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गुजरात में तूफान से पहले भूकंप:बिपरजॉय कल तट से टकराएगा, भारी बारिश का अलर्ट

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पोरबंदर/द्वारका/कच्छ

अरब सागर में उठे तूफान बिपरजॉय के गुजरात से टकराने में सिर्फ एक दिन बाकी है। साइक्लोन के खतरे के बीच बुधवार शाम कच्छ में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप 3.5 तीव्रता का था।

तूफान 15 जून की शाम तक यह कच्छ जिले के जखौ पोर्ट से टकराएगा। इस दौरान 150 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके चलते बुधवार को गुजरात और मुंबई के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। 

अब तक 9 की मौत, कच्छ-सौराष्ट्र में बारिश का रेड अलर्ट्र में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

इधर, गृह मंत्री अमित शाह ने तूफान की वजह से तेलंगाना दौरा रद्द कर दिया है। 15 जून को खम्मम में वे रैली करने वाले थे। शाह तूफान से जुड़ी व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करेंगे।

मुंबई के मरीन ड्राइव पर हाई टाइड की वजह से ऊंची लहरें उठ रही हैं।

मुंबई के मरीन ड्राइव पर हाई टाइड की वजह से ऊंची लहरें उठ रही हैं।

कच्छ के बंदरगाह में खड़ीं नावें। मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में जाने की अनुमति नहीं है।

कच्छ के बंदरगाह में खड़ीं नावें। मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में जाने की अनुमति नहीं है।

गुजरात के द्वारका से 290 किमी दूर है तूफान
मौसम विभाग के बुधवार दोपहर 12 बजे के अपडेट के मुताबिक, तूफान 8 किमी/घंटे की रफ्तार से नॉर्थ-वेस्ट में आगे बढ़ रहा है। तूफान बुधवार सुबह 8:30 बजे द्वारका से 290 किमी और जखौ पोर्ट से 280 किमी दूर था। यह गुरुवार की शाम तक गुजरात के तट पर जखौ पोर्ट से टकराएगा।

परंपरा के अनुसार सोमनाथ के द्वारकाधीश मंदिर के मुख्य शिखर पर 5 बार ध्वज बदला जाता है, लेकिन मंगलवार से यहां ध्वज नहीं फहराया गया है। इसके नीचे दो ध्वज फहराए गए हैं। दरअसल, दो ध्वज एक साथ फहराने के पीछे एक मान्यता है। कहा जाता है कि इससे आपदा टल जाती है।

अब मंदिर प्रशासन ने तय किया है कि 17 जून तक मुख्य शिखर पर नया ध्वज नहीं लगाया जाएगा। मंदिर के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है। मंदिर के शिखर की ऊंचाई 150 फीट है। तूफान को देखते हुए 15 जून को मंदिर बंद रहेगा।

मांडवी के स्वामीनारायण मंदिर में 5000 फूड पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें आसपास के तूफान प्रभावित इलाकों में बांटा जाएगा।

मांडवी के स्वामीनारायण मंदिर में 5000 फूड पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें आसपास के तूफान प्रभावित इलाकों में बांटा जाएगा।

गृह मंत्री शाह ने मंगलवार को की थी आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों के साथ बैठक
उधर, अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्रियों के साथ बैठक की थी। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, दो केंद्रीय मंत्री, गुजरात सरकार के कई मंत्री भी शामिल हुए।

बैठक में शाह ने बिपरजॉय तूफान से निपटने को आपदा प्रबंधन के लिए 8000 करोड़ रुपए की 3 बड़ी स्कीमों की घोषणा की। इसमें फायर ब्रिगेड का आधुनिकीकरण, बाढ़ नियंत्रण और लैंडस्लाइड की घटनाओं पर रोकथाम शामिल है।

अमरेली पुलिस ने गुजरात के जाफराबाद में शियालबेट गांव में लोगों को सब्जी और दूध जैसे जरूरी सामान पहुंचाए।

अमरेली पुलिस ने गुजरात के जाफराबाद में शियालबेट गांव में लोगों को सब्जी और दूध जैसे जरूरी सामान पहुंचाए।

