– सुसंस्कृति परिहार
भारत में आध्यात्मिक शक्तियों के झांसे में निरंतर महिलाएं फंसती चली जा रही हैं उन्होंने आसाराम और राम-रहीम जैसे अय्याशों से सबक नहीं सीखा है। इसलिए निरंतर ऐसे लोगों के चक्कर में फंस रही हैं।
आजकल कथावाचकों और कथित करिश्माई धर्मगुरुओं को कथित सनातनी संगठन संघ का स्नेहाशीष प्राप्त है। इसलिए उनकी सरकार ऐसे लोगों को प्रशय दे रही है इससे वोट का इंतजाम तो होता ही है इनके मायाजाल में युवतियां धड़ल्ले से शिकार हो रही है।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक मध्यप्रदेश में अपने रसूख की बदौलत भाजपा नेताओं और अधिकारियों तक अपनी पहुंच बनाने वाले पंचगनी अखाड़े के महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जाने माने कथा वाचक हैं। आजकल प्रदेश में उन्होंने बड़ी ख्याति अर्जित कर रखी है। जबलपुर जैसे शहर में रमणीक स्थल के पास हीरापुर में उनका आश्रम है ।कुल दस एकड़ ज़मीन है जिस पर उनका आश्रम तो है ही साथ में प्रवचन का कम्पाउन्ड पांच एकड़ में फैला है।जब उनके रेपिस्ट होने की जानकारी यहां पहुंची तो पहले कथावाचन दूसरे को सौंप अपने को उन्होंने कमरे में बंद कर लिया और बाहर उनके अस्वस्थ होने की खबर दी गई। बाद में इस बात का खुलासा हुआ स्वामी जी फरार हो गए हैं।उनकी चल रही भागवत कथा 15फरवरी तक होनी थी।
यह सब तब हुआ जब राजस्थान की एक युवती ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को अंग्रेजी में पत्र ईमेल से भेजकर अपने नाबालिगी से लेकर अब तक किए स्वामी के रेप की शिकायत दर्ज कर सनसनी फैला दी। उसने स्वामी गिरोह से सुरक्षा की मांग भी की है। विदित हो स्वामी के पास उसकी तमाम जानकारियां है। ज्ञात हुआ है कि वह उसके घर भी हो आया है वह यहां क्यों गया उसकी वजह यह है कि युवती के पास रेप के पर्याप्त प्रमाण है।जिससे यह बलात्कारी गैंग उसे और सम्बंधित प्रमाण नष्ट करने बेताब है।
बताया जा रहा है जैसे ही दिल्ली पुलिस कमिश्नर से शिकायत की बात सामने आई उसके लोगों ने समझौते की बात की है। युवती इसके पक्ष में नहीं है इसलिए उसके जीवन पर भी ख़तरा मंडरा रहा है। उम्मीद है, दिल्ली पुलिस कमिश्नर इस मामले को तरजीह देकर ना केवल युवती को पर्याप्त सुरक्षा देंगे।बल्कि अचानक जबलपुर से गायब कथित स्वामी को गिरफ्तार कर उचित कार्रवाई करेंगे।
भक्तों में चर्चा है कि स्वामी को राजनैतिक षड्यंत्र में फंसाया जा रहा किंतु यदि वे सही थे तो अपनी भागवत कथा बीच में छोड़ कर क्यों गायब हो गए।जबकि जन चर्चा में युवा कथित महामंडलेश्वर धूर्त है बड़ा भारी ठग है।इस पर बड़े-बड़े पदों पर बैठे अफसरों और राजनैतिक सरमाएदारों का हाथ भी है।यह संघ पोषित कथावाचक है।ऐसे एक नहीं बहुसंख्यक कथावाचक महिलाओं का यौन शोषण अपने दबदबे और रौब से कर रहे हैं। चर्चित कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के महिला उत्पीड़न आरोप ठंडे बस्ते में चले गए। छोटे छोटे इन एपस्टीनों से देश की महिलाओं को ख़तरा है।इनकी दूकान चलाने वालों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। महिलाओं की नासमझी को विकसित करने स्कूली छात्राओं को ऐसे धोखेबाज़ों की जीवनशैली से अवगत कराना होगा।ताकि वे इनसे महिलाओं को सावधान कर सकें।
सरकार ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में मदद क्यों कर करेगी जो ऐसे लोगों को प्रशय दे रही है। किंतु ये दायित्व प्रत्येक शिक्षक और समाजसेवी को निभाना होगा। विज्ञान और आध्यात्म को खुले तौर पर सामने लाना भी बहुत ज़रूरी है।
कुल मिलाकर,ऐसे कथित स्वयंभू महाराजों से दूरी ही फायदेमंद होगी।वरना स्त्री दमन और शोषण का सिलसिला और बढ़ता जाएगा।
आसाराम,राम-रहीम तो तत्कालीन कांग्रेस सरकार के राज में जेल चले गए किंतु वर्तमान सरकार से यह उम्मीद ना के बराबर है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर भी कितना सहयोग कर पाएंगे उम्मीद कम है। इसलिए उस युवती का साथ देने अंधभक्तों को छोड़ बाकी सभी को आना होगा। इतने जनांदोलनों के साथ एक आंदोलन ऐसे आध्यात्मिक कथा वाचकों के ख़िलाफ़ भी होना परमावश्यक है।






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