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सरपंचों का वित्तीय घोटाला:हजारों रुपए की काजू कतली खा गए, कागज पर कर्मचारी रखकर वेतन हड़प गए, फर्जी दुकानों के लगाए बिल

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इंदाैर

सांवेर तहसील की चार पंचायतों में वित्तीय घोटाला सामने आया है। सरपंचों ने पंचायतों को विकास के लिए मिली राशि से हजारों रुपए की मावा बर्फी, काजू कतली खरीद ली। निर्माण सामग्री खरीदी के लिए परिजन की फर्म के बिल लगा दिए। कुछ जगह तो दुकान ही नहीं मिली। कुछ भृत्य, कर्मचारी नौकरी पर बता दिए और इनका वेतन निकाल लिया।

प्रशासन ने ग्राम पंचायत मुरादपुरा के सरपंच हरी परमार, पुवार्डाहप्पा के सिकंदर पटेल, कांकरियाबोर्डिया के कृष्णा गोपाल पांचाल एवं जिंदाखेड़ा की रिंकू राठौर व सचिव रामप्रसाद राठौर पर धारा 120 बी, 406, 407 420 के तहत केस दर्ज कराया है।

सामग्री खरीदी में जीएसटी के नाम पर भी किया गबन

1. ग्राम पंचायत मुरादपुरा- एक बार 10, दूसरी बार 15 व तीसरी बार 20 हजार की मावा बर्फी तथा एक बार 16 हजार की काजू कतली खरीदी। 164 किलो मिठाई राष्ट्रीय पर्व के नाम अलग-अलग समय कच्चे बिलों पर खरीदी। अन्य खरीदी में टेंडर नहीं किए।
2. ग्राम पंचायत पुवार्डाहप्पा- सरपंच सिकंदर पटेल और उनके परिजन द्वारा संचालित दुकानों से खरीदी की। भृत्य गब्बर के नाम से राशि निकाली, जबकि नियुक्ति की ही नहीं। 30 हजार की निर्माण सामग्री पर ज्यादा जीएसटी बता रकम रख ली।

3. कांकरियाबोर्डिया- वर्ष 2019 से 2021 के बीच 8,36,632/- की गड़बड़ी पाई गई। मजदूरों को कम राशि देकर रजिस्टर में ज्यादा दर्ज की। पेंटिंग के लिए मजदूर को 12670 रुपए देना लिखा गया, लेकिन वास्तव में उसे केवल 1100 रुपए ही मिले।

4. जिंदाखेड़ा – वर्ष 2019 से 2021 के दौरान निर्माण सामग्री आदि पर 36.43 लाख निकाले गए। सामग्री जीवन ट्रेडर्स से ली गई, जो ग्राम पंचायत के सचिव रामप्रसाद राठौर के पुत्र जीवन राठौर की है। यह फर्म भी मौके पर नहीं मिली है।

Ramswaroop Mantri

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