कच्छ के मांडवी बीच पर तैनात NDRF दल के सदस्य।

कच्छ के मांडवी बीच पर तैनात NDRF दल के सदस्य।

गुजरात में रेड अलर्ट जारी…

  • IMD के डीजी मृत्युंजय महापात्र ने कहा- तूफान के तट के पास पहुंचने से हवा की स्पीड 150KM प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इससे पेड़, टेलीफोन और बिजली के खंभे गिर सकते हैं।
  • गुजरात के द्वारका तट से ISG ALH ध्रुव हेलिकॉप्टर्स ने 50 लोगों को निकाला।
  • मछुआरों को 16 जून तक समुद्र में ना जाने को कहा गया है। गुजरात में बुधवार से रेड अलर्ट जारी किया गया है।
  • IMD के डायरेक्टर जनरल डॉ. मृत्युंजय मोहपात्रा ने बताया था- पोरबंदर, द्वारका से लेकर कच्छ तक हवा की रफ्तार बढ़ रही है। 14 जून को 65-75 KMPH की रफ्तार से हवा चलेगी।
  • वहीं, 15 जून को द्वारका, जामनगर, कच्छ और मोरबी जिलों में हवा 125-135 KMPH की रफ्तार से चलेगी।
गुजरात के जूनागढ़ से लोगों को शेल्टर होम ले जाते समय की तस्वीर।

गुजरात के जूनागढ़ से लोगों को शेल्टर होम ले जाते समय की तस्वीर।

तूफान के चलते ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठकर कच्छ से रेस्क्यू कैंप की तरफ जाते लोग।

तूफान के चलते ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठकर कच्छ से रेस्क्यू कैंप की तरफ जाते लोग।

BSF जवानों ने कच्छ के तटीय इलाकों के कुछ लोगों को अपने बॉर्डर आउटपोस्ट में ठहरने की जगह दी।

BSF जवानों ने कच्छ के तटीय इलाकों के कुछ लोगों को अपने बॉर्डर आउटपोस्ट में ठहरने की जगह दी।

25 साल में जून में गुजरात से टकराने वाला पहला तूफान
बिपरजॉय पिछले 25 साल में जून महीने में गुजरात के तट से टकराने वाला पहला तूफान होगा। इससे पहले 9 जून 1998 को एक तूफान गुजरात के तट से टकराया था। तब पोरबंदर के पास 166 KMPH की रफ्तार से हवा चली थी।

बीते 58 साल की बात करें तो 1965 से 2022 के बीच अरब सागर के ऊपर से 13 चक्रवात उठे। इनमें से दो गुजरात के तट से टकराए। एक महाराष्ट्र, एक पाकिस्तान, तीन ओमान-यमन और छह समुद्र के ऊपर कमजोर पड़ गए।

गुजरात के द्वारका में समुद्र किनारे एक मंदिर तक उठती लहरें।

गुजरात के द्वारका में समुद्र किनारे एक मंदिर तक उठती लहरें।

गुजरात और महाराष्ट्र में अब तक नौ लोगों की मौत
तूफान के चलते गुजरात और महाराष्ट्र में नौ मौतों की जानकारी सामने आई है। इनमें से सात मौतें सोमवार को हुई, जिनमें दो बच्चे भुज के थे, जिन पर दीवार गिर गई। वहीं, राजकोट में अपने पति के साथ स्कूटर पर बैठकर जा रही महिला पर पेड़ गिर गया। बाकी चार मौतें मुंबई के जुहू बीच पर हुईं, जहां घूमने गए पांच में से चार लड़के समुद्र में डूब गए थे। मंगलवार को इनके शव बरामद हुए।

इसके अलावा दो नई मौतें मंगलवार को गुजरात में हुईं। मोरबी जिले में फैक्ट्री में काम करने के दौरान मध्यप्रदेश की एक महिला पर चिमनी गिर गई। वहीं, पोरबंदर में एक जर्जर इमारत गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई।

वीडियो गुजरात के द्वारका के गोमती घाट का है, जहां कई फीट ऊंची लहरें किनारे से टकरा रही हैं।

वीडियो गुजरात के द्वारका के गोमती घाट का है, जहां कई फीट ऊंची लहरें किनारे से टकरा रही हैं।

मांडवी बीच पर तेज हवाएं चल रही हैं। इस दौरान बीच से गुजरता एक शख्स।

मांडवी बीच पर तेज हवाएं चल रही हैं। इस दौरान बीच से गुजरता एक शख्स।

Ramswaroop Mantri

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