाद भी सरकार ने कोरोना से निपटने की तैयारी नहीं की. विपक्ष के नाते इंजेक्शन, ऑक्सीजन की संभावित कमी के बारे में सरकार को पहले ही चेता दिया था. लॉकडाउन के बाद कोरोना मरीजों की कमी होना स्वभाविक है और दूसरा टेस्ट कितने हो रहे हैं यह भी निर्भर करता है.
SDM ने डॉक्टरों को टेस्ट करने से मना किया- सिंह
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक और बड़ा आरोप लगाया कि शिवपुरी जिले के एक अस्पताल में खुद SDM ने डॉक्टरों को टेस्ट नहीं करने के लिए कहा था. उन्होंने दोहराया कि कोरोना से निपटने के लिए मध्य प्रदेश सरकार को जो तैयारी करनी चाहिए थी, वो नहीं की गई. राज्य में कालाबाजारी हुई,ऑक्सीजन की कालाबाजारी हुई. सितंबर 2020 में ही राज्यसभा में बताया दिया था कि ऑक्सीजन की कमी है, ध्यान देने की जरूरत है. इसके बाद भी केंद्र और राज्य सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया था. रेमडेसिविर इंजेक्शन निर्यात कर रहे थे, एक्सपोर्ट बंद कराने की सलाह दी थी.जबलपुर सांसद के करीबी ने लगाए नकली इंजेक्शन
मध्य प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि जबलपुर सांसद के नजदीकी VHP पदाधिकारी गुजरात से नकली इंजेक्शन लाए और रेमडेसिविर को 30 से 50 हजार में बेचा. नकली इंजेक्शन की वजह से कई की मौत भी हुई है. उस व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है. इस वजह से NSA की कार्रवाई तक नहीं हुई और मोबाइल फोन भी जब्त नहीं हुआ. सरकार ही उस व्यक्ति को बचाने में लगी है. मध्य प्रदेश में कालाबाजारी करने वाले ज्यादातर लोग भाजपा के हैं.
पीएम मोदी ने अपने लोगों को खरीदवाए वेंटिलेटर- सिंह
दिग्विजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री बताएं देश मे वेंटिलेटर चलाने वाले कितने लोग प्रशिक्षित हैं. देश में बहुत कम लोग ही वेंटिलेटर चलाना जानते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाते हुए कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने लोगों को बहुत बड़ी संख्या में वेंटिलेटर खरीदवाए हैं, पीएम केअर फण्ड में भ्रष्टाचार हुआ है, मगर इस बारे में सवाल नही पूछ सकते. एक लाख के वेंटिलेटर को 6 से साढ़े छह लाख में खरीदा गया है.
मंत्रियों के पास कोई अधिकार नहीं- सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि ब्लैक फंगस के बारे में भी समय से सरकार को चेताया था. इसमें इंजेक्शन की कमी होगी, इसके बारे विचार करें. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर सीधा हमला करते हुए कहा कि घोषणावीर ने अक्टूबर में ऑक्सीजन प्लांट बुधनी में लगाने का ऐलान किया था, आज तक बाउंड्री वॉल तक नहीं बनी है. उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्रियों की सुन कौन रहा है, सरकार तो सिर्फ मुख्यमंत्री ही चला रहे हैं. मंत्री के पास क्या अधिकार है पूछ लें. वर्चुअल बैठक में आदेश दिए जाते हैं, मगर पालन कोई नहीं करता है.




